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सांपों का खिलाड़ी खुद हो गया सांप का शिकार, मौत
Updated Sat, 12 Aug 2017 05:35 PM IST
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सिकंद्रबाद (लखीमपुर खीरी)। सांपों को पकड़ने में माहिर थाना नीमगांव क्षेत्र के गांव झरवा निवासी 65 वर्षीय सपेरा बाबूराम शनिवार को खुद सांप का शिकार हो गया। बेहजम चौराहा पर स्थित एक दुकान में सर्प ने उन्हें पकड़ते समय डंस लिया। हालांकि सपेरा उसे मटके में बंद कर घर पहुंचा ही था कि उसकी हालत बिगड़ गई। घर वाले कुछ समझ पाते, इससे पहले ही सपेरे ने दम तोड़ दिया। इससे उसके परिवार में कोहराम मच गया।
गांव झरवा के ग्रामीणों और परिवार के लोगों ने बताया कि बाबूराम करीब 25 सालों से सांपों को पकड़ने का काम करते थे। वह इस काम में काफी माहिर थे। शनिवार की सुबह किसी ने सूचना दी थी कि बेहजम चौराहा स्थित चमन टेलर्स की दुकान में काला विषैला सर्प है। सूचना पर बाबूराम उसे पकड़ने दुकान पर पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बाबूराम ने करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सांप को पकड़ लिया। इस दौरान सांप उनके लिए काल बन गया और मटके में बंद करते सांप ने बाबूराम को डंस लिया। सर्प के काटने के बाद भी बाबूराम निडर रहे। मटकी लेकर बाबूराम घर पहुंच ही पाए थे कि उनकी हालत बिगड़ गई। परिवार के लोग कुछ समझ पाते और अस्पताल ले जाने की व्यवस्था करते, इससे पहले ही बाबूराम की मौत हो गई।
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गांव झरवा के ग्रामीणों और परिवार के लोगों ने बताया कि बाबूराम करीब 25 सालों से सांपों को पकड़ने का काम करते थे। वह इस काम में काफी माहिर थे। शनिवार की सुबह किसी ने सूचना दी थी कि बेहजम चौराहा स्थित चमन टेलर्स की दुकान में काला विषैला सर्प है। सूचना पर बाबूराम उसे पकड़ने दुकान पर पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बाबूराम ने करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सांप को पकड़ लिया। इस दौरान सांप उनके लिए काल बन गया और मटके में बंद करते सांप ने बाबूराम को डंस लिया। सर्प के काटने के बाद भी बाबूराम निडर रहे। मटकी लेकर बाबूराम घर पहुंच ही पाए थे कि उनकी हालत बिगड़ गई। परिवार के लोग कुछ समझ पाते और अस्पताल ले जाने की व्यवस्था करते, इससे पहले ही बाबूराम की मौत हो गई।
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