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बस का स्टेयरिंग फेल 25 घायल, छह रेफर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 10 Jan 2018 06:20 PM IST
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तिकुनियां से निघासन आ रही प्राइवेट बस स्टेयरिंग फेल हो जाने से पेड़ से टकराकर पलट गई। हादसे में बस में सवार 25 लोग घायल हो गए। बस की चपेट में आकर एक बाइक सवार भी घायल हो गया और बस चालक का पैर टूट गया। सड़क के किनारे खड़ी एक साइकिल पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। छह की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
तिकुनियां यूनियन की राना कंपनी की प्राइवेट बस यूपी 31टी 3168 बुधवार सुबह करीब 9.50 पर तिकुनियां से सवारियों को भरकर जिला मुख्यालय के लिए चली थी। यात्रियों के अनुसार करीब सौ की स्पीड से चल रही बस का स्टेयरिंग अचानक फेल हो गया और वह इंडेन गैस एजेंसी गोदाम के पास नई बस्ती जाने वाले रास्ते के पास करीब 11 बजे पेड़ से टकराकर पलट गई। यात्रियों की चीख पुकार सुनकर काम कर रहे मजदूरों और राहगीरों ने यात्रियों को बस से बाहर निकाला। इस दौरान बस की चपेट में आकर तहसील जा रहे एक वकील भी मामूली रूप से घायल हो गए। वहां से गुजर रहे व्यापार मंडल उपाध्यक्ष रामनरेश चुन्ना ने घायलों को अपनी बोलेरो से सीएचसी भिजवाया। सूचना पर एसओ अजय यादव ने, एसडीएम अखिलेश यादव, सीओ सविरत्न गौतम ने मौका मुआयना कर घायलों का हाल जाना। स्थानीय सीएचसी समेत तिकुनियां, रमियाबेहड़, धौरहरा और पलिया से एंबुलेस बुलवाकर घायलों को जिला अस्पताल ले जाया गया। गंभीर रूप से घायल लैब असिस्टेंट सर्वेश कुमार (55) निवासी उन्नाव, रामफल जायसवाल (53) निवासी सिंगहा खुर्द, चालक मोहम्मद आसिफ (42) निवासी लखीमपुर, पूरन कौर (55) निवासी रानीगंज, कहकशा(7) पुत्री हासिम निवासी बरोठा, हरी प्रकाश (49) निवासी खैरटिया कोतवाली तिकुनियां गंभीर रूप से घायल हुए है, जिन्हें जिला मुख्यालय रेफर किया गया है।
ये भी हुए घायल
इसके अलावा धनीराम (55) निवासी रामनगर, जगदीश प्रसाद (40) निवासी भैरमपुर, सुग्रीव (52), कमलेश (32), सुनीता (30) पत्नी कमलेश निवासी सायपुर लहरपुर जनपद सीतापुर, सगीर अहमद (45), चुन्नू (50) विक्की (23) निवासी सिंगाही, रफीक (63) बसंतापुर, हासिम (40) निवासी बरोठा, जमुना (42) निवासी तकियापुरवा, छात्रा राधिका गुप्ता (19), रेनू शर्मा (20) निवासी उमरा, विशेश्वर (55) निवासी सहिंजना आदि लोगों के सिर, पैर और हाथ में चोटें आई हैं। इन लोगों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
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ओवरलोड, ऊपर से बिना फिटनेस के फर्राटा भर रही थी बस
हादसे के खौफनाक मंजर से दहल गए यात्री
तिकुनियां से निघासन आ रही बस बिना फिटनेस के चल रही थी। पुलिस को बस के कागज तक दिखाने में मालिक नाकाम रहे। बस जब पेड़ से टकराई तो कई लोगों ने अपने बच्चों की जान बचाने के लिए उन्हें सीने से चिपका लिया। एक छात्रा अपनी सहेली को बस से निकालते समय चोटिल हो गई। इस खौफनाक मंजर को देखकर बस में सवार लोगों के दिल दहल गए।
