{"_id":"5edd23c58ebc3e906558234a","slug":"civic-amenities-lakhimpur-news-bly4084775148","type":"story","status":"publish","title_hn":"काजू-बादाम से तीन गुने रेट पर बिका कटरुआ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
काजू-बादाम से तीन गुने रेट पर बिका कटरुआ
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गुलरिया। काजू और बादाम से भी तीन गुना महंगा बिक रहा कटरुआ शौकीनों और रईस लोगों की थाली की शोभा बढ़ा रहा है। शनिवार को कटरुआ 2400 रुपये प्रति किलो तक बिका।
तराई के किशनपुर और दुधवा, मैलानी के जंगलों में उगने वाले कटरुआ को धनाढ्य लोग खरीदना और खाना किसी शान से कम नहीं समझते। कटरुआ मैलानी, भीरा, किशनपुर, दुधवा के अलावा पीलीभीत और बहराइच के जंगलों में पाया जाता है और कुछ वन कर्मियों की मिलीभगत से ही बाजार में आ पाता है। तीन दिन पूर्व हुई वर्षा से के कारण इस सीजन में पहली बार कटरुआ बाजार में दिखा। भीरा में शनिवार की शाम को दो लोग कटरुआ की बिक्री करते हुए देखे गए। यह और बात है कि महंगा होने के कारण सीजन में पहली बार निकले कटरुआ का लुत्फ सिर्फ रईस लोगों तक ही सीमित रहा। यहां बता दें कि कटरुआ की बिक्री पर रोक है।
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तराई के किशनपुर और दुधवा, मैलानी के जंगलों में उगने वाले कटरुआ को धनाढ्य लोग खरीदना और खाना किसी शान से कम नहीं समझते। कटरुआ मैलानी, भीरा, किशनपुर, दुधवा के अलावा पीलीभीत और बहराइच के जंगलों में पाया जाता है और कुछ वन कर्मियों की मिलीभगत से ही बाजार में आ पाता है। तीन दिन पूर्व हुई वर्षा से के कारण इस सीजन में पहली बार कटरुआ बाजार में दिखा। भीरा में शनिवार की शाम को दो लोग कटरुआ की बिक्री करते हुए देखे गए। यह और बात है कि महंगा होने के कारण सीजन में पहली बार निकले कटरुआ का लुत्फ सिर्फ रईस लोगों तक ही सीमित रहा। यहां बता दें कि कटरुआ की बिक्री पर रोक है।
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