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11 माह बाद स्कूल खुलने पर बच्चों ने मनाया जश्न
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लखीमपुर खीरी। अनलॉक के बाद धीरे-धीरे स्कूल-कॉलेजों को खोलने की शुरुआत हुई, जिसमें पूरी तरह सोमवार से प्राइमरी स्कूल भी खोल दिए गए हैं। करीब 11 माह बाद स्कूल पहुंचे बच्चों का शिक्षकों ने स्वागत कर कक्षाओं में मास्क लगाकर बैठाया। हालांकि पहले दिन ज्यादातर स्कूलों में बच्चों की संख्या कम रही। सरकारी स्कूलों में बच्चों को दोपहर का भोजन व फल खिलाकर उत्साह वर्धन करते हुए विद्यालयों को सजाया गया, लेकिन सैनिटाइजर की व्यवस्था नजर नहीं आई। तापमान चेक करने के लिए मशीनें भी उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। वहीं निजी स्कूलों में तापमान चेक करके और सैनिटाजर का प्रयोग करने के बाद बच्चों को कक्षाओं में भेजा गया।
शहर के महाराजनगर स्थित प्राथमिक विद्यालय में पहले दिन कक्षा एक, दो, तीन, चार और पांच के 30 बच्चे उपस्थित हुए। रोस्टर के मुताबिक, कक्षा एक और पांच के बच्चों को ही स्कूल आना था, लेकिन यहां पर अन्य कक्षाओं के बच्चे भी आ गए। लिहाजा इंचार्ज प्रधानाचार्य शायरा खातून ने सभी बच्चों को एक साथ बैठाकर पढ़ाई कराई। बच्चे मास्क लगाकर आए थे, लेकिन सैनिटाइजर की व्यवस्था स्कूल में नहीं दिखी।
इंचार्ज प्रधानाध्यापक ने कहा कि सैनिटाइजर खरीदने के संबंध में कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। ऐसे ही प्राथमिक विद्यालय सदर में करीब 15 बच्चे स्कूल पहुंचे। यहां पर कार्यरत शिक्षामित्र ने स्कूल में गुब्बारे आदि लगाकर सजावट की, जिसमें बच्चों ने भी मदद की।
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बेहजम। प्राथमिक विद्यालय अछनियां में बच्चों ने खेलकूद कर पहले दिन स्कूल खुलने का जश्न मनाया। शिक्षकों ने बच्चों को कोरोना से बचाव व साफ-सफाई के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर पूरे स्टाफ के साथ कुछ अभिभावक भी मौजूद रहे।
धौरहरा। सोमवार को विद्यालय खुलने पर कक्षा एक व पांच के छात्र-छात्राओं के चेहरे पर खुशी दिखाई दी। रमियाबेहड़ के प्राथमिक विद्यालय गोसाईंनपुरवा में इंचार्ज प्रधानाध्यापक अनिल कुमार ने गेट पर ही बच्चों को तिलक लगाकर स्वागत किया और कोविड 19 का पालन कराते हुए विद्यालय के अंदर प्रवेश दिया गया। विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति 50 प्रतिशत से कम रही। दोपहर में बच्चों को भोजन भी कराया गया।
बरवर। प्राथमिक विद्यालय सेमराजानीपुर के प्रधानाध्यापक कुलदीप ने बताया बच्चों के साथ मिलकर मेरा ह्रदय प्रफुल्लित हो गया है। विद्यालय में बच्चे आने से रौनक़ बढ़ गई है। विद्यालय में कुलदीप, शिक्षामित्र संतोष सिंह, शिक्षामित्र बिजली मौजूद रहीं।
पसगवां। पसगवां, बरखैरियाजाट, सल्लिया, पांडेयवारी, जमिरहा आदि स्थानों में स्कूल खुले। बच्चे खुशी से झूमते हुए स्कूल पहुंचे। इक्का-दुक्का स्कूलों को छोड़कर सभी स्कूल खुले रहे। प्राथमिक स्कूल गोविंदापुर में शिक्षिकाएं विद्यालय नहीं पहुंचीं। निवर्तमान प्रधान प्रतिनिधि वीरपाल कुशवाहा ने स्कूल न खोले जाने की शिकायत बीईओ शमशेर सिंह राना से की, उसके बाद बीईओ के निर्देश पर स्कूल खोला गया।