सीतापुर जनपद के लहरपुर निवासी कमलेश पत्नी सुनीता और मासूम बच्चे खुशबू, सोनिया, मोहिनी के साथ ईंट भट्ठे पर मजदूरी करने के बाद अपने घर जा रहे थे। जब बस पलटी तो कमलेश और सुनीता ने तीनों बच्चों को सीने से चिपका लिया और तीनों बच्चों को खरोच तक नहीं आने दी। जबकि उन्हें बचाने के चक्कर में दोनों घायल हो गए। उमरा निवासी राधिका गुप्ता अपनी सहेली रेनू शर्मा के साथ गौतम बुद्ध डिग्री कॉलेज में पढ़ने के लिए आ रही थी। जब बस पलटी तो रेनू बस में फंस गई। रेनू के निकालने के चक्कर में राधिका भी चोटिल हो गई। सिसैया निवासी हसरतुन खौफ और ठंड के कारण सही से बोल भी नहीं पा रही थी। तारानगर निवासी पुष्पा, कौशल विकास प्रशिक्षण में काम कर रहे मजदूर नसीम, नन्हू, रमाशंकर, नसीम शमशाद आदि ने यात्रियों को बाहर निकाल कर सुरक्षित पहुंचाया। वहीं, चोट लगने के बावजूद कहकशा(7) पिता हासिम को बस के अंदर तलाशती हुई चिल्ला रही थी। रानीगंज की पूरन कौर ठंड के कारण कांप रही थी। वहीं प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बस में 100 से अधिक सवारियां भरी थी। पूरी बस सवारियों से खचाखच भरी थी। बस के अंदर इधर से उधर जाने तक की जगह नहीं थी।
जर्जर और बिना फिटनेस चल रही कई बसें
तिकुनियां और पलिया यूनियन की कई बसें बिना फिटनेस के चल रही हैं। तिकुनियां यूनियन की अधिकतर बसें जर्जर होने के कारण आए दिन खराब रहती हैं। एआरटीओ से लेकर पुलिस इन जर्जर बसों की ओर ध्यान नहीं दे रही है।
बुधवार को होती है चेकिंग
गौर करने की बात तो यह है कि प्रत्येक बुधवार को सभी थानों की पुलिस हेलमेट और सीट बेल्ट के अलावा वाहनों के कागज को चेक करती है। इसके बावजूद बेखौफ वाहन सड़कों पर दौड़ते नजर आते है।
बिना फिटनेस के बस चल रही थी। इसके अलावा बस के कागज भी दिखाने में मालिक असफल रहे हैं। मामले की जांच कर बस मालिक, चालक और परिचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
अजय यादव, एसओ
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तिकुनियां यूनियन की राना कंपनी की प्राइवेट बस यूपी 31टी 3168 बुधवार सुबह करीब 9.50 पर तिकुनियां से सवारियों को भरकर जिला मुख्यालय के लिए चली थी। यात्रियों के अनुसार करीब सौ की स्पीड से चल रही बस का स्टेयरिंग अचानक फेल हो गया और वह इंडेन गैस एजेंसी गोदाम के पास नई बस्ती जाने वाले रास्ते के पास करीब 11 बजे पेड़ से टकराकर पलट गई। यात्रियों की चीख पुकार सुनकर काम कर रहे मजदूरों और राहगीरों ने यात्रियों को बस से बाहर निकाला। इस दौरान बस की चपेट में आकर तहसील जा रहे एक वकील भी मामूली रूप से घायल हो गए। वहां से गुजर रहे व्यापार मंडल उपाध्यक्ष रामनरेश चुन्ना ने घायलों को अपनी बोलेरो से सीएचसी भिजवाया। सूचना पर एसओ अजय यादव ने, एसडीएम अखिलेश यादव, सीओ सविरत्न गौतम ने मौका मुआयना कर घायलों का हाल जाना। स्थानीय सीएचसी समेत तिकुनियां, रमियाबेहड़, धौरहरा और पलिया से एंबुलेस बुलवाकर घायलों को जिला अस्पताल ले जाया गया। गंभीर रूप से घायल लैब असिस्टेंट सर्वेश कुमार (55) निवासी उन्नाव, रामफल जायसवाल (53) निवासी सिंगहा खुर्द, चालक मोहम्मद आसिफ (42) निवासी लखीमपुर, पूरन कौर (55) निवासी रानीगंज, कहकशा(7) पुत्री हासिम निवासी बरोठा, हरी प्रकाश (49) निवासी खैरटिया कोतवाली तिकुनियां गंभीर रूप से घायल हुए है, जिन्हें जिला मुख्यालय रेफर किया गया है।
