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Lakhimpur Kheri News: वन्यजीवों के हमलों में मौतों पर काउंसिल चिंतित, 20 लाख रुपये मुआवजे की मांग
Fri, 23 Oct 2026 11:47 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Fri, 23 Oct 2026 11:47 PM IST
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प्रेसवार्ता में जानकारी देते ऑल इंडिया सिख पंजाबी वेलफेयर काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरपाल सि
लखीमपुर खीरी। जंगल और आबादी वाले क्षेत्रों में वन्यजीवों के हमलों से हो रही मौतों पर ऑल इंडिया सिख पंजाबी वेलफेयर काउंसिल ने चिंता जताई है। शुक्रवार को प्रेसवार्ता में काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरपाल सिंह जग्गी और प्रदेश अध्यक्ष हरपाल सिंह राणा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और वन मंत्री से प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की।
उन्होंने नौरंगाबाद, थाना सिंगाही निवासी मंजोत सिंह और रुकुंदीपुर, थाना फरधान में संदीप सोनी के पुत्र की वन्यजीवों के हमले में मौत का उल्लेख किया। उन्होंने ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए जंगलों और आबादी से सटे क्षेत्रों में नियमित गश्त, निगरानी कैमरे, चेतावनी प्रणाली और त्वरित बचाव दल की व्यवस्था करने की मांग की।
काउंसिल ने क्षतिग्रस्त वन सुरक्षा बैरिकेडिंग की मरम्मत कराने और वन विभाग के सुरक्षा कार्यों व बजट की तकनीकी जांच कराने की भी मांग की। साथ ही वन्यजीवों के हमलों में जान गंवाने वालों के परिवारों को न्यूनतम 20 लाख रुपये मुआवजा देने का प्रस्ताव शासन को भेजने की अपील की।
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पदाधिकारियों ने कहा कि प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता और सरकारी योजनाओं का लाभ जल्द मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि उद्देश्य सरकार की आलोचना करना नहीं, बल्कि मानव-वन्यजीव संघर्ष रोककर लोगों की जान बचाना है।
पदाधिकारियों ने कहा कि प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता और सरकारी योजनाओं का लाभ शीघ्र मिले। उद्देश्य सरकार की आलोचना करना नहीं, बल्कि मानव-वन्यजीव संघर्ष रोककर लोगों की जान बचाना है। संवाद
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उन्होंने नौरंगाबाद, थाना सिंगाही निवासी मंजोत सिंह और रुकुंदीपुर, थाना फरधान में संदीप सोनी के पुत्र की वन्यजीवों के हमले में मौत का उल्लेख किया। उन्होंने ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए जंगलों और आबादी से सटे क्षेत्रों में नियमित गश्त, निगरानी कैमरे, चेतावनी प्रणाली और त्वरित बचाव दल की व्यवस्था करने की मांग की।
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काउंसिल ने क्षतिग्रस्त वन सुरक्षा बैरिकेडिंग की मरम्मत कराने और वन विभाग के सुरक्षा कार्यों व बजट की तकनीकी जांच कराने की भी मांग की। साथ ही वन्यजीवों के हमलों में जान गंवाने वालों के परिवारों को न्यूनतम 20 लाख रुपये मुआवजा देने का प्रस्ताव शासन को भेजने की अपील की।
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पदाधिकारियों ने कहा कि प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता और सरकारी योजनाओं का लाभ जल्द मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि उद्देश्य सरकार की आलोचना करना नहीं, बल्कि मानव-वन्यजीव संघर्ष रोककर लोगों की जान बचाना है।
पदाधिकारियों ने कहा कि प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता और सरकारी योजनाओं का लाभ शीघ्र मिले। उद्देश्य सरकार की आलोचना करना नहीं, बल्कि मानव-वन्यजीव संघर्ष रोककर लोगों की जान बचाना है। संवाद