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Lakhimpur Kheri News: केरल तक जुड़े धर्मांतरण के तार, तराई में फैले नेटवर्क की जांच तेज
Tue, 09 Jun 2026 11:43 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 09 Jun 2026 11:43 PM IST
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लखीमपुर खीरी। भारत-नेपाल सीमा से सटा जिला धर्मांतरण के मामलों को लेकर एक बार फिर चर्चा में है। यहां हाल के दिनों में सामने आए मामले इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि धर्मांतरण गतिविधियों का नेटवर्क केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार दूसरे राज्यों तक भी फैले हैं।
दो दिन पहले सीतापुर पुलिस की तरफ से खीरी में रह रहे केरल के एक व्यक्ति की इसी सिलसिले में हुई गिरफ्तारी के बाद इस आशंका को बल मिला है। पुलिस अब इसी पहलू को केंद्र में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है। हाल ही में थाना सिंगाही क्षेत्र के दलराजपुर गांव में धर्मांतरण के प्रयास के आरोप में पुलिस ने खैरटिया थाना तिकोनिया निवासी विजय कुमार तथा सरकारी शिक्षक शिव प्रसाद गौतम निवासी प्रेमनगर थाना पढ़ुआ को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इस मामले की जांच अभी जारी ही थी कि पड़ोसी जनपद सीतापुर में भी धर्मांतरण से जुड़े एक मामले में कार्रवाई सामने आ गई।
सीतापुर पुलिस ने दो दिन पहले हरगांव क्षेत्र से सुरेश चंद्र की गिरफ्तारी के बाद लखीमपुर खीरी के मढ़ैया, ओयल निवासी कमलेश कुमार, अमकोटवा थाना गोला निवासी श्रवण कुमार तथा भीरा क्षेत्र में रह रहे अरुण एशुदाशन को गिरफ्तार किया।
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जांच में सबसे अहम तथ्य अरुण एशुदाशन को लेकर सामने आया है। पुलिस के अनुसार, वह मूल रूप से केरल का निवासी है और तराई क्षेत्र में रहकर धर्मांतरण गतिविधियों से जुड़े मिशन के संपर्क में था।
पूछताछ में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए कुछ लोग वर्ष 2002 से ईसाई मिशनरी सेंट्रल यूपी मिशन से जुड़े रहे हैं। इस खुलासे के बाद जांच एजेंसियों का ध्यान नेटवर्क के विस्तार और उसके बाहरी संपर्कों पर केंद्रित हो गया है।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस पूरे नेटवर्क में उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों के कौन-कौन से व्यक्ति, संगठन अथवा संस्थाएं शामिल रही हैं। विशेष रूप से केरल से जुड़े कनेक्शन की पड़ताल की जा रही है। जांचकर्ता यह भी खंगाल रहे हैं कि सीमा से सटे तराई क्षेत्र में सक्रिय लोगों के बीच संपर्क और संसाधनों का आदान-प्रदान किस स्तर पर होता रहा है।
सीमा क्षेत्र होने के कारण लखीमपुर खीरी पहले से ही सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों की निगाह में रहता है। ऐसे में दूसरे राज्यों से जुड़ते कथित धर्मांतरण नेटवर्क के संकेत मिलने के बाद पुलिस और खुफिया तंत्र ने कड़ियों को जोड़ना शुरू कर दिया है।
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पिछले 10 महीनों में तीन बड़े मामले आए सामने
-खीरी जिले में तकरीबन सवा सौ किमी लंबी भारत-नेपाल की खुली सीमा है। सीमा क्षेत्र के गांवों में धर्मांतरण के मामले को लेकर संवेदनशीलता बनी रही है। बीते 10 महीनों में जिले में तीन बड़े मामले चर्चा में रहे हैं। इसमें पहला मामलो अगस्त 2025 में सदर कोतवाली क्षेत्र में सामने आया था, जिसमें एक हिंदू युवती का धर्मांतरध करने का आरोप जिम ट्रेनर समीर पर लगा था। इसके बाद दिसंबर 2025 में मितौली के रन्नूपुर गांव में चंगाई सभा के दौरान कथित रूप से धर्मांतरण की कोशिश पर भी बड़ा हंगामा हुआ था। जनवरी 2026 में फूलबेहड़ के सुरजीपुरवा गांव में चंगाई सभा के दौरान सामूहकि रूप से 70 लोगों के धर्मांतरण की कोशिश का बड़ा मामले सामने आया था। इसमें पादरी समेत चार लोगों पर केस भी दर्ज हुआ था।
