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रोड और यात्रीकर से बचने को सरेंडर हुई दो एसी समेत 13 अनुबंधित बसें
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लखीमपुर खीरी। परिवहन निगम ने एक जून से बस संचालन शुरू कर दिया, लेकिन निर्धारित आय न आने पर अनुबंधित बस मालिक शासन से टैक्स माफ करने की मांग कर रहे थे। ऐसे में निगम ने टैक्स माफ न कर इससे बचने के लिए बसें सरेंडर करने का अवसर दिया। इस पर लखीमपुर डिपो के बस मालिकों ने दो एसी समेत 13 एवं गोला एआरएम ने निगम की तीन बस एआरटीओ को सरेंडर कर दी।
बस संचालन तो एक जून से शुरू हो गया। मगर, सवारियां न मिलने से परिचालकों को निर्धारित आय लाना मुश्किल हो गया। 60 प्रतिशत से कम आय आने पर निगम की ओर से होने वाली कटौती को लेकर बस मालिकों से लेकर परिचालकों में नाराजगी थी। कटौती से आहत बस मालिक शासन से टैक्स माफ करने की मांग कर रहे थे। निगम प्रशासन ने टैक्स माफ करने के बजाय बस सरेंडर का मौका इस पर लखीमपुर डिपो के बस मालिकों ने अपनी 13 और गोला डिपो के एआरएम ने निगम की तीन बसें एआरटीओ को सरेंडर कर दी।
रोड और यात्री कर से बचने को किया सरेंडर
डिपो प्रशासन का कहना है निर्धारित आय न आने पर कटौती होती है। जबकि बस मालिकों को रोड और यात्री टैक्स पूरा देना होता है। इससे बचने के लिए ही बस मालिकों ने बसें सरेंडर की हैं।
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खर्चा न निकलने के कारण बस मालिकों ने अपनी बसें सरेंडर कर दी है। इसके बारे में शासन को अवगत करा दिया है।
- बीके सिंह, एआरटीओ प्रशासन
सवारियां न मिलने के कारण जिन बसों की आय में निरंतर गिरावट आ रही थी। उन बसों को उनके मालिकों ने एआरटीओ को सरेंडर कर दिया है। इनकी संख्या 13 है।
- एसपी सिंह, एआरएम
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बस संचालन तो एक जून से शुरू हो गया। मगर, सवारियां न मिलने से परिचालकों को निर्धारित आय लाना मुश्किल हो गया। 60 प्रतिशत से कम आय आने पर निगम की ओर से होने वाली कटौती को लेकर बस मालिकों से लेकर परिचालकों में नाराजगी थी। कटौती से आहत बस मालिक शासन से टैक्स माफ करने की मांग कर रहे थे। निगम प्रशासन ने टैक्स माफ करने के बजाय बस सरेंडर का मौका इस पर लखीमपुर डिपो के बस मालिकों ने अपनी 13 और गोला डिपो के एआरएम ने निगम की तीन बसें एआरटीओ को सरेंडर कर दी।
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रोड और यात्री कर से बचने को किया सरेंडर
डिपो प्रशासन का कहना है निर्धारित आय न आने पर कटौती होती है। जबकि बस मालिकों को रोड और यात्री टैक्स पूरा देना होता है। इससे बचने के लिए ही बस मालिकों ने बसें सरेंडर की हैं।
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खर्चा न निकलने के कारण बस मालिकों ने अपनी बसें सरेंडर कर दी है। इसके बारे में शासन को अवगत करा दिया है।
- बीके सिंह, एआरटीओ प्रशासन
सवारियां न मिलने के कारण जिन बसों की आय में निरंतर गिरावट आ रही थी। उन बसों को उनके मालिकों ने एआरटीओ को सरेंडर कर दिया है। इनकी संख्या 13 है।
- एसपी सिंह, एआरएम