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कोरोना संक्रमण: डरें नहीं... सावधानी बरतें
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लखीमपुर खीरी। कोरोना से बचने के लिए डरने की नहीं बल्कि सावधानी बरतने की जरूरत है। जिला अस्पताल की फ्लू ओपीडी में शुक्रवार को सर्दी, जुकाम और बुखार पीड़ित 220 लोगों का परीक्षण किया गया। इसमें 13 लोग ऐसे थे जो झांसी, गुजरात, दिल्ली एवं गैर जिलों से आए थे। डॉक्टरों ने स्वास्थ्य परीक्षण कर सभी को 14 दिन तक घर पर क्वारंटीन की सलाह दी।
सात दिन में बनारस से पहुंचे लखीमपुर
गोला तहसील क्षेत्र के गांव बांसी निवासी महेश मिश्रा, सुनील मिश्रा और सिकंद्राबाद निवासी अरुण कुमार मिश्रा 20 दिन पहले बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने के लिए बनारस गए थे। वहां पहुंचते ही लॉकडाउन की घोषणा हो गई। महेश मिश्रा ने बताया कि वाहन बंद हो जाने पर पैदल ही घर के लिए निकल पड़े। लखीमपुर आने में सात दिन लग गए। डॉक्टर से परीक्षण कराया है। उन्होंने 14 दिन तक घर में अकेले में रहने को कहा है।
ऐसे बरतें सावधानी
खांसी बुखार होने की स्थिति में किसी के करीब न जाएं। भीड़ वाली जगहों पर जाने से परहेज करें। बार बार आंख, नाक और मुंह को न छुए।
ऐसे फैलता है वायरस
डॉक्टर बताते हैं कि कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति जब खांसता या छींकता है तो इस दौरान नाक और मुंह से निकलने वाले कण इधर-उधर गिर जाते हैं। ये मेज, कुर्सी, दरवाजों के हैंडिल आदि पर रह जाते हैं। जहां पर दूसरे व्यक्ति का हाथ पड़ते ही यह उसमें चिपक जाते हैं। फिर इन्हीं हाथ से नाक, मुंह और आंख को छूने पर ये कण आपके शरीर में पहुंच जाते हैं। इसमें मौजूद वायरस शरीर में जाकर संक्रमित करते हैं।
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जिन लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे। उन सबकी रिपोर्ट निगेटिव है। जिलेवासियों से अपील है कि कोरोना संक्रमण से डरने के बजाय सावधानी बरतने की जरूरत है। घर से बाहर निकलने पर सामाजिक दूरी बनाए रखें।
-डॉ. मनोज अग्रवाल, सीएमओ
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सात दिन में बनारस से पहुंचे लखीमपुर
गोला तहसील क्षेत्र के गांव बांसी निवासी महेश मिश्रा, सुनील मिश्रा और सिकंद्राबाद निवासी अरुण कुमार मिश्रा 20 दिन पहले बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने के लिए बनारस गए थे। वहां पहुंचते ही लॉकडाउन की घोषणा हो गई। महेश मिश्रा ने बताया कि वाहन बंद हो जाने पर पैदल ही घर के लिए निकल पड़े। लखीमपुर आने में सात दिन लग गए। डॉक्टर से परीक्षण कराया है। उन्होंने 14 दिन तक घर में अकेले में रहने को कहा है।
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ऐसे बरतें सावधानी
खांसी बुखार होने की स्थिति में किसी के करीब न जाएं। भीड़ वाली जगहों पर जाने से परहेज करें। बार बार आंख, नाक और मुंह को न छुए।
ऐसे फैलता है वायरस
डॉक्टर बताते हैं कि कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति जब खांसता या छींकता है तो इस दौरान नाक और मुंह से निकलने वाले कण इधर-उधर गिर जाते हैं। ये मेज, कुर्सी, दरवाजों के हैंडिल आदि पर रह जाते हैं। जहां पर दूसरे व्यक्ति का हाथ पड़ते ही यह उसमें चिपक जाते हैं। फिर इन्हीं हाथ से नाक, मुंह और आंख को छूने पर ये कण आपके शरीर में पहुंच जाते हैं। इसमें मौजूद वायरस शरीर में जाकर संक्रमित करते हैं।
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जिन लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे। उन सबकी रिपोर्ट निगेटिव है। जिलेवासियों से अपील है कि कोरोना संक्रमण से डरने के बजाय सावधानी बरतने की जरूरत है। घर से बाहर निकलने पर सामाजिक दूरी बनाए रखें।
-डॉ. मनोज अग्रवाल, सीएमओ