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महत्वाकांक्षी योजना: चार पिछड़े ब्लॉकों की जल्द ही बदलने लगेगी तस्वीर

Thu, 04 Jun 2020 02:36 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 04 Jun 2020 02:36 AM IST
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Civic Amenities
लखीमपुर खीरी। जनपद के चार पिछड़े ब्लॉकों ईसानगर, धौरहरा, रमियाबेहड़ और बांकेगंज की तस्वीर जल्द ही बदलेगी, क्योंकि इन्हें अगड़े ब्लॉकों के समकक्ष खड़ा करने के लिए शासन ने इनमें व्याप्त कमियों की रिपोर्ट मांगी है। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने इन पिछड़े ब्लॉकों की विस्तृृत रिपोर्ट तैयार करने के लिए 16 जिला स्तरीय अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है और दो वर्ष की लक्ष्य अनुसार कार्ययोजना बनाकर तीन दिन में डीएसटीओ कार्यालय में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
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केंद्र सरकार द्वारा चयनित महत्वाकांक्षी जनपदों में उत्तर प्रदेश के छह जनपदों को शामिल किया गया है, जिसमें इंडो-नेपाल बार्डर की तराई बेल्ट कहा जाने वाला लखीमपुर खीरी का भी चयन किया गया है। जनपद को प्रदेश की रैकिंग में काफी समय से पिछड़े जनपद होने का तमगा मिला हुआ है, क्योंकि कुल 15 ब्लॉकों में से तराई बेल्ट के चार ब्लॉक ईसानगर, धौरहरा, रमियाबेहड़ और बांकेगंज सबसे पिछड़े हैैं। इनमें स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृृषि एवं जल स्रोत, कौशल विकास और बेसिक इंफ्रास्टक्चर की बेहद खराब स्थिति है, जिन्हें अब दुरुस्त किया जाएगा। जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी (डीएसटीओ) राजेश कुमार सिंह ने बताया कि नीति आयोग ने काउलागी समिति की रिपोर्ट में दिए गए संकेतकों और जनपद की आवश्यकता एवं प्राथमिकता के आधार पर पिछड़े चार ब्लॉकों का चयन किया है। इन ब्लॉकों को महत्वाकांक्षी जनपदों की भांति विकसित किया जाएगा। इन ब्लॉकों के गांवों में कराए जाने वाले कार्यों का प्रति माह अनुश्रवण किया जाएगा, जिसके लिए अधिकारियों को नामित किया गया है।
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छह स्कीम पर रहेगा फोकस
पिछड़े चार ब्लॉकों को विकसित करने के लिए छह स्कीमों पर विशेष जोर रहेगा, जिसके लिए डीएम ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को नामित किया है। स्वास्थ्य और पोषण की सेवाएं लागू करने की जिम्मेदारी सीएमओ और जिला कार्यक्रम अधिकारी को दी गई है। शिक्षा के लिए बीएसए और डीआईओएस को जिम्मेदारी मिली है। कृृषि संबंधित योजनाओं को लागू करने की जिम्मेदारी उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी, उपायुक्त मनरेगा और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को दी गई है। वित्तीय सेवाओं के लिए एलडीएम को नामित है। कौशल विकास के लिए जिला समन्वयक और बेसिक इंफ्रास्टक्चर मजबूत करने के लिए परियोजना निदेशक, अधिशाषी अभियंता विद्युत, अधिशाषी अभियंता पीएमजेएसवाई, अधिशाषी अभियंता जल निगम, एसडीओ दूरसंचार और डीपीआरओ को नामित किया गया है।
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चारों ब्लॉकों के सभी ग्राम पंचायत और मजरों को योजना से आच्छादित किया जाएगा। 31 मार्च 2020 तक इन गांवों का स्तर क्या था, जिसका सर्वे करके रिपोर्ट बनाई जाएगी। काउलागी समिति द्वारा निर्धारित करीब 72 संकेतांकों के आधार पर कार्ययोजना तैयार कराई जा रही है। इसके आधार पर इन गांवों को दो वर्ष में योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा।
-राजेश कुमार सिंह, डीएसटीओ
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