ईसानगर। सोमवार को प्राथमिक विद्यालय खोले गए, जिनमें प्रेरणा कार्यक्रम के तहत बच्चों की पढ़ाई कराई गई। इसवारा, मोहमदापुर, जसवंतनगर, बेहटा सहित सभी विद्यालयों में बच्चों के स्वागत की तैयारियां की गई थीं। बच्चों के विद्यालय पहुंचने पर उनके मास्क और तापमान आदि चेक कर विद्यालय में प्रवेश दिया गया। बीईओ ने बताया कि लंबे अरसे बाद विद्यालय खुलने पर बच्चो की संख्या करीब 40 फीसदी रही। शिक्षा में छात्रों के हुए नुकसान को कवर करने का प्रयास करने के निर्देश शिक्षकों को दिए गए हैं।
पहले दिन कहीं दो तो कहीं पांच बच्चे पहुंचे
मैलानी। प्राइमरी स्कूलों में पहले दिन कहीं दो तो कहीं मात्र पांच बच्चे ही स्कूल पंहुचे। स्कूल में बच्चों को भोजन के साथ ही फल भी दिए गए। प्राथमिक विद्यालय मैलानी प्रथम में कक्षा एक में पंजीकृत 38 में आठ, कक्षा पांच के 19 में दो, मैलानी प्राथमिक विद्यालय द्वितीय में कक्षा पांच के 29 में 16, कक्षा एक के 25 में 11, नारंग विद्यालय में कक्षा पांच के 26 में 13, कक्षा एक के 12 में सिर्फ पांच बच्चे स्कूल पहुंचे। प्रधानाध्यापक सुभाष सक्सेना ने बताया कि पहले दिन मेन्यू के मुताबिक बच्चों को रोटी, सब्जी और फल भी दिए गए।
स्कूल आकर खुश हुए बच्चे, घर की कैद से मिला छुटकारा
मैलानी। कक्षा पांच की पूनम ने कहा एक साल बाद स्कूल आकर बहुत खुशी हुई। अब तक घर पर पढ़ाई कर रही थीं। कक्षा पांच के लकी ने बताया कि साल भर बाद स्कूल आकर बहुत अच्छा लगा। अब ठीक से पढ़ाई होगी। दोस्त भी मिला करेंगे। कक्षा पांच के पवन ने कहा कि लंबे समय बाद स्कूल आकर सुखद अनुभव हो रहा है। अब पढ़ाई के साथ ही मित्रों के साथ मस्ती होगी। अंशिका ने कहा कि वह घर पर ऑनलाइन और ट्यूशन से पढ़ रही थी। आज स्कूल आकर बेहद खुशी हो रही है। स्कूल अच्छे से पढ़ाई के साथ ही सहेलियों के साथ खेलकूद का मौका मिलेगा।
मझगईं। लॉकडाउन के चलते पिछले वर्ष 23 मार्च से बंद हुए स्कूल 11 माह के बाद सोमवार से खुले। कक्षा एक के स्कूल खुलने से कई महीने बाद स्कूल पहुंचे बच्चों में खुशी दिखाई दी। चौखड़ा फार्म के प्राइमरी स्कूल में सुबह बच्चों ने पढ़ाई करने के साथ खूब मस्ती भी की। संवाद
मास्क लगाकर और सैनिटाइजर साथ लेकर लाए बच्चे
गोला गोकर्णनाथ। कोरोना के संकटकाल में करीब 11 माह बाद स्कूल खुलने पर विद्यार्थी खुश दिखे वहीं स्कूलों को साफ सफाई के साथ सैनिटाइज कराकर खोला गया। हालांकि पहले दिन बच्चों की संख्या काफी कम रही। अभिभावकों ने बच्चों को मास्क पहनाकर और सैनिटाइजर देकर स्कूल भेजा।
मूड़ासवारान। बिजुआ के स्कूलों में अध्यापक स्कूल समय में व्यवस्थाएं सही करते रहे। कहीं तो बच्चे बिना मास्क के ही बैठे मिले और कहीं पर विद्यालय के अध्यापक ही नदारद मिले। अहमदाबाद ग्रंट के प्राथमिक विद्यालय में कक्षा एक में नामांकित 13 विद्यार्थियों में चार छात्र, कक्षा पांच में सात के सापेक्ष चार विद्यार्थी उपस्थित मिले। यहां विद्यार्थी और शिक्षक बिना मास्क के दिखे। मूड़ासवारान, मोलवीगंज, गोविंदापुर, पिपरिया गंगा, लखरावां के प्राथमिक स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या काफी कम रही।
गुब्बारे लगाकर सजाई गईं कक्षाएं
ममरी। कस्बे के प्राथमिक विद्यालय की हेड मास्टर साधना सिंह अवकाश पर होने की वजह से स्कूल नहीं पहुंची। शिक्षक अतुल कुमार वर्मा ने बताया कि सोमवार को कक्षा एक में पंजीकृत 18 बच्चों में मात्र तीन और कक्षा पांच में पंजीकृत 38 बच्चों में मात्र एक छात्र शिवा ही पहुंचा। यही हालत बरगदिया, परसेला प्राथमिक विद्यालय की रही।
