{"_id":"5c60601fbdec222be7358926","slug":"101549819935-lakhimpur-kheri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर हुई सात","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर हुई सात
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लखीमपुर खीर। पलिया के पास शारदापुल के निकट शनिवार को हुए बस हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर सात हो गई है। उधर हादसे में मारे गए अज्ञात 15 वर्षीय किशोर के शव की शिनाख्त थाना भीरा के गांव मिट्ठू टांडा निवासी रामनरेश के रूप में हुई है। वह हादसे का शिकार हुई बस का हेल्पर था।
शनिवार की शाम लखीमपुर से सवारियां भरकर पलिया जा रही तेज रफ्तार प्राइवेट बस शारदा पुल के पास मोड़ पर अनियंत्रित होकर पलट गई थी। हादसे में थाना निघासन के गांव हरसिंगपुर निवासी बस चालक अरुण कुमार मिश्रा (35), थाना पलिया के लालपुर ढाका निवासी अशफाक अली (60) और महोली (सीतापुर) की मौके पर मौत हो गई थी, जबकि अस्पताल ले जाते समय लखीमपुर शहर के मोहल्ला हाथीपुर कोठार निवासी परिचालक कमल किशोर गुप्ता, पलिया थाना क्षेत्र के गांव लालपुर ढाका निवासी सकीना बेगम (40) और एक 15 वर्षीय अज्ञात किशोर की मौत हो गई थी। करीब 30 यात्री घायल हो गए थे। थाना भीरा के गांव मिट्ठू टांडा निवासी जगदीश सिंह रविवार की सुबह जिला अस्पताल की मोरचरी पहुंचे। उन्होंने अज्ञात शव की शिनाख्त अपने भतीजे रामनिवास (15) साल के रूप में की है। उन्होंने बताया कि रविवार की सुबह उन्हें हादसे की जानकारी हुई थी। थाना निघासन के गांव गोविंदपुर निवासी गिरविंदर सिंह की 24 वर्षीय पत्नी राजवीर सिंह को भीरा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिनकी मौत शनिवार की रात में ही हो गई थी। परिवार वालों ने पुलिस कार्रवाई से इनकार करते हुए शव का अंतिम संस्कार कर दिया है। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद सभी शव परिवार वालों को सौंप दिए।
चार यात्रियों की हालत गंभीर, लखनऊ रेफर
जिला अस्पताल में भर्ती घायल यात्रियों में से थाना पलिया के गांव कमी कुरियान निवासी अमन शुक्ला (28), हरगवां (सीतापुर) निवासी राहुल सिंह (30) और थाना हरगांव (सीतापुर) के गांव रामपुर बसैइहा निवासी अंकित (33) और संपूर्णानगर के गांव गद्दनियां निवासी प्रमोद की हालत गंभीर थी। जिस पर डॉक्टरों ने चारों को लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया है।
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हर आंख नम हर चेहरे पर मातम
लखीमपुर खीरी। भीरा-पलिया मार्ग पर शारदापुल के निकट बस खाई में पलटने से सात लोगों की मौत ने सभी को झकझोर दिया है। मृत लोगों के घरों पर चीख पुकार मची है। शवों का रविवार को पोस्टमार्टम हुआ। इस दौरान भारी भीड़ रही। शवों के पास बैठी महिलाओं की चीत्कार सन्नाटे को चीर रही थी। सात लोगों की मौत से हर आंख नम थी और मातम छाया हुआ था।
पलिया में बस हादसे में मारे गए लोगों के परिवारों के लोग सुबह ही पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। देखते ही देखते पोस्टमार्टम हाउस पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई। शवों के पास बैठी महिलाएं विलख रही थीं। महिलाओं का चीत्कार सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी भर आईं।
17 घंटे में पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे शव, भटकते रहे परिजन
