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मंडलीय समीक्षा बैठक: सीएम का थारू जनजाति को मुख्यधारा में लाने पर जोर
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समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के निर्देश सुनते डीएम, सांसद समेत सभी विधायक। संवाद
- फोटो : LAKHIMPUR
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लखीमपुर खीरी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार की शाम को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जनपद के जनप्रतिनिधियों, डीएम एवं सीडीओ के साथ लखनऊ मंडल के जनपदों की विकास कार्यों की समीक्षा की, जिसमें लखीमपुर खीरी की समीक्षा में थारू जनजाति को मुख्यधारा में लाने की प्रतिबद्धता जाहिर करते हुए कहा कि इस कार्य में स्वयं सहायता समूहों की मदद ली जाए। पात्रों के राशन कार्ड बनाएं, प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाएं।
डीएम ने बताया-थारू जनजाति क्षेत्र के समग्र विकास के लिए 174.79 लाख की लागत से थारू शिल्प ग्राम की स्थापना की गई है। इसमें एक थारू हैरिटेज वर्क रोड, 10 थारू शिल्प विक्रय प्रदर्शन केंद्र, एक थारू शिल्प वस्त्र एवं प्रशिक्षण केंद्र, एक थारू रेस्टोरेंट, चार थारू हट, एक थारू नृत्य संगीत केंद्र, 10 सोलर स्ट्रीट लाइट एवं एक थारू म्यूजियम भी शामिल है। डीएम ने बताया दो थारू क्षेत्र के छह उपकेंद्रों धुसकिया, चंदनचौकी, निझौटा, छेदिया पश्चिम, वनकटी एवं गौरीफंटा में 24 घंटे प्रसव सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
मुख्यमंत्री ने कोविड-19 के तहत कार्ययोजना बनाने, कांटेक्ट ट्रेसिंग और सर्विलांस को बढ़ाने के निर्देश दिए। संक्रमण की दर को चार प्रतिशत से नीचे और मृत्यु दर को एक प्रतिशत की दर से नीचे लाने पर जोर दिया। साथ ही प्रधानमंत्री आवासों तथा शौचालयों को जीओ टैंगिंग कराते हुए उनका भौतिक सत्यापन कराने की बात कही।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों में सामुदायिक शौचालयों और पंचायत भवनों के निर्माण के लिए जमीन का चिह्नांकन शीघ्र कराया जाए। स्मार्ट सिटी और अमृत योजना के तहत कराए जा रहे कार्यों की प्रगति बढ़ाई जाए। आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत कार्यों में और तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर बैंकर्स कमेटियों की बैठक कर कृषि आधारभूत संरचना और आत्मनिर्भर भारत के तहत होने वाले कार्यों की विस्तृत समीक्षा की जाए। नए सीजन प्रारंभ होने से पहले पुराने गन्ना मूल्य का भुगतान पूरा कराने के निर्देश डीएम को दिए। कहा-नए धान खरीद सीजन में यदि अतिरिक्त क्रय केंद्रों की आवश्यकता है तो उन्हें शीघ्र स्थापित किया जाए। कोविड-19 के नियमों का पालन करते हुए संपूर्ण समाधान दिवस, थाना समाधान दिवस का आयोजन सुनिश्चित किया जाए। ऊर्जा विभाग द्वारा विद्युत की आपूर्ति रोस्टर के अनुसार सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यदि गलत बिल आता है तो संबंधित की जिम्मेदारी सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने सांसद विकास निधि व विधायक विकास निधि के योजना के तहत कराए गए कार्यों की समीक्षा की तो खीरी सांसद अजय मिश्र ने बताया कि सांसद निधि से 34 कार्यों की स्वीकृति के सापेक्ष 10 कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं।
मनरेगा से 63 लाख से ज्यादा मानव दिवस का किया गया सृजन
समीक्षा के दौरान डीएम ने बताया कि मनरेगा से अब तक 62.28 लाख मानव दिवस के सृजन के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 63.45 लाख मानव दिवसों का सृजन किया जा चुका है।
जनप्रतिनिधियों ने उठाई क्षेत्र की समस्याएं
मुख्यमंत्री से वार्ता के दौरान विधायक निघासन शशांक वर्मा ने निघासन में बाढ़ से सड़कों को हुए नुकसान को देखते हुए सड़कों की मरम्मत, क्षेत्र में टूरिज्म सेंटर, मुंसिफ कोर्ट, पोस्टमार्टम हाउस की स्थापना, उपमंडी का कार्य, स्टेडियम की स्थापना, ग्राम माझा में पुल का निर्माण, ढखेरवा/कौढियाला रोड बनाए जाने की मांग की। विधायक श्रीनगर ने मांग की कि उनकी विधानसभा तराई क्षेत्र में होने के कारण गन्ने की फसल बाढ़ से प्रभावित होती है। अत: प्रभावित प्रत्येक गन्ना किसान की एक-एक पर्ची का जल्द भुगतान करा दिया जाए। उन्होंने जनपद में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज की शीघ्र स्थापना की मांग की। विधायक सदर योगेश वर्मा ने घाघरा-शारदा सहायक परियोजना के कारण छोटी-छोटी नदियों के मुहाने बंद होने से उनकी तत्काल सफाई कराने की मांग की।
