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शादी अनुदान पर कोरोना संक्रमण का ग्रहण, दफ्तरों के चक्कर काट रहे अभिभावक
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लखीमपुर खीरी। गरीब परिवार की बेटियों की शादी के लिए मिलने वाला अनुदान इस बार जरूरतमंदों को नहीं मिल पाया है। बेटियों के हाथ पीले करने के लिए अनुदान पाने की उम्मीद में अभिभावक दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कोरोना महामारी के चलते सरकार से बजट नहीं मिल पाया है। इससे अधिकारी भी बजट न होने का हवाला देकर अभिभावकों को लौटा रहे हैं।
शादी अनुदान योजना और मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत इस वित्त वर्ष 2020-21 में एक भी आवेदक को लाभ नहीं मिल सका है। कोरोना महामारी के चलते मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम पर रोक लगी है, तो वहीं शादी अनुदान भी नहीं मिल पा रहा है। शादी अनुदान योजना के तहत लाभार्थी को एकमुश्त 20 हजार रुपये आर्थिक मदद दी जाती है, जबकि सामूहिक विवाह योजना में प्रत्येक जोड़े की शादी पर 51 हजार रुपये बजट निर्धारित है। इसमें से 45 हजार रुपये लाभार्थी कन्या को दिए जाते हैं। ओयल क्षेत्र के गांव डिहुआ निवासी अवधेश प्रताप अपनी बेटी की शादी करने के लिए अनुदान चाहते हैं और कई दिनों से शादी अनुदान के लिए समाज कल्याण विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। ऐसे ही कई गरीब पिता अनुदान न मिलने से अपनी बेटियों के हाथ पीले नहीं कर पा रहे हैं। जिला समाज कल्याण अधिकारी सुधांशु शेखर ने बताया कि सरकार ने इस वित्तीय वर्ष में शादी अनुदान में बजट रिलीज नहीं किया है, जिससे आवेदकों को लाभ नहीं दिया जा सका है। वहीं मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत अभी आवेदन जमा नहीं किए जा रहे हैं। सरकार के दिशा-निर्देश प्राप्त होने पर सामूहिक विवाह के लिए आवेदन मांगे जाएंगे।
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शादी अनुदान योजना और मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत इस वित्त वर्ष 2020-21 में एक भी आवेदक को लाभ नहीं मिल सका है। कोरोना महामारी के चलते मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम पर रोक लगी है, तो वहीं शादी अनुदान भी नहीं मिल पा रहा है। शादी अनुदान योजना के तहत लाभार्थी को एकमुश्त 20 हजार रुपये आर्थिक मदद दी जाती है, जबकि सामूहिक विवाह योजना में प्रत्येक जोड़े की शादी पर 51 हजार रुपये बजट निर्धारित है। इसमें से 45 हजार रुपये लाभार्थी कन्या को दिए जाते हैं। ओयल क्षेत्र के गांव डिहुआ निवासी अवधेश प्रताप अपनी बेटी की शादी करने के लिए अनुदान चाहते हैं और कई दिनों से शादी अनुदान के लिए समाज कल्याण विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। ऐसे ही कई गरीब पिता अनुदान न मिलने से अपनी बेटियों के हाथ पीले नहीं कर पा रहे हैं। जिला समाज कल्याण अधिकारी सुधांशु शेखर ने बताया कि सरकार ने इस वित्तीय वर्ष में शादी अनुदान में बजट रिलीज नहीं किया है, जिससे आवेदकों को लाभ नहीं दिया जा सका है। वहीं मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत अभी आवेदन जमा नहीं किए जा रहे हैं। सरकार के दिशा-निर्देश प्राप्त होने पर सामूहिक विवाह के लिए आवेदन मांगे जाएंगे।
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