{"_id":"578a6ea34f1c1bb17b13e906","slug":"children-do-not-see-serious-health-administration","type":"story","status":"publish","title_hn":"बच्चों की सेहत के प्रति गंभीर नहीं दिख रहा प्रशासन ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बच्चों की सेहत के प्रति गंभीर नहीं दिख रहा प्रशासन
अरम उजाला ब्यूरो/मैलानी।
Updated Sat, 16 Jul 2016 11:00 PM IST
विज्ञापन
mdm
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एमडीएम में कीड़े निकलने का मामला
शनिवार तक नहीं पहुंचा कोई जांच करने, सोमवार को जांच करेंगे बीईओ
गुरुवार को एमडीएम में कीड़े निकलने के मामले को प्रशासन ने गंभीरता से नहीं लिया है। शायद इसीलिए अब तक कोई भी संबंधित उच्च अधिकारी जांच करने तक यहां नहीं आया है। बीईओ ने सोमवार को जांच के लिए आने की बात कही है। इससे सरकार के प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों की सेहत बेहतर बनाने का दावा हवाई साबित हो रहा है।
गौरतलब है कि गुरुवार को प्राथमिक विद्यालय मैलानी द्वितीय में मेन्यू के विपरीत सोयाबीन की बड़ी की सब्जी और रोटी बंटवाई गई, तो सब्जी में कीड़े निकले। बच्चों ने सब्जी में कीड़े देख इंचार्ज प्रधानाध्यापक नागेंद्र पाल सिंह को बताया। उन्होंने कीड़े देख खाना बंटवाना रोक दिया और एनपीआरसी राम कृपाल मिश्रा को खबर दी। तब तक प्राथमिक विद्यालय एनईआर मैलानी में भी खाना बंटना शुरू हो गया था। प्रधानाध्यापिका प्रेमलता गुप्ता ने भी खाना बंटवाना रोक दिया और नमूने को शाम तक रखा, ताकि किसी अधिकारी के आने पर उसे दिखाया जा सके। लेकिन शाम तक किसी अधिकारी के न पंहुचने पर उन्होंने कीड़ेयुक्त खाने को फिंकवा दिया गया। एनपीआरसी ने इसकी सूचना बीईओ को भी दी। लेकिन शनिवार तक कोई भी अधिकारी मामले की जांच को यहां नहीं पंहुचा। इससे साफ है कि संबंधित अधिकारी भी बच्चों की सेहत के प्रति गंभीर नहीं है और प्रशासन भी इस मामले को काफी हल्के में ले रहा है।
मामला संज्ञान में आया है। आज शनिवार को ब्लाक में शिक्षकों के अंतर्जनपदीय स्थानांतरण की काउंसलिंग हो रही है। सोमवार को मामले की जांच के लिए मैलानी पहुंचूंगा।
विज्ञापन
विनोद गौतम, खंड शिक्षा अधिकारी, बांकेगंज।
पूर्व में भी मेन्यू के विपरीत बंटता रहा है खाना
मैलानी। मुरादाबाद का एनजीओ महाराणा प्रताप सेवा संस्थान यहां चार प्राथमिक, दो उच्च प्राथमिक और एक इंटर कालेज में एमडीएम का वितरण करता है। एनपीआरसी राम कृपाल मिश्रा ने बताया कि इससे पूर्व में भी संस्था मेन्यू के विपरीत खाने का वितरण करती रही है, जिसके लिए उसे चेतावनी भी दी गई, लेकिन सुधार नहीं हुआ।
विज्ञापन
शनिवार तक नहीं पहुंचा कोई जांच करने, सोमवार को जांच करेंगे बीईओ
गुरुवार को एमडीएम में कीड़े निकलने के मामले को प्रशासन ने गंभीरता से नहीं लिया है। शायद इसीलिए अब तक कोई भी संबंधित उच्च अधिकारी जांच करने तक यहां नहीं आया है। बीईओ ने सोमवार को जांच के लिए आने की बात कही है। इससे सरकार के प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों की सेहत बेहतर बनाने का दावा हवाई साबित हो रहा है।
गौरतलब है कि गुरुवार को प्राथमिक विद्यालय मैलानी द्वितीय में मेन्यू के विपरीत सोयाबीन की बड़ी की सब्जी और रोटी बंटवाई गई, तो सब्जी में कीड़े निकले। बच्चों ने सब्जी में कीड़े देख इंचार्ज प्रधानाध्यापक नागेंद्र पाल सिंह को बताया। उन्होंने कीड़े देख खाना बंटवाना रोक दिया और एनपीआरसी राम कृपाल मिश्रा को खबर दी। तब तक प्राथमिक विद्यालय एनईआर मैलानी में भी खाना बंटना शुरू हो गया था। प्रधानाध्यापिका प्रेमलता गुप्ता ने भी खाना बंटवाना रोक दिया और नमूने को शाम तक रखा, ताकि किसी अधिकारी के आने पर उसे दिखाया जा सके। लेकिन शाम तक किसी अधिकारी के न पंहुचने पर उन्होंने कीड़ेयुक्त खाने को फिंकवा दिया गया। एनपीआरसी ने इसकी सूचना बीईओ को भी दी। लेकिन शनिवार तक कोई भी अधिकारी मामले की जांच को यहां नहीं पंहुचा। इससे साफ है कि संबंधित अधिकारी भी बच्चों की सेहत के प्रति गंभीर नहीं है और प्रशासन भी इस मामले को काफी हल्के में ले रहा है।
विज्ञापन
मामला संज्ञान में आया है। आज शनिवार को ब्लाक में शिक्षकों के अंतर्जनपदीय स्थानांतरण की काउंसलिंग हो रही है। सोमवार को मामले की जांच के लिए मैलानी पहुंचूंगा।
विज्ञापन
विनोद गौतम, खंड शिक्षा अधिकारी, बांकेगंज।
पूर्व में भी मेन्यू के विपरीत बंटता रहा है खाना
मैलानी। मुरादाबाद का एनजीओ महाराणा प्रताप सेवा संस्थान यहां चार प्राथमिक, दो उच्च प्राथमिक और एक इंटर कालेज में एमडीएम का वितरण करता है। एनपीआरसी राम कृपाल मिश्रा ने बताया कि इससे पूर्व में भी संस्था मेन्यू के विपरीत खाने का वितरण करती रही है, जिसके लिए उसे चेतावनी भी दी गई, लेकिन सुधार नहीं हुआ।