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फर्जी अभिलेखों से नौकरी हथियाने वाला शिक्षक बर्खास्त

Thu, 11 Apr 2019 01:34 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 11 Apr 2019 01:34 AM IST
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फर्जी अभिलेखों से नौकरी हथियाने वाला शिक्षक बर्खास्त
लखीमपुर खीरी। अफसरों की आंख में धूल झोककर फर्जी अभिलेखों से शिक्षक की नौकरी हथियाने वाले जालसाज शिक्षक की सेवा समाप्त कर दी गई है। जो करीब 10 साल तक विभाग को लाखों का चूना लगाता रहा। अभिलेखों की जांच प्रक्रिया में भी जालसाज को नहीं पकड़ा जा सका था, बल्कि असली अभिलेख वाले विपिन कुमार गुप्ता निवासी गोरखपुर की शिकायत पर मामला पकड़ में आया था।
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गोरखपुर के खोराबार (सूबा बाजार) निवासी विपिन कुमार गुप्ता केंद्रीय विद्यालय गोरखपुर में कार्यरत हैं, जिन्हें सितंबर 2018 में ऑनलाइन आईटीआर दाखिल करने के दौरान जानकारी हुई कि उनके पैन नंबर पर दो अन्य लोगों (लखीमपुर खीरी और बस्ती) के द्वारा आईटीआर दाखिल किया जा रहा है। इसके बाद विपिन ने इनकम टैक्स कमिश्नर गोरखपुर को प्रार्थना पत्र देकर मामले की जानकारी दी। साथ ही उसने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में अपने खाते के जरिए कराए फिक्स डिपॉजिट का प्रिंट निकलवाया, तो उसमें विपिन के असली पते की जगह प्राइमरी स्कूल हरेरामपुरवा धौरहरा का पता दर्ज मिला। इससे विपिन की परेशानी दोहरी हो गई, तो बैंक अधिकारियों ने बताया कि इसी पैन नंबर पर एसबीआई धौरहरा में खाता खोला गया है, जिसका पता सर्वर ने ले लिया है। इसके बाद विपिन ने अपने पैन नंबर की और पड़ताल की, तो पता चला कि बस्ती के बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त कार्यालय से टीडीएस डिपॉजिट किया जा रहा है। इसके बाद तो विपिन के होश फाख्ता हो गए, क्योंकि उनके पैन नंबर पर दो और लोगों का टीडीएस जमा किए जाने से किसी भारी मुसीबत में फंसने का डर सताने लगा। उन्होंने लखीमपुर और बस्ती के डीएम, बीएसए से शिकायत करने के साथ ही मुख्यमंत्री को शिकायत भेजकर धोखाधड़ी की जानकारी दी।
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जुलाई में बदल दिया पैन नंबर
धौरहरा ब्लाक के उच्च प्राथमिक विद्यालय हरेरामपुर में कथित विपिन कुमार गुप्ता की नियुक्ति 2009 में हुई थी। इसके बाद उसने जुलाई 2018 में पैन नंबर बदल दिया, तो वित्त एवं लेखाधिकारी दिलीप कुमार सिंह को शक हुआ। दो माह बाद ही असली विपिन कुमार गुप्ता की शिकायत प्राप्त हुई, जिसके बाद जांच में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हो सका।
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नोटिस के बाद भी जांच में उपस्थित नहीं हुआ शिक्षक
बीएसए ने गोरखपुर के विपिन कुमार गुप्ता के साथ ही धौरहरा ब्लाक के उच्च प्राथमिक विद्यालय हरेरामपुरवा में तैनात शिक्षक विपिन कुमार गुप्ता को मूल अभिलेखों के साथ 29 दिसंबर 2018 को तलब किया था। तय समय पर गोरखपुर से विपिन कुमार गुप्ता मूल अभिलेखों सहित जांच के लिए बीएसए के समक्ष उपस्थित हुए, लेकिन धौरहरा ब्लाक में तैनात विपिन कुमार गुप्ता बीएसए के समक्ष हाजिर नहीं हुए और न ही सितंबर से विद्यालय में उपस्थित हुए हैं।


दर्ज होगी एफआईआर
जांच के दौरान धौरहरा में तैनात शिक्षक विपिन कुमार गुप्ता को दोषी पाया गया है, जिसने फर्जी अभिलेखों के सहारे नौकरी हासिल की थी। इसलिए शिक्षक की नियुक्ति/पदस्थापन/प्रोन्नति को प्रारंभ से निरस्त करते हुए सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। साथ ही आरोपी के खिलाफ सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश बीईओ धौरहरा को दिए हैं।
- बुद्ध प्रिय सिंह, बीएसए
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