लखीमपुर खीरी। हादसे में मारे गए लोगों के शवों को पुलिस ने वाहनों से शनिवार की शाम को ही लखीमपुर भेज दिया, लेकिन वाहन 76 किलोमीटर की दूरी दो घंटे की जगह 17 घंटे में तय कर सुबह 11 बजे पोस्टमार्टम हाउस लेकर पहुंचे। उधर मृतकों के घर वाले शवों को लेकर भटकते रहे। पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद मृत बस चालक और अन्य के परिवार वालों ने बताया कि उन्हें जब हादसे की जानकारी मिली तो पलिया पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने शव लखीमपुर भेजे जाने की सूचना दी। जब वह लोग लखीमपुर पहुंचे तो शव नहीं थे। इस पर पुलिस को भी फोन किया, लेकिन पुलिस ने सही बात नहीं बताई और उन्हें टहलाती रही। सुबह पुलिस ने बताया कि जिस वाहन से शव लखीमपुर भेजे गए थे। वह वाहन पड़रिया तुला के पास खराब हो गया था। इससे शव पहुंचने में देरी हुई। शवों की सही जानकारी न देने से परिवार वालों में काफी रोष था।
पिता-पुत्री का गांव पहुंचा शव तो मचा कोहराम
महंगापुर। पलिया बस हादसे में मारे गए लोगों में गांव लालपुर ढाका निवासी अशफाक और उसकी विवाहित पुत्री सकीना उर्फ गुरनाज बानों भी शामिल थी। हादसे में पिता-पुत्री की मरने की खबर जब परिवार वालों को मिली तो उनमें कोहराम मच गया। परिवार के लोग घटना स्थल की और दौड़ पड़े। गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचे तो शव देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
गांव लालपुर ढाका निवासी अशफाक अली के एक पुत्र अनवर और दो बेटियां हैं। उन्होंने बड़ी बेटे सकीना का निकाह थाना खीरी के गांव लगुचा निवासी यूनुस के साथ किया था। मृतक सकीना बानों के पति युनूस कई साल से गांव लालपुर ढाखा में ही मकान बनवाकर पत्नी और बच्चों के साथ रहते हैं। पोस्टमार्टम हाउस पर पति यूनुस ने बताया कि उसकी पत्नी सकीना अपने पिता अशफाक के साथ बिजली का बिल जमा करने गोला गई थीं। दोनों गोला से बस में सवार होकर बिजुआ पहुंचे। जहां से लखीमपुर से पलिया आ रही बस से घर वापस लौट रहे थे। बस हादसे में दोनों काल के गाल में समा गए। पहले पिता अशफाक और उसके दो घंटे बाद जब उनकी पुत्री सकीना की मौत की खबर आई तो परिवार में कोहराम मच गया। गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया। सकीना के दो बेटियां सवीना और सिफा है। सवीना की शादी हो चुकी है। रविवार की शाम पोस्टमार्टम के बाद जब दोनों शव गांव पहुंचे तो परिवार में कोहराम मच गया। शव देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। पलिया विधायक रोमी साहनी ने मृतक अशफाक और सकीना के घर पहुंचकर परिवार वालों को ढाढंस बंधाया। परिजनों को 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी दी। विधायक ने बताया कि मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मृतपरिवार को दस लाख रुपये देने का निवेदन किया गया है।
चार घायलों को अस्पताल से मिली छुट्टी
पलिया। बस हादसे में घायल पलिया अस्पताल में भर्ती गांव फरसहिया टांडा निवासी इकबाल हुसैन, रिजवाना, आरिफ और जैनुल को हालत में सुधार हुआ है, जिस पर डॉक्टर ने चारों को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया है। यह सभी फरसहिया टांडा के निवासी थे। प्रभारी निरीक्षक दीपक शुक्ल ने बताया कि मामले में अभी किसी तरफ से कोई तहरीर नहीं मिली है, जिस वजह से रिपोर्ट दर्ज नहीं की जा सकी है।
आईसीयू में रखा गया है प्रमोद
बस दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल प्रमोद कुमार को जिला अस्पताल के डॉक्टर ने लखनऊ रेफर कर दिया था। परिजनों के मुताबिक लखनऊ पहुंचने पर अस्पताल में बेड खाली नहीं होने की बात कह डॉक्टरों ने भर्ती नहीं किया। इस पर घर वालों ने प्रमोद को मेट्रो अस्पताल में भर्ती कराया है। जहां उनको वेंटिलेटर पर रखा गया है। प्रमोद अपने परिवार में कमाने वाला मुखिया है। उसके तीन बच्चे हैं। उनकी बूढ़ी मां भी उसके साथ ही रहती थी। वह अपनी पत्नी कमला तथा छोटे पुत्र अमन के साथ रिश्तेदारों के यहा रत्नापुर गया था। जहां से वापसी के समय हादसा हो गया। प्रमोद की पत्नी जिला अस्पताल में अभी भी भर्ती है, जबकि पुत्र अमन सुरक्षित है।