बेहजम क्षेत्र के प्राइमरी स्कूल रतसिया में बच्चों के स्वागत में गुब्बारे लगाकर कक्षा को सजाया गया। बच्चों का रोली-चंदन लगाकर स्वागत किया गया। स्कूल का निरीक्षण करने बीएसए बुद्घप्रिय सिंह भी पहुंचे और केक काटकर बच्चों के साथ खुशी मनाई। इस दौरान प्रधानाध्यापक प्रमोद वर्मा, महेंद्र प्रताप सिंह, बरखा अग्रवाल, क्षमा यादव, श्यामकिशोर पांडेय मौजूद रहे।
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शहर के महाराजनगर स्थित प्राथमिक विद्यालय में पहले दिन कक्षा एक, दो, तीन, चार और पांच के 30 बच्चे उपस्थित हुए। रोस्टर के मुताबिक, कक्षा एक और पांच के बच्चों को ही स्कूल आना था, लेकिन यहां पर अन्य कक्षाओं के बच्चे भी आ गए। लिहाजा इंचार्ज प्रधानाचार्य शायरा खातून ने सभी बच्चों को एक साथ बैठाकर पढ़ाई कराई। बच्चे मास्क लगाकर आए थे, लेकिन सैनिटाइजर की व्यवस्था स्कूल में नहीं दिखी।
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इंचार्ज प्रधानाध्यापक ने कहा कि सैनिटाइजर खरीदने के संबंध में कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। ऐसे ही प्राथमिक विद्यालय सदर में करीब 15 बच्चे स्कूल पहुंचे। यहां पर कार्यरत शिक्षामित्र ने स्कूल में गुब्बारे आदि लगाकर सजावट की, जिसमें बच्चों ने भी मदद की।
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बेहजम। प्राथमिक विद्यालय अछनियां में बच्चों ने खेलकूद कर पहले दिन स्कूल खुलने का जश्न मनाया। शिक्षकों ने बच्चों को कोरोना से बचाव व साफ-सफाई के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर पूरे स्टाफ के साथ कुछ अभिभावक भी मौजूद रहे।
धौरहरा। सोमवार को विद्यालय खुलने पर कक्षा एक व पांच के छात्र-छात्राओं के चेहरे पर खुशी दिखाई दी। रमियाबेहड़ के प्राथमिक विद्यालय गोसाईंनपुरवा में इंचार्ज प्रधानाध्यापक अनिल कुमार ने गेट पर ही बच्चों को तिलक लगाकर स्वागत किया और कोविड 19 का पालन कराते हुए विद्यालय के अंदर प्रवेश दिया गया। विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति 50 प्रतिशत से कम रही। दोपहर में बच्चों को भोजन भी कराया गया।
बरवर। प्राथमिक विद्यालय सेमराजानीपुर के प्रधानाध्यापक कुलदीप ने बताया बच्चों के साथ मिलकर मेरा ह्रदय प्रफुल्लित हो गया है। विद्यालय में बच्चे आने से रौनक़ बढ़ गई है। विद्यालय में कुलदीप, शिक्षामित्र संतोष सिंह, शिक्षामित्र बिजली मौजूद रहीं।
पसगवां। पसगवां, बरखैरियाजाट, सल्लिया, पांडेयवारी, जमिरहा आदि स्थानों में स्कूल खुले। बच्चे खुशी से झूमते हुए स्कूल पहुंचे। इक्का-दुक्का स्कूलों को छोड़कर सभी स्कूल खुले रहे। प्राथमिक स्कूल गोविंदापुर में शिक्षिकाएं विद्यालय नहीं पहुंचीं। निवर्तमान प्रधान प्रतिनिधि वीरपाल कुशवाहा ने स्कूल न खोले जाने की शिकायत बीईओ शमशेर सिंह राना से की, उसके बाद बीईओ के निर्देश पर स्कूल खोला गया।
ईसानगर। सोमवार को प्राथमिक विद्यालय खोले गए, जिनमें प्रेरणा कार्यक्रम के तहत बच्चों की पढ़ाई कराई गई। इसवारा, मोहमदापुर, जसवंतनगर, बेहटा सहित सभी विद्यालयों में बच्चों के स्वागत की तैयारियां की गई थीं। बच्चों के विद्यालय पहुंचने पर उनके मास्क और तापमान आदि चेक कर विद्यालय में प्रवेश दिया गया। बीईओ ने बताया कि लंबे अरसे बाद विद्यालय खुलने पर बच्चो की संख्या करीब 40 फीसदी रही। शिक्षा में छात्रों के हुए नुकसान को कवर करने का प्रयास करने के निर्देश शिक्षकों को दिए गए हैं।
