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सुहेली बैराज का फाटक न खोले जाने से बंधा टूटा, कई गांव प्रभावित
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पलिया के बैराज के फाटक न खुलने से रपटा पुल पर भरा बाढ़ का पानी। संवाद
- फोटो : LAKHIMPUR
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पलियाकलां। सुहेली बैराज का फाटक खोले जाने से घोला व बुद्धा पुरवा के पर्वतिया घाट के पास बंधा टूट गया, जिसके चलते इलाके के कई गांवों में पानी भर गया तो गन्ने की फसल भी पानी में डूब गई।
बीते दिनों पर्वतिया घाट पर बने सुहेली बैराज के फाटक न खोले जाने की वजह से बंधा टूट गया था, जिससे कई गांव जलमग्न हो गए थे। ग्रामीणों ने किसी तरह मेहनत से बंधे को दोबारा सही किया। लेकिन घोला व बुद्धापुरवा गांव के पास बंधा फिर टूट गया, जिसके चलते इलाके के घोला, अंबेडकरनगर, नयागांव, देवीपुर, मुंजहा, बिलहिया, अतरनगर, बेला कलां, बुद्धापुरवा, मलिनियां, बबौरा और खैराना आदि गांवों में बाढ़ का पानी भरने लगा है। किसानों की गन्ने की फसल भी डूब गई है। कई गांवों में जाने वाले रपटा पुलों पर भी दो से तीन फीट तक पानी बह रहा है। इलाके के सेमरीपुरवा गांव के स्कूल में भी पानी भर गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सुहेली बैराज के कर्मचारी मछली का शिकार कराने के लिए सुहेली बैराज के फाटक नहीं खोलते हैं। इसमें उनको मुछआरों से रुपया मिलता है पिछली बार भी एसडीएम के निर्देशों के बाद फाटक खोला गया था। लेकिन फिर से फाटक न खुलने से किसानों को काफी नुकसान हुआ है। संवाद
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बीते दिनों पर्वतिया घाट पर बने सुहेली बैराज के फाटक न खोले जाने की वजह से बंधा टूट गया था, जिससे कई गांव जलमग्न हो गए थे। ग्रामीणों ने किसी तरह मेहनत से बंधे को दोबारा सही किया। लेकिन घोला व बुद्धापुरवा गांव के पास बंधा फिर टूट गया, जिसके चलते इलाके के घोला, अंबेडकरनगर, नयागांव, देवीपुर, मुंजहा, बिलहिया, अतरनगर, बेला कलां, बुद्धापुरवा, मलिनियां, बबौरा और खैराना आदि गांवों में बाढ़ का पानी भरने लगा है। किसानों की गन्ने की फसल भी डूब गई है। कई गांवों में जाने वाले रपटा पुलों पर भी दो से तीन फीट तक पानी बह रहा है। इलाके के सेमरीपुरवा गांव के स्कूल में भी पानी भर गया है।
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ग्रामीणों का आरोप है कि सुहेली बैराज के कर्मचारी मछली का शिकार कराने के लिए सुहेली बैराज के फाटक नहीं खोलते हैं। इसमें उनको मुछआरों से रुपया मिलता है पिछली बार भी एसडीएम के निर्देशों के बाद फाटक खोला गया था। लेकिन फिर से फाटक न खुलने से किसानों को काफी नुकसान हुआ है। संवाद
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