{"_id":"5efe0a2d8ebc3e42ce0b653d","slug":"civic-amenities-lakhimpur-news-bly411344219","type":"story","status":"publish","title_hn":"मिट्टी की दीवार ढहने से मासूम की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मिट्टी की दीवार ढहने से मासूम की मौत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धौरहरा/ईसानगर। गांव मैला में बृहस्पतिवार को अचानक दीवार भरभराकर गिर गई। हादसे में साथी बच्चों के साथ खेल रहे मासूम की मलबे के नीचे दबकर मौत हो गई। गनीमत रही कि उसके अन्य तीन साथी बच्चे बाल-बाल बच गए। घर वालों के पोस्टमार्टम कराने से इनकार करने पर पुलिस ने पंचनामा भरकर शव सौंप दिया।
कोतवाली धौरहरा के गांव मैला मजरा कलुआपुर में स्थित अपनी ससुराल में आकर बसे सत्यप्रकाश मिश्रा का पांच साल का बेटा ज्ञान प्रकाश गांव के ही तीन अन्य बच्चों राम, श्याम और पारुल के साथ अपने नाना द्वारिका प्रसाद के घर के बाहर खेल रहा रहा था। अचानक मिट्टी की दीवार और उसपर चढ़ा छप्पर ज्ञान पर भरभरा कर गिर गया। दीवार और छप्पर गिरने से चंद सेकेंड पहले बाकी तीनों बच्चे बाहर निकल गए, जबकि ज्ञान वहीं रह गया और मलबे में दब गया। हादसा होते ही मदद को आए पड़ोसियों ने मलबे के नीचे दबे ज्ञान को बाहर निकाला। परिजन पहले उसे सिसैया के ओएनजीसी अस्पताल ले गए। अस्पताल बंद होने की वजह से परिजन उसे सीएचसी धौरहरा ले जा रहे रहे। रास्ते में उसकी मौत हो गई। बच्चे की मौत से परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है। एसडीएम एस सुधाकरन ने बताया मुझे जानकारी नहीं है। लेखपाल को भेज कर दिखवाता हूं। जो भी सरकारी मदद संभव होगी दी जाएगी।
विज्ञापन
कोतवाली धौरहरा के गांव मैला मजरा कलुआपुर में स्थित अपनी ससुराल में आकर बसे सत्यप्रकाश मिश्रा का पांच साल का बेटा ज्ञान प्रकाश गांव के ही तीन अन्य बच्चों राम, श्याम और पारुल के साथ अपने नाना द्वारिका प्रसाद के घर के बाहर खेल रहा रहा था। अचानक मिट्टी की दीवार और उसपर चढ़ा छप्पर ज्ञान पर भरभरा कर गिर गया। दीवार और छप्पर गिरने से चंद सेकेंड पहले बाकी तीनों बच्चे बाहर निकल गए, जबकि ज्ञान वहीं रह गया और मलबे में दब गया। हादसा होते ही मदद को आए पड़ोसियों ने मलबे के नीचे दबे ज्ञान को बाहर निकाला। परिजन पहले उसे सिसैया के ओएनजीसी अस्पताल ले गए। अस्पताल बंद होने की वजह से परिजन उसे सीएचसी धौरहरा ले जा रहे रहे। रास्ते में उसकी मौत हो गई। बच्चे की मौत से परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है। एसडीएम एस सुधाकरन ने बताया मुझे जानकारी नहीं है। लेखपाल को भेज कर दिखवाता हूं। जो भी सरकारी मदद संभव होगी दी जाएगी।
विज्ञापन