ये रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में खीरी सांसद अजय मिश्रा, डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह, सीडीओ अरविंद सिंह समेत सदर विधायक योगेश वर्मा, मोहम्मदी विधायक लोकेंद्र प्रताप सिंह, श्रीनगर विधायक मंजू त्यागी, कस्ता विधायक सौरभ सिंह सोनू, निघासन विधायक शशांक वर्मा मौजूद रहे।
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डीएम ने बताया-थारू जनजाति क्षेत्र के समग्र विकास के लिए 174.79 लाख की लागत से थारू शिल्प ग्राम की स्थापना की गई है। इसमें एक थारू हैरिटेज वर्क रोड, 10 थारू शिल्प विक्रय प्रदर्शन केंद्र, एक थारू शिल्प वस्त्र एवं प्रशिक्षण केंद्र, एक थारू रेस्टोरेंट, चार थारू हट, एक थारू नृत्य संगीत केंद्र, 10 सोलर स्ट्रीट लाइट एवं एक थारू म्यूजियम भी शामिल है। डीएम ने बताया दो थारू क्षेत्र के छह उपकेंद्रों धुसकिया, चंदनचौकी, निझौटा, छेदिया पश्चिम, वनकटी एवं गौरीफंटा में 24 घंटे प्रसव सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
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मुख्यमंत्री ने कोविड-19 के तहत कार्ययोजना बनाने, कांटेक्ट ट्रेसिंग और सर्विलांस को बढ़ाने के निर्देश दिए। संक्रमण की दर को चार प्रतिशत से नीचे और मृत्यु दर को एक प्रतिशत की दर से नीचे लाने पर जोर दिया। साथ ही प्रधानमंत्री आवासों तथा शौचालयों को जीओ टैंगिंग कराते हुए उनका भौतिक सत्यापन कराने की बात कही।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों में सामुदायिक शौचालयों और पंचायत भवनों के निर्माण के लिए जमीन का चिह्नांकन शीघ्र कराया जाए। स्मार्ट सिटी और अमृत योजना के तहत कराए जा रहे कार्यों की प्रगति बढ़ाई जाए। आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत कार्यों में और तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर बैंकर्स कमेटियों की बैठक कर कृषि आधारभूत संरचना और आत्मनिर्भर भारत के तहत होने वाले कार्यों की विस्तृत समीक्षा की जाए। नए सीजन प्रारंभ होने से पहले पुराने गन्ना मूल्य का भुगतान पूरा कराने के निर्देश डीएम को दिए। कहा-नए धान खरीद सीजन में यदि अतिरिक्त क्रय केंद्रों की आवश्यकता है तो उन्हें शीघ्र स्थापित किया जाए। कोविड-19 के नियमों का पालन करते हुए संपूर्ण समाधान दिवस, थाना समाधान दिवस का आयोजन सुनिश्चित किया जाए। ऊर्जा विभाग द्वारा विद्युत की आपूर्ति रोस्टर के अनुसार सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यदि गलत बिल आता है तो संबंधित की जिम्मेदारी सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने सांसद विकास निधि व विधायक विकास निधि के योजना के तहत कराए गए कार्यों की समीक्षा की तो खीरी सांसद अजय मिश्र ने बताया कि सांसद निधि से 34 कार्यों की स्वीकृति के सापेक्ष 10 कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं।
मनरेगा से 63 लाख से ज्यादा मानव दिवस का किया गया सृजन
समीक्षा के दौरान डीएम ने बताया कि मनरेगा से अब तक 62.28 लाख मानव दिवस के सृजन के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 63.45 लाख मानव दिवसों का सृजन किया जा चुका है।
जनप्रतिनिधियों ने उठाई क्षेत्र की समस्याएं
मुख्यमंत्री से वार्ता के दौरान विधायक निघासन शशांक वर्मा ने निघासन में बाढ़ से सड़कों को हुए नुकसान को देखते हुए सड़कों की मरम्मत, क्षेत्र में टूरिज्म सेंटर, मुंसिफ कोर्ट, पोस्टमार्टम हाउस की स्थापना, उपमंडी का कार्य, स्टेडियम की स्थापना, ग्राम माझा में पुल का निर्माण, ढखेरवा/कौढियाला रोड बनाए जाने की मांग की। विधायक श्रीनगर ने मांग की कि उनकी विधानसभा तराई क्षेत्र में होने के कारण गन्ने की फसल बाढ़ से प्रभावित होती है। अत: प्रभावित प्रत्येक गन्ना किसान की एक-एक पर्ची का जल्द भुगतान करा दिया जाए। उन्होंने जनपद में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज की शीघ्र स्थापना की मांग की। विधायक सदर योगेश वर्मा ने घाघरा-शारदा सहायक परियोजना के कारण छोटी-छोटी नदियों के मुहाने बंद होने से उनकी तत्काल सफाई कराने की मांग की।
ये रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में खीरी सांसद अजय मिश्रा, डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह, सीडीओ अरविंद सिंह समेत सदर विधायक योगेश वर्मा, मोहम्मदी विधायक लोकेंद्र प्रताप सिंह, श्रीनगर विधायक मंजू त्यागी, कस्ता विधायक सौरभ सिंह सोनू, निघासन विधायक शशांक वर्मा मौजूद रहे।