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नेपाल पुलिस ने साल भर में भारतीय तस्करों से तीन करोड़ का माल पकड़ा
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लखीमपुर खीरी। साल भर में भारतीय तस्करों के हाथों नेपाल गए तीन करोड़ का सामान वहां की पुलिस ने पकड़ा। नेपाल की कैलाली पुलिस ने यह खुलासा अपनी वार्षिक प्रगति रिपोर्ट में किया है। मतलब साफ है कि भारतीय सामान की नेपाल में बड़े पैमाने पर तस्करी बदस्तूर जारी है।
नेपाल के कैलाली जिला की सीमा लखीमपुर खीरी के तिकोनिया, चंदनचौकी, गौरीफंटा और संपूर्णानगर थाने की सीमा के अलावा दुधवा नेशनल के जंगल से लगी है। खुली सीमा पर लखीमपुर के खजुरिया से लेकर तिकोनिया तक बड़े पैमाने पर भारतीय सामान की तस्करी नेपाल में होती है। बीते साल भर में अवैध रूप से भारत से नेपाल पहुंचने के बाद वहां जब्त किए गए सामान की वार्षिक रिपोर्ट नेपाल पुलिस बल की 34 वाहिनी ने सार्वजनिक की है। नेपाल पुलिस की ओर से बताया गया कि साल भर में 3.04 करोड़ के भारतीय सामान की तस्करी नेपाल में हुई। वहां की पुलिस ने पकड़कर (कस्टम) के कैलाली के त्रिनगर भंसार दफ्तर में जमा कराया गया।
भारतीय सामान की तस्करी में तीन गुनी बढ़ोत्तरी
नेपाल पुलिस की मानें तो बीते दो वर्ष की तुलना में भारतीय सामान की तीन गुना अधिक पकड़ा गया। भारत से मोहाना नदी के घाटों से तस्करी में इजाफा देखा गया है। सशस्त्र पुलिस बल नेपाल नंबर 34 गण के प्रमुख और सशस्त्र पुलिस उपनिरीक्षक विष्णु भट्ट ने बताया कि नेपाल सीमा सुरक्षा बल के साथ तस्करी के खिलाफ अभियान चलाया गया। इसमें बड़ी सफलता मिली। तस्करी के सामान पर अभियान आगे भी चलता रहेगा। भारत और नेपाल पुलिस की चौकसी का दावा अपनी जगह रहा, मगर भारत-नेपाल सीमा पर तस्करी बढ़ती जा रही है, यह नेपाल पुलिस की रिपोर्ट से भी पता चल रहा है।
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सीमा के गांव तस्करों की शरणस्थली
भारतीय सीमा के गांव तस्करों की शरणस्थली बने हैं। राजनीतिक संरक्षण में बेरोजगार युवक-युवतियां और गरीब महिलाएं भी सामान की तस्करी के धंधे में लिप्त हैं। वे दिन के उजाले में छोटी-बड़ी गाड़ियों से चीनी, कपड़ा, रेडीमेड गारमेंट्स, हार्डवेयर, सेनेट्री सामान के अलावा दाल-चावल, मसाले, स्टेशनरी पहले बार्डर पर भेजते हैं। फिर रात के अंधेरे में यह सामान नेपाल की सीमा के पार पहुंच जाता है।
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नेपाल के कैलाली जिला की सीमा लखीमपुर खीरी के तिकोनिया, चंदनचौकी, गौरीफंटा और संपूर्णानगर थाने की सीमा के अलावा दुधवा नेशनल के जंगल से लगी है। खुली सीमा पर लखीमपुर के खजुरिया से लेकर तिकोनिया तक बड़े पैमाने पर भारतीय सामान की तस्करी नेपाल में होती है। बीते साल भर में अवैध रूप से भारत से नेपाल पहुंचने के बाद वहां जब्त किए गए सामान की वार्षिक रिपोर्ट नेपाल पुलिस बल की 34 वाहिनी ने सार्वजनिक की है। नेपाल पुलिस की ओर से बताया गया कि साल भर में 3.04 करोड़ के भारतीय सामान की तस्करी नेपाल में हुई। वहां की पुलिस ने पकड़कर (कस्टम) के कैलाली के त्रिनगर भंसार दफ्तर में जमा कराया गया।
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भारतीय सामान की तस्करी में तीन गुनी बढ़ोत्तरी
नेपाल पुलिस की मानें तो बीते दो वर्ष की तुलना में भारतीय सामान की तीन गुना अधिक पकड़ा गया। भारत से मोहाना नदी के घाटों से तस्करी में इजाफा देखा गया है। सशस्त्र पुलिस बल नेपाल नंबर 34 गण के प्रमुख और सशस्त्र पुलिस उपनिरीक्षक विष्णु भट्ट ने बताया कि नेपाल सीमा सुरक्षा बल के साथ तस्करी के खिलाफ अभियान चलाया गया। इसमें बड़ी सफलता मिली। तस्करी के सामान पर अभियान आगे भी चलता रहेगा। भारत और नेपाल पुलिस की चौकसी का दावा अपनी जगह रहा, मगर भारत-नेपाल सीमा पर तस्करी बढ़ती जा रही है, यह नेपाल पुलिस की रिपोर्ट से भी पता चल रहा है।
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सीमा के गांव तस्करों की शरणस्थली
भारतीय सीमा के गांव तस्करों की शरणस्थली बने हैं। राजनीतिक संरक्षण में बेरोजगार युवक-युवतियां और गरीब महिलाएं भी सामान की तस्करी के धंधे में लिप्त हैं। वे दिन के उजाले में छोटी-बड़ी गाड़ियों से चीनी, कपड़ा, रेडीमेड गारमेंट्स, हार्डवेयर, सेनेट्री सामान के अलावा दाल-चावल, मसाले, स्टेशनरी पहले बार्डर पर भेजते हैं। फिर रात के अंधेरे में यह सामान नेपाल की सीमा के पार पहुंच जाता है।