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उर्वरक विक्रेताओं का प्रशिक्षण प्रारंभ, मिलेगा सर्टिफिकेट
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लखीमपुर खीरी। छाउछ स्थित उपनिदेशक कार्यालय में सोमवार को एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। जिला कृषि अधिकारी सत्येंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि इस कार्यक्रम के माध्यम से बेरोजगार व्यक्तियों/उर्वरक लाइसेंस धारकों को फसलों के लिए आवश्यक पोषक तत्वों और मिट्टी की आवश्यकतानुसार उर्वरकों के संतुलित प्रयोग के बारे में बताया जाएगा।
सभागार में कार्यक्रम का शुभारंभ जिला कृषि अधिकारी ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया। इसके बाद कार्यक्रम के प्रतिभागियों को मिट्टी के प्रकार, पोषक तत्वों का महत्व एवं आवश्यकता, सूक्ष्म तत्वों की पौधों में आवश्यकता, जैविक खादों का महत्व, फर्टिलाइजर एक्ट 1985, पॉस मशीन की कार्य पद्धति, बर्मी कंपोस्ट, पंचगव्य बनाने पर चर्चा की गई। बीमार मृदा के सुधार के लिए आवश्यक उपायों के बारे में बताया गया। 15 दिवसीय प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद सफल प्रतिभागियों को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चर मैनेजमेंट हैदराबाद द्वारा सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा। इस मौके पर जिला कृषि रक्षा अधिकारी इंद्रेषु कुमार गौतम, कृषि वैज्ञानिक डॉ पीके बिसेन, डॉ निरंजन लाल, डॉ अभिनव कुमार त्रिपाठी मौजूद रहे।
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सभागार में कार्यक्रम का शुभारंभ जिला कृषि अधिकारी ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया। इसके बाद कार्यक्रम के प्रतिभागियों को मिट्टी के प्रकार, पोषक तत्वों का महत्व एवं आवश्यकता, सूक्ष्म तत्वों की पौधों में आवश्यकता, जैविक खादों का महत्व, फर्टिलाइजर एक्ट 1985, पॉस मशीन की कार्य पद्धति, बर्मी कंपोस्ट, पंचगव्य बनाने पर चर्चा की गई। बीमार मृदा के सुधार के लिए आवश्यक उपायों के बारे में बताया गया। 15 दिवसीय प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद सफल प्रतिभागियों को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चर मैनेजमेंट हैदराबाद द्वारा सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा। इस मौके पर जिला कृषि रक्षा अधिकारी इंद्रेषु कुमार गौतम, कृषि वैज्ञानिक डॉ पीके बिसेन, डॉ निरंजन लाल, डॉ अभिनव कुमार त्रिपाठी मौजूद रहे।
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