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बारिश में स्कूलों के जर्जर भवनों से नौनिहालों को बना जान का खतरा

Fri, 05 Aug 2022 01:10 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 05 Aug 2022 01:10 AM IST
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Children's lives are in danger due to dilapidated school
र्जर प्राथमिक विद्यालय मोहम्मदी - फोटो : LAKHIMPUR
लखीमपुर खीरी। परिषदीय स्कूलों में जर्जर और निष्प्रयोज्य भवनों का ध्वस्तीकरण न होने से बच्चों के लिए जान माल का खतरा बना हुआ है। क्योंकि बारिश के सीजन में ये जर्जर भवन कभी भी ढह सकते हैं।
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कुछ जगहों पर बच्चों को जर्जर भवनों में ही बैठकर पढ़ना पड़ रहा है तो कहीं बच्चे खेलने के दौरान जर्जर भवनों में पहुंच जाते हैं। साथ ही जर्जर भवनों से सांप-बिच्छू के निकलकर कक्षा कक्षों में पहुंचने का खतरा बना हुआ है। कुल 709 जर्जर भवन चिह्नित किए गए थे। इसमें 228 जर्जर भवनों की नीलामी हुई है। जबकि 481 जर्जर भवनों की अभी नीलामी नहीं हो पाई है, जिससे यह बच्चों के लिए खतरा बने हुए हैं।
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जिले में कुल 3106 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। इनमें 5,88,860 छात्र-छात्राओं का नामांकन है। पिछले वर्ष इन स्कूलों में जर्जर भवनों का चिह्नांकन कर इनके ध्वस्तीकरण की कार्रवाई प्रारंभ की गई थी। इसमें 709 जर्जर भवन चिह्नित किए गए थे। इन जर्जर भवनों की नीलामी प्रक्रिया के बाद इन्हें ध्वस्त करने की कार्रवाई में जर्जर भवनों की अधिक मूल्यांकन लागत अड़चन बन गई।
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इस कारण दोबारा मूल्यांकन लागत को कम करके टेंडर कराए गए। 228 जर्जर भवनों की नीलामी हो पाई, जबकि 481 जर्जर भवनों के लिए किसी ठेकेदार ने बोली ही नहीं लगाई। इसका कारण जर्जर भवन की मूल्यांकन लागत का अधिक होना बताया जा रहा है। इन जर्जर भवनों की दोबारा नीलामी के लिए बीएसएस डॉ लक्ष्मीकांत पांडेय ने फाइल सीडीओ के पास भेजी है।
ब्लॉकवार जर्जर भवनों की संख्या
ब्लॉक कुल जर्जर भवन इतने नीलाम
बांकेगंज 47 13
मोहम्मदी 59 10
पसगवां 71 23
फूलबेहड़ 32 06
पलिया 32 26
बेहजम 48 29
ईसानगर 46 17
बिजुआ 23 07
मितौली 39 24
लखीमपुर 60 29
नकहा 34 21
कुंभी 65 08
धौरहरा 37 01
रमियाबेहड़ 52 00
निघासन 46 14
नगर क्षेत्र 18 00
बांकेगंज क्षेत्र में 47 स्कूल भवन जर्जर
बांकेगंज। ब्लॉक क्षेत्र में संचालित 185 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में से 47 विद्यालयों के भवन जर्जर और गिरताऊ स्थिति में हैं। हालांकि इन जर्जर भवनों में छात्र-छात्राएं पठन-पाठन नहीं करते और निष्प्रयोज्य घोषित किए जा चुके है। बीईओ राकेश कुमार ने बताया कि बांकेगंज प्रथम, मोतीपुर,पहाड़पुर, खैरताली, भीखमपुर, जनकपुर समेत 47 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों के जर्जर भवनों को निष्प्रयोज्य घोषित होने के बाद इनकी नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसमें 13 जर्जर भवनों की नीलामी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि सभी प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिए गए हैं कि विद्यालय प्रांगण में खड़े जर्जर भवनों के पास तक बच्चे न पहुंचे इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
जर्जर भवनों से बच्चों को खतरा
बिजुआ। ब्लॉक बिजुआ की ग्राम पंचायत गुलरिया में पूर्व माध्यमिक विद्यालय का जर्जर भवन खड़ा हुआ है। अभी कुछ महीने पहले इस जर्जर भवन की नीलामी बेसिक शिक्षा विभाग के द्वारा की गई थी, जो बाद में निरस्त हो गई। यह भवन जिला पंचायत के अधिकार में आता है। इससे अब जिला पंचायत द्वारा जब इस भवन की नीलामी की जाएगी। जर्जर भवन में साफ सफाई ना होने तथा किसी के अंदर ना जाने के कारण बरसात का मौसम होने से सांप, बिच्छू एवं अन्य जहरीले कीड़े पैदा हो गए हैं। विद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों को बहुत खतरा बना हुआ है। प्रधानाध्यापक अनुराग शर्मा एवं छात्रों के अभिभावकों ने जल्दी ही जर्जर भवन की नीलामी करवाने की मांग की है, जिससे विद्यालय की भूमि खाली हो सके तथा दुर्घटना होने से रोका जा सके।
स्कूल में उगी झाड़ियां
मोहम्मदी। क्षेत्र के ग्राम केहुआ में प्राइमरी स्कूल कई सालों से जर्जर पड़ा हुआ है। बच्चों की पढ़ाई गांव में ही जूनियर स्कूल में होती है। केहुआ गांव का प्राइमरी स्कूल कई सालों से जर्जर पड़ा हुआ है। ऊंडी-ऊंची झाड़ियां उग आई हैं। जनप्रतिनिधि-अधिकारियों की नजर स्कूल पर नहीं पड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार खंड शिक्षा अधिकारी से भी कहा फिर भी काम नहीं हुआ।

‘जनपद में जर्जर स्कूल भवनों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई चल रही है। अभी 709 जर्जर भवनों के सापेक्ष 226 की नीलामी हो चुकी है। शेष जर्जर भवनों की नीलामी प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कराई जाएगी। फिलहाल बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से सभी प्रधानाध्यापकों व बीईओ को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं कि जर्जर भवन में बच्चे नहीं बैठेंगे और न ही बच्चों को जर्जर भवन के आसपास जाने दिया जाए।’
- डॉ लक्ष्मीकांत पांडेय, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी

जर्जर प्राथमिक विद्यालय बिजुआ

जर्जर प्राथमिक विद्यालय बिजुआ- फोटो : LAKHIMPUR

 

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