{"_id":"624f34305f72657135499c35","slug":"crackdown-on-the-13-year-old-case-the-forest-department-s-claim-on-willoughby-s-land-was-false-lakhimpur-news-bly4807112168","type":"story","status":"publish","title_hn":"13 वर्ष पुराने प्रकरण का हुआ पटाक्षेप, वन विभाग का विलोबी की जमीन पर दावा फुस्स","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
13 वर्ष पुराने प्रकरण का हुआ पटाक्षेप, वन विभाग का विलोबी की जमीन पर दावा फुस्स
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। विलोबी मेमोरियल हाल एवं वन विभाग के बीच 13 साल से जमीन के स्वामित्व को लेकर चल रहे विवाद का निस्तारण हो गया है। जिसमें वन विभाग का विलोबी हॉल की जमीन पर किया जा रहा दावा गलत साबित हुआ है।
विलोबी मेमोरियल हाल के सचिव ने डीएम महेंद्र बहादुर सिंह से शिकायत की थी कि विलोबी मेमोरियल हाल की संपत्ति वन विभाग की नहीं है, फिर भी वन विभाग ने हाल खाली कराने का नोटिस लगा दिया है। डीएम द्वारा प्रकरण की जांच के लिए एसडीएम सदर राजेश कुमार की अध्यक्षता में टीम का गठन किया गया। एसडीएम सदर के नेतृत्व में गठित टीम ने 70 वर्ष पुराने अभिलेखों का परीक्षण किया।
पांच अप्रैल को एसडीएम सदर की डीएफओ साउथ और उनके उच्च अधिकारियों से वार्ता की गई और पैमाइश कराकर वस्तुस्थिति से अवगत कराया गया कि गाटा संख्या तीन जिस पर विलोबी हाल बना है उसका कुल रकबा 2.687 हेक्टेयर है और वह वन विभाग की संपत्ति नहीं है।
विज्ञापन
वन विभाग के अधिकारियों ने भी सभी अभिलेख देखकर एसडीएम सदर के तर्कों को मानते हुए हाल को अपनी संपत्ति नहीं माना है। एसडीएम सदर राजेश कुमार ने बताया कि डीएम के हस्तक्षेप से 13 वर्ष पुराने प्रकरण का समाधान हो पाया है। अब भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न हो, जिसके लिए आवश्यक लिखापढ़ी की गई है।
विज्ञापन
विलोबी मेमोरियल हाल के सचिव ने डीएम महेंद्र बहादुर सिंह से शिकायत की थी कि विलोबी मेमोरियल हाल की संपत्ति वन विभाग की नहीं है, फिर भी वन विभाग ने हाल खाली कराने का नोटिस लगा दिया है। डीएम द्वारा प्रकरण की जांच के लिए एसडीएम सदर राजेश कुमार की अध्यक्षता में टीम का गठन किया गया। एसडीएम सदर के नेतृत्व में गठित टीम ने 70 वर्ष पुराने अभिलेखों का परीक्षण किया।
विज्ञापन
पांच अप्रैल को एसडीएम सदर की डीएफओ साउथ और उनके उच्च अधिकारियों से वार्ता की गई और पैमाइश कराकर वस्तुस्थिति से अवगत कराया गया कि गाटा संख्या तीन जिस पर विलोबी हाल बना है उसका कुल रकबा 2.687 हेक्टेयर है और वह वन विभाग की संपत्ति नहीं है।
विज्ञापन
वन विभाग के अधिकारियों ने भी सभी अभिलेख देखकर एसडीएम सदर के तर्कों को मानते हुए हाल को अपनी संपत्ति नहीं माना है। एसडीएम सदर राजेश कुमार ने बताया कि डीएम के हस्तक्षेप से 13 वर्ष पुराने प्रकरण का समाधान हो पाया है। अब भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न हो, जिसके लिए आवश्यक लिखापढ़ी की गई है।