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मंडी निरीक्षक की इलाज के दौरान लखनऊ में हुई मौत
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लखीमपुर खीरी। मंडी समिति राजापुर के मंडी निरीक्षक की इलाज के दौरान लखनऊ में बुधवार की रात 12 बजे मौत हो गई। जांच में वह कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। मंडी कर्मचारियों में शोक की लहर है।
मूल रूप से लखनऊ क्षेत्र के बक्सी का तालाब निवासी 48 वर्षीय मंडी निरीक्षक भगवान बक्स सिंह यादव कुछ महीने पहले ही स्थानांतरित होकर मंडी राजापुर आए थे। पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में 19 अप्रैल को हुए मतदान में उन्होंने ड्यूटी की थी, जिसके बाद उनकी तबीयत खराब हुई। इससे इलाज कराने के लिए वह 20 अप्रैल को ही छुट्टी लेकर घर चले गए। मंडी सचिव सुधांशु कुमार ने बताया कि परिजन ने मंडी निरीक्षक को इलाज के लिए लखनऊ के एक अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां पर उनकी जांच रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी। इसके बाद से वह भर्ती थे। करीब तीन दिनों से सांस लेने में दिक्कत हुई, तब से वह वेंटीलेटर पर थे। बुधवार की रात करीब 12 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया।
इससे दो दिन पहले मंडी सहायक अच्छेलाल की भी लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हो चुकी है, जिससे साथी कर्मचारियों में शोक की लहर दौड़ गई है। वहीं संपर्क में आए कर्मचारियों में दहशत भी बनी हुई है।
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टाइफाइड भी हो रहा जानलेवा, मंडी सचिव भी चपेट में आए
मंडी सहायक अच्छेलाल को टाइफाइड हुआ था, लेकिन वह कई दिनों तक बुखार की दवा पैरासीटामॉल खाकर काम करते रहे थे, जिससे समय पर समुचित इलाज न होने से उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद मंडी सचिव सुधांशु कुमार भी बुखार से पीड़ित हुए, तो उन्होंने खून की जांच कराई तो वह टाइफाइड पॉजिटिव मिले हैं। लिहाजा सचिव भी समुचित इलाज के लिए मंडी परिसर स्थित अपने सरकारी आवास में होम आइसोलेट हो गए हैं। संवाद
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मूल रूप से लखनऊ क्षेत्र के बक्सी का तालाब निवासी 48 वर्षीय मंडी निरीक्षक भगवान बक्स सिंह यादव कुछ महीने पहले ही स्थानांतरित होकर मंडी राजापुर आए थे। पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में 19 अप्रैल को हुए मतदान में उन्होंने ड्यूटी की थी, जिसके बाद उनकी तबीयत खराब हुई। इससे इलाज कराने के लिए वह 20 अप्रैल को ही छुट्टी लेकर घर चले गए। मंडी सचिव सुधांशु कुमार ने बताया कि परिजन ने मंडी निरीक्षक को इलाज के लिए लखनऊ के एक अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां पर उनकी जांच रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी। इसके बाद से वह भर्ती थे। करीब तीन दिनों से सांस लेने में दिक्कत हुई, तब से वह वेंटीलेटर पर थे। बुधवार की रात करीब 12 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया।
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इससे दो दिन पहले मंडी सहायक अच्छेलाल की भी लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हो चुकी है, जिससे साथी कर्मचारियों में शोक की लहर दौड़ गई है। वहीं संपर्क में आए कर्मचारियों में दहशत भी बनी हुई है।
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टाइफाइड भी हो रहा जानलेवा, मंडी सचिव भी चपेट में आए
मंडी सहायक अच्छेलाल को टाइफाइड हुआ था, लेकिन वह कई दिनों तक बुखार की दवा पैरासीटामॉल खाकर काम करते रहे थे, जिससे समय पर समुचित इलाज न होने से उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद मंडी सचिव सुधांशु कुमार भी बुखार से पीड़ित हुए, तो उन्होंने खून की जांच कराई तो वह टाइफाइड पॉजिटिव मिले हैं। लिहाजा सचिव भी समुचित इलाज के लिए मंडी परिसर स्थित अपने सरकारी आवास में होम आइसोलेट हो गए हैं। संवाद