पहले दिन कहीं दो तो कहीं पांच बच्चे पहुंचे
मैलानी। प्राइमरी स्कूलों में पहले दिन कहीं दो तो कहीं मात्र पांच बच्चे ही स्कूल पंहुचे। स्कूल में बच्चों को भोजन के साथ ही फल भी दिए गए। प्राथमिक विद्यालय मैलानी प्रथम में कक्षा एक में पंजीकृत 38 में आठ, कक्षा पांच के 19 में दो, मैलानी प्राथमिक विद्यालय द्वितीय में कक्षा पांच के 29 में 16, कक्षा एक के 25 में 11, नारंग विद्यालय में कक्षा पांच के 26 में 13, कक्षा एक के 12 में सिर्फ पांच बच्चे स्कूल पहुंचे। प्रधानाध्यापक सुभाष सक्सेना ने बताया कि पहले दिन मेन्यू के मुताबिक बच्चों को रोटी, सब्जी और फल भी दिए गए।
स्कूल आकर खुश हुए बच्चे, घर की कैद से मिला छुटकारा
मैलानी। कक्षा पांच की पूनम ने कहा एक साल बाद स्कूल आकर बहुत खुशी हुई। अब तक घर पर पढ़ाई कर रही थीं। कक्षा पांच के लकी ने बताया कि साल भर बाद स्कूल आकर बहुत अच्छा लगा। अब ठीक से पढ़ाई होगी। दोस्त भी मिला करेंगे। कक्षा पांच के पवन ने कहा कि लंबे समय बाद स्कूल आकर सुखद अनुभव हो रहा है। अब पढ़ाई के साथ ही मित्रों के साथ मस्ती होगी। अंशिका ने कहा कि वह घर पर ऑनलाइन और ट्यूशन से पढ़ रही थी। आज स्कूल आकर बेहद खुशी हो रही है। स्कूल अच्छे से पढ़ाई के साथ ही सहेलियों के साथ खेलकूद का मौका मिलेगा।
मझगईं। लॉकडाउन के चलते पिछले वर्ष 23 मार्च से बंद हुए स्कूल 11 माह के बाद सोमवार से खुले। कक्षा एक के स्कूल खुलने से कई महीने बाद स्कूल पहुंचे बच्चों में खुशी दिखाई दी। चौखड़ा फार्म के प्राइमरी स्कूल में सुबह बच्चों ने पढ़ाई करने के साथ खूब मस्ती भी की। संवाद
मास्क लगाकर और सैनिटाइजर साथ लेकर लाए बच्चे
गोला गोकर्णनाथ। कोरोना के संकटकाल में करीब 11 माह बाद स्कूल खुलने पर विद्यार्थी खुश दिखे वहीं स्कूलों को साफ सफाई के साथ सैनिटाइज कराकर खोला गया। हालांकि पहले दिन बच्चों की संख्या काफी कम रही। अभिभावकों ने बच्चों को मास्क पहनाकर और सैनिटाइजर देकर स्कूल भेजा।
मूड़ासवारान। बिजुआ के स्कूलों में अध्यापक स्कूल समय में व्यवस्थाएं सही करते रहे। कहीं तो बच्चे बिना मास्क के ही बैठे मिले और कहीं पर विद्यालय के अध्यापक ही नदारद मिले। अहमदाबाद ग्रंट के प्राथमिक विद्यालय में कक्षा एक में नामांकित 13 विद्यार्थियों में चार छात्र, कक्षा पांच में सात के सापेक्ष चार विद्यार्थी उपस्थित मिले। यहां विद्यार्थी और शिक्षक बिना मास्क के दिखे। मूड़ासवारान, मोलवीगंज, गोविंदापुर, पिपरिया गंगा, लखरावां के प्राथमिक स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या काफी कम रही।
गुब्बारे लगाकर सजाई गईं कक्षाएं
ममरी। कस्बे के प्राथमिक विद्यालय की हेड मास्टर साधना सिंह अवकाश पर होने की वजह से स्कूल नहीं पहुंची। शिक्षक अतुल कुमार वर्मा ने बताया कि सोमवार को कक्षा एक में पंजीकृत 18 बच्चों में मात्र तीन और कक्षा पांच में पंजीकृत 38 बच्चों में मात्र एक छात्र शिवा ही पहुंचा। यही हालत बरगदिया, परसेला प्राथमिक विद्यालय की रही।
बेहजम क्षेत्र के प्राइमरी स्कूल रतसिया में बच्चों के स्वागत में गुब्बारे लगाकर कक्षा को सजाया गया। बच्चों का रोली-चंदन लगाकर स्वागत किया गया। स्कूल का निरीक्षण करने बीएसए बुद्घप्रिय सिंह भी पहुंचे और केक काटकर बच्चों के साथ खुशी मनाई। इस दौरान प्रधानाध्यापक प्रमोद वर्मा, महेंद्र प्रताप सिंह, बरखा अग्रवाल, क्षमा यादव, श्यामकिशोर पांडेय मौजूद रहे।