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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   There will be tax in the mandi premises, the purchase and sale of grain outside is tax-free.

मंडी परिसर में टैक्स लगेगा, बाहर अनाज की खरीद-फरोख्त टैक्स-फ्री

Tue, 09 Jun 2020 11:21 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, लखीमपुर खीरी
अमर उजाला नेटवर्क, लखीमपुर खीरी Published by: बरेली ब्यूरो Updated Tue, 09 Jun 2020 11:21 AM IST
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There will be tax in the mandi premises, the purchase and sale of grain outside is tax-free.
अनाज - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

केंद्र सरकार ने नए बिल के माध्यम से किसानों के उत्पाद पर लगने वाला मंडी शुल्क समाप्त कर दिया है, जिससे प्रदेश सरकार की कृषि उत्पादन मंडी परिषदों का एकाधिकार समाप्त हो जाएगा। वहीं इस बिल से किसानों के कृषि उत्पाद खरीदने के लिए बड़ी कारपोरेट कंपनियों या संस्थाओं को बाजार में उतरने की खुली छूट मिल जाएगी। जो इलेक्ट्रानिक प्लेटफार्म तैयार करेंगी और किसानों से सीधे संपर्क स्थापित करके कृषि उत्पाद खरीद सकेंगी। इस नई व्यवस्था से मंडी आढ़तियों/व्यापारियों में खलबली मची है, क्योंकि मंडी परिसर में कृषि उत्पादों की खरीद-फरोख्त पर 2.5 प्रतिशत टैक्स लगेगा। इससे किसान और ग्रामीण व्यापारी मंडी से विमुख हो सकते हैैं, जिसका डर व्यापारियों के साथ ही मंडी परिषद के अधिकारियों को भी आवक कम होने का डर सताने लगा है।

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किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य दिलाने की कवायद काफी समय से हो रही है, जिसके लिए प्रतिवर्ष क्रय नीति में व्यापक बदलाव भी हुए। इसके बावजूद सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं-धान बेचना छोटे और मध्यम किसानों के लिए दुरूह बना हुआ है। लिहाजा केंद्र सरकार के इस नए अध्यादेश से बड़े पैमाने पर क्रांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद बन गई है, क्योंकि पूरे देश में मंडी शुल्क को समाप्त कर दिया गया है। साथ ही इलेक्ट्रानिक ट्रेडिंग एंड ट्रांजेक्शन प्लेटफार्म के माध्यम से कृषि उत्पादों की खरीद-फरोख्त करने के निर्देश दिए हैैं। मंडी मामलों के जानकार बताते हैं कि नए अध्यादेश से बड़ी कारपोरेट कंपनियां भी सीधे किसानों से कृषि उत्पाद खरीद सकेंगी, क्योंकि अब मंडी परिषद का एकाधिकार समाप्त हो जाएगा।
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मंडी परिषद का दायरा सिमटकर परिसर तक रह जाएगा, जिससे बाहर वह मंडी शुल्क नहीं ले सकेंगे। इससे मंडी शुल्क से होने वाली आमदनी लगभग बंद हो जाएगी। वहीं सबसे ज्यादा झटका मंडी परिसर में कारोबार करने वाले आढ़ती/व्यापारियों को लगेगा, क्योंकि कारपोरेट कंपनियों के नेटवर्क के आगे उनकी दाल नहीं गलेगी। हालांकि राज्य सरकार की ओर से मंडी परिषदों को अभी कोई दिशा-निर्देश नहीं मिले हैं।
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मंडी के बाहर शुल्क समाप्त किए जाने से कोई भी बिना लाइसेंस के खरीद-फरोख्त कर सकेगा, जिससे मंडी के व्यापारियों के सामने तमाम मुश्किलें आ जाएंगी। मंडी परिसर में अब भी शुल्क समाप्त नहीं किया गया है। इससे मंडी में आवक कम हो जाएगी, जिसका खामियाजा व्यापारियों को भुगतना पड़ेगा। इससे छोटे व्यापारी खत्म हो जाएंगे।

-अंबरीश गुप्ता, महामंत्री, व्यापार मंडल राजापुर मंडी

केंद्र सरकार के बिल में मंडी शुल्क को समाप्त कर दिया गया है, लेकिन मंडी परिषद में 2.5 प्रतिशत शुल्क लगेगा। इससे मंडी में कृषि उत्पादों की आवक काफी कम हो जाएगी। हालांकि अभी इस संबंध में कोई विभागीय निर्देश नहीं आए हैं।
-रामबाबू शर्मा, सचिव, राजापुर मंडी

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