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भ्रम से उबरी मंडी, 500 क्विंटल गेहूं की आवक
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लखीमपुर खीरी। लॉकडाउन के करीब 10 दिन बाद राजापुर मंडी समिति में बुधवार को कई किसान गेहूं बेचने पहुंचे। करीब 500 क्विंटल गेहूं की आवक हुई। हालांकि मंडी को कई दिन पहले ही किसानों के लिए खोल दिया गया था, लेकिन लॉकडाउन के दौरान वाहनों के आवागमन के लिए पास जारी करने को लेकर माथापच्ची कई दिन चली। जबकि शासन ने किसानों और उनके वाहनों को लॉकडाउन के प्रतिबंधों से मुक्त कर दिया है। लिहाजा किसान अपनी उपज लेकर वाहन से मंडी आ-जा सकेगा।
राजापुर मंडी में माह का पहला दिन होने के कारण सब्जी मंडी बंद रही, जिस पर लॉकडाउन का प्रतिबंध पहले से नहीं है। कई दिनों से मंडी में गेहूं की खरीद-फरोख्त चालू करने की कवायद चल रही थी। आढ़ती/व्यापारियों कीे समस्याओं के निस्तारण बाद किसानों में विश्वास बहाली की बात थी, जो बुधवार को दिखी भी। कई क्षेत्रों से कई किसान गेहूं बेचने के लिए मंडी पहुंचे। पुराना गेहूं 2100 रुपये प्रति क्विंटल जबकि नया गेहूं 1800 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा गया। मंडी सचिव रामबाबू शर्मा भी गेहूं की नीलामी के दौरान मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि सरकार ने इस वर्ष गेहूं का समर्थन मूल्य 1925 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। लॉकडाउन के बाद आढ़तियों ने पुराना गेहूं 2100 रुपये प्रति क्विंटल खरीदा, जो समर्थन मूल्य से 175 रुपये अधिक है। जब नए गेहूं की बारी आई तो आढ़तियों ने 1750 रुपये प्रति क्विंटल से नीलामी शुरू हुई और 1800 रुपये पर थम गई। निघासन क्षेत्र के गांव बेरिया से गेहूं बेचने आए किसान जगजीत सिंह ने बताया कि 30 क्विंटल नया गेहूं बेचने लाए हैं। जगजीत ने बताया कि हमारे क्षेत्र में सरकारी क्रय केंद्र नहीं खुला है। इसलिए राजापुर मंडी में गेहूं बेचने आना पड़ा।
किसानों के साथ ही पल्लेदारों की आवाजाही पर रोक नहीं रहेगी। किसान अपने या किराये के वाहनों में अनाज बेरोक-टोक आ-जा सकते हैं। पल्लेदारों को यथा संभव पास जारी किए जाएंगे।
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-रामबाबू शर्मा, मंडी सचिव
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राजापुर मंडी में माह का पहला दिन होने के कारण सब्जी मंडी बंद रही, जिस पर लॉकडाउन का प्रतिबंध पहले से नहीं है। कई दिनों से मंडी में गेहूं की खरीद-फरोख्त चालू करने की कवायद चल रही थी। आढ़ती/व्यापारियों कीे समस्याओं के निस्तारण बाद किसानों में विश्वास बहाली की बात थी, जो बुधवार को दिखी भी। कई क्षेत्रों से कई किसान गेहूं बेचने के लिए मंडी पहुंचे। पुराना गेहूं 2100 रुपये प्रति क्विंटल जबकि नया गेहूं 1800 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा गया। मंडी सचिव रामबाबू शर्मा भी गेहूं की नीलामी के दौरान मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि सरकार ने इस वर्ष गेहूं का समर्थन मूल्य 1925 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। लॉकडाउन के बाद आढ़तियों ने पुराना गेहूं 2100 रुपये प्रति क्विंटल खरीदा, जो समर्थन मूल्य से 175 रुपये अधिक है। जब नए गेहूं की बारी आई तो आढ़तियों ने 1750 रुपये प्रति क्विंटल से नीलामी शुरू हुई और 1800 रुपये पर थम गई। निघासन क्षेत्र के गांव बेरिया से गेहूं बेचने आए किसान जगजीत सिंह ने बताया कि 30 क्विंटल नया गेहूं बेचने लाए हैं। जगजीत ने बताया कि हमारे क्षेत्र में सरकारी क्रय केंद्र नहीं खुला है। इसलिए राजापुर मंडी में गेहूं बेचने आना पड़ा।
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किसानों के साथ ही पल्लेदारों की आवाजाही पर रोक नहीं रहेगी। किसान अपने या किराये के वाहनों में अनाज बेरोक-टोक आ-जा सकते हैं। पल्लेदारों को यथा संभव पास जारी किए जाएंगे।
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-रामबाबू शर्मा, मंडी सचिव