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सिंगाही के दलराजपुरवा वाले मामले में दोनों आरोपियों को जेल भेजा गया है। इसके साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि इन लोगों से और कौन-कौन जुड़ा है। कहां से इस नेटवर्क को फंडिंग हो रही है। सीतापुर के मामले में जो खीरी के लोग पकड़े गए हैं, उनके बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। संवेदनशील सीमा क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश सुरक्षा एजेंसियों को दिए गएहै।
-डॉ. ख्याति गर्ग, एसपी
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दो दिन पहले सीतापुर पुलिस की तरफ से खीरी में रह रहे केरल के एक व्यक्ति की इसी सिलसिले में हुई गिरफ्तारी के बाद इस आशंका को बल मिला है। पुलिस अब इसी पहलू को केंद्र में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है। हाल ही में थाना सिंगाही क्षेत्र के दलराजपुर गांव में धर्मांतरण के प्रयास के आरोप में पुलिस ने खैरटिया थाना तिकोनिया निवासी विजय कुमार तथा सरकारी शिक्षक शिव प्रसाद गौतम निवासी प्रेमनगर थाना पढ़ुआ को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इस मामले की जांच अभी जारी ही थी कि पड़ोसी जनपद सीतापुर में भी धर्मांतरण से जुड़े एक मामले में कार्रवाई सामने आ गई।
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सीतापुर पुलिस ने दो दिन पहले हरगांव क्षेत्र से सुरेश चंद्र की गिरफ्तारी के बाद लखीमपुर खीरी के मढ़ैया, ओयल निवासी कमलेश कुमार, अमकोटवा थाना गोला निवासी श्रवण कुमार तथा भीरा क्षेत्र में रह रहे अरुण एशुदाशन को गिरफ्तार किया।
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जांच में सबसे अहम तथ्य अरुण एशुदाशन को लेकर सामने आया है। पुलिस के अनुसार, वह मूल रूप से केरल का निवासी है और तराई क्षेत्र में रहकर धर्मांतरण गतिविधियों से जुड़े मिशन के संपर्क में था।
पूछताछ में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए कुछ लोग वर्ष 2002 से ईसाई मिशनरी सेंट्रल यूपी मिशन से जुड़े रहे हैं। इस खुलासे के बाद जांच एजेंसियों का ध्यान नेटवर्क के विस्तार और उसके बाहरी संपर्कों पर केंद्रित हो गया है।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस पूरे नेटवर्क में उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों के कौन-कौन से व्यक्ति, संगठन अथवा संस्थाएं शामिल रही हैं। विशेष रूप से केरल से जुड़े कनेक्शन की पड़ताल की जा रही है। जांचकर्ता यह भी खंगाल रहे हैं कि सीमा से सटे तराई क्षेत्र में सक्रिय लोगों के बीच संपर्क और संसाधनों का आदान-प्रदान किस स्तर पर होता रहा है।
सीमा क्षेत्र होने के कारण लखीमपुर खीरी पहले से ही सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों की निगाह में रहता है। ऐसे में दूसरे राज्यों से जुड़ते कथित धर्मांतरण नेटवर्क के संकेत मिलने के बाद पुलिस और खुफिया तंत्र ने कड़ियों को जोड़ना शुरू कर दिया है।
पिछले 10 महीनों में तीन बड़े मामले आए सामने
-खीरी जिले में तकरीबन सवा सौ किमी लंबी भारत-नेपाल की खुली सीमा है। सीमा क्षेत्र के गांवों में धर्मांतरण के मामले को लेकर संवेदनशीलता बनी रही है। बीते 10 महीनों में जिले में तीन बड़े मामले चर्चा में रहे हैं। इसमें पहला मामलो अगस्त 2025 में सदर कोतवाली क्षेत्र में सामने आया था, जिसमें एक हिंदू युवती का धर्मांतरध करने का आरोप जिम ट्रेनर समीर पर लगा था। इसके बाद दिसंबर 2025 में मितौली के रन्नूपुर गांव में चंगाई सभा के दौरान कथित रूप से धर्मांतरण की कोशिश पर भी बड़ा हंगामा हुआ था। जनवरी 2026 में फूलबेहड़ के सुरजीपुरवा गांव में चंगाई सभा के दौरान सामूहकि रूप से 70 लोगों के धर्मांतरण की कोशिश का बड़ा मामले सामने आया था। इसमें पादरी समेत चार लोगों पर केस भी दर्ज हुआ था।
सिंगाही के दलराजपुरवा वाले मामले में दोनों आरोपियों को जेल भेजा गया है। इसके साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि इन लोगों से और कौन-कौन जुड़ा है। कहां से इस नेटवर्क को फंडिंग हो रही है। सीतापुर के मामले में जो खीरी के लोग पकड़े गए हैं, उनके बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। संवेदनशील सीमा क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश सुरक्षा एजेंसियों को दिए गएहै।
-डॉ. ख्याति गर्ग, एसपी