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ये भी हुए घायल
इसके अलावा धनीराम (55) निवासी रामनगर, जगदीश प्रसाद (40) निवासी भैरमपुर, सुग्रीव (52), कमलेश (32), सुनीता (30) पत्नी कमलेश निवासी सायपुर लहरपुर जनपद सीतापुर, सगीर अहमद (45), चुन्नू (50) विक्की (23) निवासी सिंगाही, रफीक (63) बसंतापुर, हासिम (40) निवासी बरोठा, जमुना (42) निवासी तकियापुरवा, छात्रा राधिका गुप्ता (19), रेनू शर्मा (20) निवासी उमरा, विशेश्वर (55) निवासी सहिंजना आदि लोगों के सिर, पैर और हाथ में चोटें आई हैं। इन लोगों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
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हादसे के खौफनाक मंजर से दहल गए यात्री
तिकुनियां से निघासन आ रही बस बिना फिटनेस के चल रही थी। पुलिस को बस के कागज तक दिखाने में मालिक नाकाम रहे। बस जब पेड़ से टकराई तो कई लोगों ने अपने बच्चों की जान बचाने के लिए उन्हें सीने से चिपका लिया। एक छात्रा अपनी सहेली को बस से निकालते समय चोटिल हो गई। इस खौफनाक मंजर को देखकर बस में सवार लोगों के दिल दहल गए।
सीतापुर जनपद के लहरपुर निवासी कमलेश पत्नी सुनीता और मासूम बच्चे खुशबू, सोनिया, मोहिनी के साथ ईंट भट्ठे पर मजदूरी करने के बाद अपने घर जा रहे थे। जब बस पलटी तो कमलेश और सुनीता ने तीनों बच्चों को सीने से चिपका लिया और तीनों बच्चों को खरोच तक नहीं आने दी। जबकि उन्हें बचाने के चक्कर में दोनों घायल हो गए। उमरा निवासी राधिका गुप्ता अपनी सहेली रेनू शर्मा के साथ गौतम बुद्ध डिग्री कॉलेज में पढ़ने के लिए आ रही थी। जब बस पलटी तो रेनू बस में फंस गई। रेनू के निकालने के चक्कर में राधिका भी चोटिल हो गई। सिसैया निवासी हसरतुन खौफ और ठंड के कारण सही से बोल भी नहीं पा रही थी। तारानगर निवासी पुष्पा, कौशल विकास प्रशिक्षण में काम कर रहे मजदूर नसीम, नन्हू, रमाशंकर, नसीम शमशाद आदि ने यात्रियों को बाहर निकाल कर सुरक्षित पहुंचाया। वहीं, चोट लगने के बावजूद कहकशा(7) पिता हासिम को बस के अंदर तलाशती हुई चिल्ला रही थी। रानीगंज की पूरन कौर ठंड के कारण कांप रही थी। वहीं प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बस में 100 से अधिक सवारियां भरी थी। पूरी बस सवारियों से खचाखच भरी थी। बस के अंदर इधर से उधर जाने तक की जगह नहीं थी।
जर्जर और बिना फिटनेस चल रही कई बसें
तिकुनियां और पलिया यूनियन की कई बसें बिना फिटनेस के चल रही हैं। तिकुनियां यूनियन की अधिकतर बसें जर्जर होने के कारण आए दिन खराब रहती हैं। एआरटीओ से लेकर पुलिस इन जर्जर बसों की ओर ध्यान नहीं दे रही है।
बुधवार को होती है चेकिंग
गौर करने की बात तो यह है कि प्रत्येक बुधवार को सभी थानों की पुलिस हेलमेट और सीट बेल्ट के अलावा वाहनों के कागज को चेक करती है। इसके बावजूद बेखौफ वाहन सड़कों पर दौड़ते नजर आते है।
बिना फिटनेस के बस चल रही थी। इसके अलावा बस के कागज भी दिखाने में मालिक असफल रहे हैं। मामले की जांच कर बस मालिक, चालक और परिचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
अजय यादव, एसओ