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गुलचौरा की प्रीती का निकला गन्ने के खेत में मिला शव
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फरधान। कोढ़ैया गांव में मंगलवार को गन्ने के खेत में मिले युवती के शव की पहचान बृहस्पतिवार को हो गई। गांव गुलचौरा निवासी देवीदयाल ने वस्त्रों, बरामद सामान और शारीरिक अंगों के आधार पर पहले थाना फिर जिला अस्पताल की मोरचरी पहुंचकर शव की पहचान अपनी पुत्री प्रीती देवी (23) के रूप में की है।
मंगलवार की शाम कोढ़ैया निवासी अनूप गुप्ता के गन्ना के खेत में घास काटने गईं महिलाओं ने युवती का शव देखा था, लेकिन शिनाख्त नहीं हो पाई थी। पुलिस ने पहचान होने तक शव मोरचरी में रखवा दिया था। पिता देवीदयाल ने बताया कि 18 फरवरी को पत्नी को लेकर रिश्तेदारी में गए थे। घर पर पुत्री प्रीती देवी, भाई अनुज और पुत्रवधू थी। प्रीती 19 फरवरी की सुबह करीब दस बजे अपने छोटे भाई अजय से यह कहकर घर से अकेली निकली थी कि वह लखनापुर गांव में बालाजी के मंदिर पर मेला देखने जा रही है, उसके बाद वहां से बेहजम कान की दवा लेने जाएगी, लेकिन वह घर नहीं लौटी। जब 19 फरवरी की शाम वह घर लौटे तब उन्हें बेटी के लापता होने की जानकारी मिली। तलाश के बाद 22 फरवरी को उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। मंगलवार को अखबारों में युवती का शव मिलने की खबर पढ़कर वह लीलाकुंआ चौकी उसके बाद थाने पहुंचे, जहां उन्होंने वस्त्रों, पर्स, चप्पल और शारीरिक अंगों के आधार पर शव की पहचान अपनी बेटी प्रीती के रूप में की। शिनाख्त होने के बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
महीने भर पहले मायके आई थी प्रीती
प्रीती देवी विवाहित थी। नीमगांव थाना क्षेत्र के गांव लालपुर में उसकी ससुराल है, जबकि फरधान के गुलचौरा गांव में उसका मायका है। प्रीती का पति अरुण कुमार दिल्ली में काम करता है। मृतका के पिता देवीदयाल ने बताया महीने भर पहले उसके बाबा की मृत्यु होने पर प्रीती गुलचौरा आई थी। तबसे वह यहीं थी।
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क्या मेले से जुड़े हैं प्रीती की मौत के तार
परिवार की किसी से रंजिश नहीं है। पति भी दिल्ली में था, फिर प्रीती का अकेले मेला देखने जाना कई सवाल खड़े करता है। मेला वह स्वयं की इच्छा से गई थी या किसी के बुलाने पर पहुंची थी। जिस गांव में शव मिला है वहां से लखनापुर की दूरी करीब सात किलोमीटर है। फिलहाल प्रीती की मौत का राज पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
गायब मोबाइल से खुलेगा मौत का राज
प्रीती देवी के पास पर्स के साथ मोबाइल भी था। वह घर से दो सौ रुपये लेकर निकली थी। शव के पास उसका पर्स मिल गया था, जिसमें दस रुपये भी थे, लेकिन मोबाइल गायब था। पुलिस अब प्रीती के मोबाइल नंबर की सीडीआर डिटेल निकलवा रही है।
शव की शिनाख्त हो गई है। पुलिस मेले सहित कई बिंदुओं पर जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की वजह पता चलेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई बढ़ाई जाएगी।
- एसएन सिंह प्रभारी निरीक्षक, थाना फरधान
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मंगलवार की शाम कोढ़ैया निवासी अनूप गुप्ता के गन्ना के खेत में घास काटने गईं महिलाओं ने युवती का शव देखा था, लेकिन शिनाख्त नहीं हो पाई थी। पुलिस ने पहचान होने तक शव मोरचरी में रखवा दिया था। पिता देवीदयाल ने बताया कि 18 फरवरी को पत्नी को लेकर रिश्तेदारी में गए थे। घर पर पुत्री प्रीती देवी, भाई अनुज और पुत्रवधू थी। प्रीती 19 फरवरी की सुबह करीब दस बजे अपने छोटे भाई अजय से यह कहकर घर से अकेली निकली थी कि वह लखनापुर गांव में बालाजी के मंदिर पर मेला देखने जा रही है, उसके बाद वहां से बेहजम कान की दवा लेने जाएगी, लेकिन वह घर नहीं लौटी। जब 19 फरवरी की शाम वह घर लौटे तब उन्हें बेटी के लापता होने की जानकारी मिली। तलाश के बाद 22 फरवरी को उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। मंगलवार को अखबारों में युवती का शव मिलने की खबर पढ़कर वह लीलाकुंआ चौकी उसके बाद थाने पहुंचे, जहां उन्होंने वस्त्रों, पर्स, चप्पल और शारीरिक अंगों के आधार पर शव की पहचान अपनी बेटी प्रीती के रूप में की। शिनाख्त होने के बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
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महीने भर पहले मायके आई थी प्रीती
प्रीती देवी विवाहित थी। नीमगांव थाना क्षेत्र के गांव लालपुर में उसकी ससुराल है, जबकि फरधान के गुलचौरा गांव में उसका मायका है। प्रीती का पति अरुण कुमार दिल्ली में काम करता है। मृतका के पिता देवीदयाल ने बताया महीने भर पहले उसके बाबा की मृत्यु होने पर प्रीती गुलचौरा आई थी। तबसे वह यहीं थी।
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क्या मेले से जुड़े हैं प्रीती की मौत के तार
परिवार की किसी से रंजिश नहीं है। पति भी दिल्ली में था, फिर प्रीती का अकेले मेला देखने जाना कई सवाल खड़े करता है। मेला वह स्वयं की इच्छा से गई थी या किसी के बुलाने पर पहुंची थी। जिस गांव में शव मिला है वहां से लखनापुर की दूरी करीब सात किलोमीटर है। फिलहाल प्रीती की मौत का राज पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
गायब मोबाइल से खुलेगा मौत का राज
प्रीती देवी के पास पर्स के साथ मोबाइल भी था। वह घर से दो सौ रुपये लेकर निकली थी। शव के पास उसका पर्स मिल गया था, जिसमें दस रुपये भी थे, लेकिन मोबाइल गायब था। पुलिस अब प्रीती के मोबाइल नंबर की सीडीआर डिटेल निकलवा रही है।
शव की शिनाख्त हो गई है। पुलिस मेले सहित कई बिंदुओं पर जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की वजह पता चलेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई बढ़ाई जाएगी।
- एसएन सिंह प्रभारी निरीक्षक, थाना फरधान