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शनिवार की शाम लखीमपुर से सवारियां भरकर पलिया जा रही तेज रफ्तार प्राइवेट बस शारदा पुल के पास मोड़ पर अनियंत्रित होकर पलट गई थी। हादसे में थाना निघासन के गांव हरसिंगपुर निवासी बस चालक अरुण कुमार मिश्रा (35), थाना पलिया के लालपुर ढाका निवासी अशफाक अली (60) और महोली (सीतापुर) की मौके पर मौत हो गई थी, जबकि अस्पताल ले जाते समय लखीमपुर शहर के मोहल्ला हाथीपुर कोठार निवासी परिचालक कमल किशोर गुप्ता, पलिया थाना क्षेत्र के गांव लालपुर ढाका निवासी सकीना बेगम (40) और एक 15 वर्षीय अज्ञात किशोर की मौत हो गई थी। करीब 30 यात्री घायल हो गए थे। थाना भीरा के गांव मिट्ठू टांडा निवासी जगदीश सिंह रविवार की सुबह जिला अस्पताल की मोरचरी पहुंचे। उन्होंने अज्ञात शव की शिनाख्त अपने भतीजे रामनिवास (15) साल के रूप में की है। उन्होंने बताया कि रविवार की सुबह उन्हें हादसे की जानकारी हुई थी। थाना निघासन के गांव गोविंदपुर निवासी गिरविंदर सिंह की 24 वर्षीय पत्नी राजवीर सिंह को भीरा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिनकी मौत शनिवार की रात में ही हो गई थी। परिवार वालों ने पुलिस कार्रवाई से इनकार करते हुए शव का अंतिम संस्कार कर दिया है। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद सभी शव परिवार वालों को सौंप दिए।
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चार यात्रियों की हालत गंभीर, लखनऊ रेफर
जिला अस्पताल में भर्ती घायल यात्रियों में से थाना पलिया के गांव कमी कुरियान निवासी अमन शुक्ला (28), हरगवां (सीतापुर) निवासी राहुल सिंह (30) और थाना हरगांव (सीतापुर) के गांव रामपुर बसैइहा निवासी अंकित (33) और संपूर्णानगर के गांव गद्दनियां निवासी प्रमोद की हालत गंभीर थी। जिस पर डॉक्टरों ने चारों को लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया है।
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हर आंख नम हर चेहरे पर मातम
लखीमपुर खीरी। भीरा-पलिया मार्ग पर शारदापुल के निकट बस खाई में पलटने से सात लोगों की मौत ने सभी को झकझोर दिया है। मृत लोगों के घरों पर चीख पुकार मची है। शवों का रविवार को पोस्टमार्टम हुआ। इस दौरान भारी भीड़ रही। शवों के पास बैठी महिलाओं की चीत्कार सन्नाटे को चीर रही थी। सात लोगों की मौत से हर आंख नम थी और मातम छाया हुआ था।
पलिया में बस हादसे में मारे गए लोगों के परिवारों के लोग सुबह ही पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। देखते ही देखते पोस्टमार्टम हाउस पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई। शवों के पास बैठी महिलाएं विलख रही थीं। महिलाओं का चीत्कार सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी भर आईं।
17 घंटे में पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे शव, भटकते रहे परिजन
लखीमपुर खीरी। हादसे में मारे गए लोगों के शवों को पुलिस ने वाहनों से शनिवार की शाम को ही लखीमपुर भेज दिया, लेकिन वाहन 76 किलोमीटर की दूरी दो घंटे की जगह 17 घंटे में तय कर सुबह 11 बजे पोस्टमार्टम हाउस लेकर पहुंचे। उधर मृतकों के घर वाले शवों को लेकर भटकते रहे। पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद मृत बस चालक और अन्य के परिवार वालों ने बताया कि उन्हें जब हादसे की जानकारी मिली तो पलिया पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने शव लखीमपुर भेजे जाने की सूचना दी। जब वह लोग लखीमपुर पहुंचे तो शव नहीं थे। इस पर पुलिस को भी फोन किया, लेकिन पुलिस ने सही बात नहीं बताई और उन्हें टहलाती रही। सुबह पुलिस ने बताया कि जिस वाहन से शव लखीमपुर भेजे गए थे। वह वाहन पड़रिया तुला के पास खराब हो गया था। इससे शव पहुंचने में देरी हुई। शवों की सही जानकारी न देने से परिवार वालों में काफी रोष था।
