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पहले रस्म कराईं, फिर रिश्ता करने से कर दिया मना
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लखीमपुर खीरी। शहर निवासी लड़की का ऑन लाइन रिश्ता तय होने के बाद कन्या पक्ष ने रस्ते भी करा लीं और फिर शादी करने से इनकार कर दिया। इस पर कोलकाता निवासी वर पक्ष ने मुख्यमंत्री, डीएम, एसपी समेत उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर लाखों रुपये के जेवर और नकदी आदि सामान हथियाकर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। साथ ही कहा है कि विवाह के नाम पर इन लोगों का यह ठगी का धंधा है।
कोलकाता निवासी प्रसाद चंद्र खान ने बताया कि वह हिंदू हैं। उनके उपनाम में खान शब्द उनके पूर्वजों को लखनऊ के नवाब वाजिद अली शाह से मिला था। तबसे उनका परिवार हिंदू होते हुए भी नाम के साथ उपनाम में खान शब्द लिख रहा है। प्रसाद चंद्र ने शिकायती पत्र में लिखा है कि उनके पुत्र मोनोजीत चौधरी ने एक वैवाहिक वेबसाइट पर अपने विवाह का प्रस्ताव डाला था। वेबसाइट के जरिए ही उनके बेटे की विवाह संबंधी बात लखीमपुर निवासी युवती से हुई। इस दौरान मोनोजीत ने युवती को बताया कि शैक्षिक प्रमाण पत्रों में उसके नाम के साथ उपनाम में खान लिखा है। तब लड़की वालों को कोई ऐतराज नहीं हुआ। यहां तक कि तीन नवंबर को युवती के परिवार के गुरुजी मोनोजीत के कोलकाता स्थित घर गए और वहां रुके। लड़के वालों ने उन्हें भोज कराया और सम्मान में उपहार आदि दिए। वापसी में गुरुजी ने 10 नवंबर को लखीमपुर आकर लड़की के घर पर उसकी गोद भराई करने को कहा। इस पर वह लोग आए और ज्वेलरी आदि उपहार देकर लाखों रुपये खर्च कर दिया। इसके बाद लड़की वाले भी बीती नौ दिसंबर को कोलकाता उसके घर गए और वहां ठहरे। जहां भी इन लोगों ने आदर, सत्कार और उपहार में रुपये खर्च कर दिए। इसके बाद अब लड़की वाले कह रहे हैं कि उनके नाम के आगे खान लिखा है, इसलिए शादी नहीं करेंगे। उन्होंने गुहार लगाई है कि लड़की पक्ष वालों ने शादी के नाम पर ठगी की है। कार्रवाई की जाए ताकि कोई और धोखाधड़ी का शिकार न हो सके।
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कोलकाता निवासी प्रसाद चंद्र खान ने बताया कि वह हिंदू हैं। उनके उपनाम में खान शब्द उनके पूर्वजों को लखनऊ के नवाब वाजिद अली शाह से मिला था। तबसे उनका परिवार हिंदू होते हुए भी नाम के साथ उपनाम में खान शब्द लिख रहा है। प्रसाद चंद्र ने शिकायती पत्र में लिखा है कि उनके पुत्र मोनोजीत चौधरी ने एक वैवाहिक वेबसाइट पर अपने विवाह का प्रस्ताव डाला था। वेबसाइट के जरिए ही उनके बेटे की विवाह संबंधी बात लखीमपुर निवासी युवती से हुई। इस दौरान मोनोजीत ने युवती को बताया कि शैक्षिक प्रमाण पत्रों में उसके नाम के साथ उपनाम में खान लिखा है। तब लड़की वालों को कोई ऐतराज नहीं हुआ। यहां तक कि तीन नवंबर को युवती के परिवार के गुरुजी मोनोजीत के कोलकाता स्थित घर गए और वहां रुके। लड़के वालों ने उन्हें भोज कराया और सम्मान में उपहार आदि दिए। वापसी में गुरुजी ने 10 नवंबर को लखीमपुर आकर लड़की के घर पर उसकी गोद भराई करने को कहा। इस पर वह लोग आए और ज्वेलरी आदि उपहार देकर लाखों रुपये खर्च कर दिया। इसके बाद लड़की वाले भी बीती नौ दिसंबर को कोलकाता उसके घर गए और वहां ठहरे। जहां भी इन लोगों ने आदर, सत्कार और उपहार में रुपये खर्च कर दिए। इसके बाद अब लड़की वाले कह रहे हैं कि उनके नाम के आगे खान लिखा है, इसलिए शादी नहीं करेंगे। उन्होंने गुहार लगाई है कि लड़की पक्ष वालों ने शादी के नाम पर ठगी की है। कार्रवाई की जाए ताकि कोई और धोखाधड़ी का शिकार न हो सके।
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