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प्राइवेट खाद दुकानों पर छापे मारे पांच दुकानों के लाइसेंस निलंबित
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लखीमपुर खीरी। यूरिया की कालाबाजारी रोकने के लिए कृषि विभाग ने शासन के निर्देश पर गुरुवार को पांच टीमें बनाकर खाद दुकानों पर छापे मारे, जिससे दुकानदारों में अफरा-तफरी रही। पांचों टीमों ने कुल 86 दुकानों की जांच की, जिसमें पांच दुकानों के लाइसेंस कालाबाजारी करने के आरोप में निलंबित कर दिए गए। इस दौरान टीमों ने यूरिया, डीएपी, एनपीके, सुपर आदि खादों के कुल 39 नमूने भी भरे, जिन्हें जांच के लिए लैब भेजा जाएगा। जिला कृषि अधिकारी सत्येंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि इसके अलावा गोला में दयाल कृषि केंद्र, सिंह मार्केटिंग और शर्मा खाद भंडार के लाइसेंस भी निलंबित किए गए हैं।
जिला कृषि अधिकारी सत्येंद्र प्रताप सिंह ने पलिया और निघासन क्षेत्र की खाद दुकानों पर छापे मारे। उन्होंने पड़रिया तुला में कमल खाद भंडार और जनता खाद भंडार का लाइसेंस निलंबित कर दिया। मोहम्मदी और मितौली तहसील में जिला कृषि रक्षा अधिकारी इंद्रेषु कुमार गौतम ने खाद दुकानों पर छापे मारे, जबकि धौरहरा तहसील क्षेत्र में भूमि संरक्षण अधिकारी जिला योजना प्रमोद कुमार ने खाद दुकानों की जांच की। लखीमपुर तहसील क्षेत्र में भूमि संरक्षण अधिकारी गोमती रामशिष्ट और गोला तहसील में प्रक्षेत्र प्रबंधक जमुनाबाद धर्मेंद्र कुमार ने खाद दुकानों की जांच की। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि छापे मारे जाने की सूचना दूसरे दुकानदारों द्वारा दिए जाने से काफी दुकानें दिन में कुछ घंटे के लिए बंद कर दी गई थीं ऐसे दुकानदारों को भी नोटिस जारी करके जवाब मांगा जाएगा।
किसानों में अफरातफरी
तिकुनिया और बेलरायां कस्बे में खुली प्राइवेट खाद की दुकानों से यूरिया गायब है। इससे किसानों में अफरा-तफरी है। कुछ दुकानदारों के पास स्टॉक है, तो वह मौके का फायदा उठाते हुए 266.50 रुपये वाली यूरिया की बोरी को 400 रुपये में बेच रहे हैं। किसान शिवप्रसाद ने बताया कि जिस प्राइवेट दुकानदार के पास खाद है वह 400 से 450 रुपये तक वसूल रहा है। किसान मंगूलाल ने बताया समय पर खाद न मिलने से गन्ना धान की फसल की उपज प्रभावित हो जाएगी। तराई किसान संगठन के महामंत्री सत्य प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि जिला कृषि अधिकारी से तत्काल खाद उपलब्ध कराने की मांग की है।
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निघासन के एसडीएम ओपी गुप्ता ने बताया कि प्राइवेट खाद दुकानों पर खाद उपलब्ध नहीं है, जिससे किसान परेशान हैं। खाद का स्टॉक और कालाबाजारी करने वाले दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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जिला कृषि अधिकारी सत्येंद्र प्रताप सिंह ने पलिया और निघासन क्षेत्र की खाद दुकानों पर छापे मारे। उन्होंने पड़रिया तुला में कमल खाद भंडार और जनता खाद भंडार का लाइसेंस निलंबित कर दिया। मोहम्मदी और मितौली तहसील में जिला कृषि रक्षा अधिकारी इंद्रेषु कुमार गौतम ने खाद दुकानों पर छापे मारे, जबकि धौरहरा तहसील क्षेत्र में भूमि संरक्षण अधिकारी जिला योजना प्रमोद कुमार ने खाद दुकानों की जांच की। लखीमपुर तहसील क्षेत्र में भूमि संरक्षण अधिकारी गोमती रामशिष्ट और गोला तहसील में प्रक्षेत्र प्रबंधक जमुनाबाद धर्मेंद्र कुमार ने खाद दुकानों की जांच की। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि छापे मारे जाने की सूचना दूसरे दुकानदारों द्वारा दिए जाने से काफी दुकानें दिन में कुछ घंटे के लिए बंद कर दी गई थीं ऐसे दुकानदारों को भी नोटिस जारी करके जवाब मांगा जाएगा।
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किसानों में अफरातफरी
तिकुनिया और बेलरायां कस्बे में खुली प्राइवेट खाद की दुकानों से यूरिया गायब है। इससे किसानों में अफरा-तफरी है। कुछ दुकानदारों के पास स्टॉक है, तो वह मौके का फायदा उठाते हुए 266.50 रुपये वाली यूरिया की बोरी को 400 रुपये में बेच रहे हैं। किसान शिवप्रसाद ने बताया कि जिस प्राइवेट दुकानदार के पास खाद है वह 400 से 450 रुपये तक वसूल रहा है। किसान मंगूलाल ने बताया समय पर खाद न मिलने से गन्ना धान की फसल की उपज प्रभावित हो जाएगी। तराई किसान संगठन के महामंत्री सत्य प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि जिला कृषि अधिकारी से तत्काल खाद उपलब्ध कराने की मांग की है।
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निघासन के एसडीएम ओपी गुप्ता ने बताया कि प्राइवेट खाद दुकानों पर खाद उपलब्ध नहीं है, जिससे किसान परेशान हैं। खाद का स्टॉक और कालाबाजारी करने वाले दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।