पिता-पुत्री का गांव पहुंचा शव तो मचा कोहराम
महंगापुर। पलिया बस हादसे में मारे गए लोगों में गांव लालपुर ढाका निवासी अशफाक और उसकी विवाहित पुत्री सकीना उर्फ गुरनाज बानों भी शामिल थी। हादसे में पिता-पुत्री की मरने की खबर जब परिवार वालों को मिली तो उनमें कोहराम मच गया। परिवार के लोग घटना स्थल की और दौड़ पड़े। गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचे तो शव देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
गांव लालपुर ढाका निवासी अशफाक अली के एक पुत्र अनवर और दो बेटियां हैं। उन्होंने बड़ी बेटे सकीना का निकाह थाना खीरी के गांव लगुचा निवासी यूनुस के साथ किया था। मृतक सकीना बानों के पति युनूस कई साल से गांव लालपुर ढाखा में ही मकान बनवाकर पत्नी और बच्चों के साथ रहते हैं। पोस्टमार्टम हाउस पर पति यूनुस ने बताया कि उसकी पत्नी सकीना अपने पिता अशफाक के साथ बिजली का बिल जमा करने गोला गई थीं। दोनों गोला से बस में सवार होकर बिजुआ पहुंचे। जहां से लखीमपुर से पलिया आ रही बस से घर वापस लौट रहे थे। बस हादसे में दोनों काल के गाल में समा गए। पहले पिता अशफाक और उसके दो घंटे बाद जब उनकी पुत्री सकीना की मौत की खबर आई तो परिवार में कोहराम मच गया। गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया। सकीना के दो बेटियां सवीना और सिफा है। सवीना की शादी हो चुकी है। रविवार की शाम पोस्टमार्टम के बाद जब दोनों शव गांव पहुंचे तो परिवार में कोहराम मच गया। शव देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। पलिया विधायक रोमी साहनी ने मृतक अशफाक और सकीना के घर पहुंचकर परिवार वालों को ढाढंस बंधाया। परिजनों को 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी दी। विधायक ने बताया कि मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मृतपरिवार को दस लाख रुपये देने का निवेदन किया गया है।
चार घायलों को अस्पताल से मिली छुट्टी
पलिया। बस हादसे में घायल पलिया अस्पताल में भर्ती गांव फरसहिया टांडा निवासी इकबाल हुसैन, रिजवाना, आरिफ और जैनुल को हालत में सुधार हुआ है, जिस पर डॉक्टर ने चारों को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया है। यह सभी फरसहिया टांडा के निवासी थे। प्रभारी निरीक्षक दीपक शुक्ल ने बताया कि मामले में अभी किसी तरफ से कोई तहरीर नहीं मिली है, जिस वजह से रिपोर्ट दर्ज नहीं की जा सकी है।
आईसीयू में रखा गया है प्रमोद
बस दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल प्रमोद कुमार को जिला अस्पताल के डॉक्टर ने लखनऊ रेफर कर दिया था। परिजनों के मुताबिक लखनऊ पहुंचने पर अस्पताल में बेड खाली नहीं होने की बात कह डॉक्टरों ने भर्ती नहीं किया। इस पर घर वालों ने प्रमोद को मेट्रो अस्पताल में भर्ती कराया है। जहां उनको वेंटिलेटर पर रखा गया है। प्रमोद अपने परिवार में कमाने वाला मुखिया है। उसके तीन बच्चे हैं। उनकी बूढ़ी मां भी उसके साथ ही रहती थी। वह अपनी पत्नी कमला तथा छोटे पुत्र अमन के साथ रिश्तेदारों के यहा रत्नापुर गया था। जहां से वापसी के समय हादसा हो गया। प्रमोद की पत्नी जिला अस्पताल में अभी भी भर्ती है, जबकि पुत्र अमन सुरक्षित है।