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बकरा चोरी के आरोपी को ग्रामीणों ने पीटकर किया बेदम, मौत
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,लखीमपुर खीरी
Updated Sat, 14 Apr 2018 07:54 PM IST
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police with culprit
गांव सुक्खनपुरवा के ग्रामीणों ने बकरा चोरी के आरोप में शुक्रवार की रात गांव बरोठा निवासी 30 वर्षीय सुरजी उर्फ लेखपाल को दबोच लिया और उसे पीटकर बेदम कर दिया। बाद में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने परिजनों के आने का भी इंतजार नहीं किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं पुलिस पर मरणासन्न हालत में सुरजी को थाने में रखने की भी खबरें वायरल हो रही हैं, हालांकि मृतक के भाई ने तहरीर में गांव वालों द्वारा अस्पताल ले जाने की बात लिखी है। आरोप यह भी है कि पुलिस ने तहरीर बदलवा दी। हालांकि पुलिस ने इन आरोपों को निराधार बताया है। मामले में मृतक के भाई की तहरीर पर छह लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या और एससी/एसटी एक्ट सहित संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। इधर पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है। सूचना पर एएसपी ने मौका मुआयना किया।
निघासन के गांव बरोठा निवासी बृजबिहारी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसका भाई सुरजी उर्फ लेखपाल 13 अप्रैल की शाम पांच बजे घर से गांव लखाही स्थित ससुराल में अपनी पुत्री पप्पी को लेने जा रहा था। सुरजी नशे में था। पैदल होने के कारण वह रास्ता भटक गया और गांव सुक्खनपुरवा पहुंच गया, जहां पर रामगुलाम, रामकेवल, छैलू, माता प्रसाद, रिंकू और अवधेश और कुछ लोगों ने सुरजी को अकेला देखकर उस पर जानलेवा हमला करते हुए लोहे के रॉड, डंडों से पीटकर अधमरा कर दिया। इसके बाद सुक्खनपुरवा के लोग सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र निघासन लाए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। आरोप है कि परिजनों को सूचना दिए बगैर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। तहरीर में यह भी लिखा है कि घटना के समय बरोठा के पूर्व प्रधान विजय कुमार को बुलाया गया था, जिन्होंने यह भी बताया कि सुरजी चोर नहीं है, फिरभी वह लोग उसे मारते पीटते रहे। उसके बाद हालत बिगड़ने पर विजय कुमार के सामने ही सुरजी को अस्पताल लाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया।
सुरजी चोरी करने के लिए रामगुलाम के घर में घुसा था। नशे में भी था। लोगों ने उसकी जमकर पिटाई कर दी और जब हालत बिगड़ गई तो उसे अस्पताल ले गए। मरणासन्न हालात में थाने ले जाने का आरोप गलत है। मामले में मृतक के भाई की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है और आरोपियों की तलाश में टीमें दबिश दे रही है।
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- डॉ. एस. चन्नप्पा, एसपी।
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निघासन के गांव बरोठा निवासी बृजबिहारी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसका भाई सुरजी उर्फ लेखपाल 13 अप्रैल की शाम पांच बजे घर से गांव लखाही स्थित ससुराल में अपनी पुत्री पप्पी को लेने जा रहा था। सुरजी नशे में था। पैदल होने के कारण वह रास्ता भटक गया और गांव सुक्खनपुरवा पहुंच गया, जहां पर रामगुलाम, रामकेवल, छैलू, माता प्रसाद, रिंकू और अवधेश और कुछ लोगों ने सुरजी को अकेला देखकर उस पर जानलेवा हमला करते हुए लोहे के रॉड, डंडों से पीटकर अधमरा कर दिया। इसके बाद सुक्खनपुरवा के लोग सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र निघासन लाए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। आरोप है कि परिजनों को सूचना दिए बगैर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। तहरीर में यह भी लिखा है कि घटना के समय बरोठा के पूर्व प्रधान विजय कुमार को बुलाया गया था, जिन्होंने यह भी बताया कि सुरजी चोर नहीं है, फिरभी वह लोग उसे मारते पीटते रहे। उसके बाद हालत बिगड़ने पर विजय कुमार के सामने ही सुरजी को अस्पताल लाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया।
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सुरजी चोरी करने के लिए रामगुलाम के घर में घुसा था। नशे में भी था। लोगों ने उसकी जमकर पिटाई कर दी और जब हालत बिगड़ गई तो उसे अस्पताल ले गए। मरणासन्न हालात में थाने ले जाने का आरोप गलत है। मामले में मृतक के भाई की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है और आरोपियों की तलाश में टीमें दबिश दे रही है।
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- डॉ. एस. चन्नप्पा, एसपी।