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जिम्मेदारों की अनदेखी से आयोडीन रहित नमक खाने को मजबूर लोग

Fri, 07 Oct 2022 01:03 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 07 Oct 2022 01:03 AM IST
सार

बाजार में सफेद नमक का काला कारोबार धड़ल्ले से फल फूल रहा है।इसका सेवन कर कई बीमारियों से बचा जा सकता है।विभागीय लोगों का कहना है कि नमक में आयोडीन की मात्रा 30 पीपीएम तक होनी चाहिए, क्योंकि समय के साथ पैकेट में इसकी मात्रा घटती रहती है।

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विस्तार

लखीमपुर खीरी। बाजार में सफेद नमक का काला कारोबार धड़ल्ले से फल फूल रहा है। दुकानों पर बिकने वाला नमक गैर आयोडीन ही नहीं बल्कि मिसब्रांड तक मिल रहा है। इसका खुलासा पिछले दिनों खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से कराई गई जांच में हुआ है। बावजूद इसके जिम्मेदार नमक में आयोडीन की मात्रा को लेकर गंभीर नही हैं। ऐसे में जिलेवासी गैर आयोडीन के साथ मिसब्रांड नमक खाने के लिए मजबूर हैं।
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जिलेवासियों को गुणवत्तायुक्त खाद्य सामग्री मिले इसकी जिम्मेदारी खाद्य सुरक्षा विभाग के पास है। इस विभाग के काम का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है पिछले पांच माह में सिर्फ 98 खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर जांच कराई गई, जिसमें नमक का सैंपल सिर्फ एक था और वह भी मिसब्रांड निकला। हालांकि पिछले साल नमक के आठ सैंपल लिए गए थे, जो मानक पर खरे बताए जाते हैं। जबकि डॉक्टरों का कहना है कि आयोडीन नमक स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभदायक है। इसका सेवन कर कई बीमारियों से बचा जा सकता है। नमक सस्ता होता है और हर घर में इसका उपयोग है। इसलिए नमक के माध्यम से आयोडीन सभी तक आसानी से पहुंच जाता है।
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हर कदम पर नियमों की अनदेखी
मानसिक और शारीरिक विकास के लिए महत्वपूर्ण आयोडीन नमक के रख-रखाव में भी दुकानदार नियमों की अवहेलना कर रहे हैं। विभागीय लोगों का कहना है कि नमक में आयोडीन की मात्रा 30 पीपीएम तक होनी चाहिए, क्योंकि समय के साथ पैकेट में इसकी मात्रा घटती रहती है। ऐसे में कम से कम नमक में 15 पीपीएम आयोडीन होना बेहद ही जरूरी है। धूप लगने से आयोडीन का क्षरण तेजी से होता है। इससे ग्राहकों को आयोडीन रहित नमक मिलता है तो वहीं शासन की आयोडीन युक्त नमक का सेवन कराने की मंशा को पलीता भी लग रहा है।
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इसलिए जरूरी है आयोडीन नमक
एसीएमओ डॉ. अश्वनी कुमार बताते हैं कि आयोडीन शरीर और मस्तिष्क दोनों की सही वृद्धि, विकास व संचालन के लिए आवश्यक है। आयोडीन की कमी से घेंघा रोग हो सकता है। इसकी कमी से नवजात शिशु के शरीर एवं मानसिक वृद्घि व विकास प्रभावित होता है। गर्भवती में इसकी की कमी होने से बच्चा असामान्य होने की की आशंका बढ़ जाती है।
पिछले साल लिए गए नमक के सैंपल- आठ
एक अप्रैल से 31 जुलाई तक लिए गए कुल सैंपल- 98
नमक का सैंपल- एक ( मिसब्रांड मिला)
आयोडीन की मात्रा को लेकर जिम्मेदारों में ही असमंजस
नमक में आयोडीन की मात्रा को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग के लोग ही एक मत नहीं है। सहायक आयुक्त खाद्य नमक में आयोडीन की मात्रा तीन पीपीएम तक होना बताते हैं जबकि विभागीय अन्य लोग इसकी मात्रा 30 पीपीएम होना बताते हैं।

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पिछले साल नमक के आठ सैंपल लिए गए थे। इस साल 31 जुलाई तक नमक का सिर्फ एक सैंपल लेकर जांच कराई गई। जो मिसब्रांड मिला। नमक में आयोडीन की तीन पीपीएम मात्रा होनी चाहिए। हालांकि नमक में इतनी मात्रा तो होती ही है।
-कौशलेंद्र शर्मा, सहायक आयुक्त खाद्य
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