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टेनी पर रिपोर्ट दर्ज करवाने की अर्जी सीजेएम ने की खारिज
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केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी
पत्रकार रमन के भाई पवन ने तिकुनिया हिंसा मामले में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र पर रिपोर्ट दर्ज कराने को दी थी अदालत में अर्जी
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा मामले में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी पर रिपोर्ट दर्ज कराने वाली अर्जी को सुनवाई के बाद सीजेएम चिंताराम ने मंगलवार को खारिज कर दिया।
हिंसा में मारे गए पत्रकार रमन कश्यप के भाई पवन ने अदालत में अर्जी डाली थी, जिस पर सुनवाई करते हुए सीजेएम चिंताराम ने टेनी को राहत देते हुए अर्जी खारिज कर दी। अदालत ने अर्जी खारिज करते हुए पुलिस विवेचना के दौरान मृतक रमन कश्यप के भाई और परिजन के बयान को आधार बनाया है। पिछली बार सीजेएम कोर्ट में बहस के बाद पत्रावली आदेश के लिए सुरक्षित रख ली गई थी और फैसले के लिए 6 दिसंबर की तिथि मुकर्रर की गई थी। मामले की गंभीरता को लेकर सोमवार देर शाम तक फैसला न हो पाने के कारण अदालत ने निर्णय के लिए मंगलवार की तिथि मुकर्रर की थी।
मंगलवार को दाखिल अर्जी पर सुनवाई करते हुए कहा गया कि पत्रकार रमन कश्यप की नामजद आरोपियों ने उस समय हत्या कर दी थी, जब वह तिकुनिया में प्रदर्शनकारी किसानों के आंदोलन का कवरेज करने गए थे। पुलिस ने रिपोर्ट नहीं दर्ज की है तब वह आखिरी विकल्प के रूप में अदालत पहुंचे हैं। अर्जी पर सुनवाई के बाद अदालत ने मंगलवार को अपना फैसला सुनाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराने की अर्जी खारिज कर दी।
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लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा मामले में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी पर रिपोर्ट दर्ज कराने वाली अर्जी को सुनवाई के बाद सीजेएम चिंताराम ने मंगलवार को खारिज कर दिया।
हिंसा में मारे गए पत्रकार रमन कश्यप के भाई पवन ने अदालत में अर्जी डाली थी, जिस पर सुनवाई करते हुए सीजेएम चिंताराम ने टेनी को राहत देते हुए अर्जी खारिज कर दी। अदालत ने अर्जी खारिज करते हुए पुलिस विवेचना के दौरान मृतक रमन कश्यप के भाई और परिजन के बयान को आधार बनाया है। पिछली बार सीजेएम कोर्ट में बहस के बाद पत्रावली आदेश के लिए सुरक्षित रख ली गई थी और फैसले के लिए 6 दिसंबर की तिथि मुकर्रर की गई थी। मामले की गंभीरता को लेकर सोमवार देर शाम तक फैसला न हो पाने के कारण अदालत ने निर्णय के लिए मंगलवार की तिथि मुकर्रर की थी।
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मंगलवार को दाखिल अर्जी पर सुनवाई करते हुए कहा गया कि पत्रकार रमन कश्यप की नामजद आरोपियों ने उस समय हत्या कर दी थी, जब वह तिकुनिया में प्रदर्शनकारी किसानों के आंदोलन का कवरेज करने गए थे। पुलिस ने रिपोर्ट नहीं दर्ज की है तब वह आखिरी विकल्प के रूप में अदालत पहुंचे हैं। अर्जी पर सुनवाई के बाद अदालत ने मंगलवार को अपना फैसला सुनाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराने की अर्जी खारिज कर दी।
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