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भूकंप के झटकों के बाद मौसम ने बदले तेवर
लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 13 May 2015 06:12 PM IST
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भूकंप के झटके झेलने के बाद मौसम ने भी अपने तेवर बदल दिए हैं। बुधवार को सुबह से आसमान में बादल छाए रहे और तेज हवाएं चलती रहीं। इससे मौसम खुशनुमा हो गया। भीषण गर्मी और कड़ी धूप से लोगों को राहत मिली। बारिश के आसार दिखने से किसानों के चेहरे चमक उठे। उधर भूकंप को लेकर जिले में तरह-तरह की अफवाहें उड़ रही हैं। इधर, भूकंप के झटके आने की आशंका से लोग मंगलवार की रात को सतर्क रहे।
मानसून आने में देरी के बावजूद आसमान में घुमड़ रहे बादल किसानों में उम्मीद जगा रहे हैं। किसानों का कहना है पहले बेमौसम बारिश ने उनकी फसलें बर्बाद कर दीं। इस समय यदि बारिश हो जाए तो कम से कम उनकी सिंचाई का खर्च बच जाएगा। बारिश की उम्मीदों के बीच तेज आंधी की आशंका से लोग विचलित भी हो रहे हैं। अनियमित और असंतुलित मौसम से लोगों में तरह-तरह की आशंकाएं जन्म ले रहीं हैं।
बुधवार को दिन भर आसमान में बादल छाए रहने और तेज हवाएं चलने से तापमान में भी गिरावट महसूस की गई। अधिकतम तापमान 38.0 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। दिन में हल्की-फुल्की धूप निकली भी तो हवाओं ने उसकी तपिश का अहसास नहीं होने दिया। पिछले कई दिनों से हो रही भीषण गर्मी से भी निजात मिली है।
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25 अप्रैल को आए भूकंप के बाद जिले में तेज आंधी आई थी और मूसलाधार बारिश हुई थी। मंगलवार को भूकंप आने के करीब दस घंटे पहले रात में तेज आंधी आई थी। इससे इस बार फिर लोगों को आंधी-पानी आने की आशंका हो रही है।
दिनभर गर्म रहा अफवाहों का बाजार
मंगलवार की दोपहर करीब 12.35 बजे आए भूकंप के बाद बुधवार को भी जिले भर में अफवाहों का बाजार गर्म रहा। कोई लगातार तीन दिन तक भूकंप के झटके आने की भविष्यवाणी कर रहा था तो कोई भूकंप से कई इमारतों के दरक ने की बात कह रहा था। फिर भूकंप के झटकों की आशंका से लोग रात भर सो नहीं पाए।
कस्तूरबा स्कूल की दीवार चटकी
पलियाकलां। मंगलवार को आए भूकंप में मरुआ पश्चिम कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय के भवन में कई जगह दरार आ गई। इससे विद्यालय और प्रशासन में खलबली मच गई। एसडीएम शादाब असलम और जेई अतीकुर्रहमान उस्मानी ने भवन का निरीक्षण कर रिपोर्ट अधिकारियों को भेजी है। इसमें छत, बरामदा, सह कक्ष, वार्डेन कार्यालय, कक्ष संख्या आठ में दरारें पड़ गईं हैं। वार्डेन ललित कुमारी ने भी अधिकारियों को सूचना दे दी है। इसके अलावा शहर के मोहल्ला किसान द्वितीय में मंगलवार को भूकंप के दौरान बाहर निकलने में मची भगदड़ के दौरान यहां के निवासी उमाशंकर जायसवाल की पत्नी सुशीला जायसवाल गिर पड़ीं और उनका बाएं पैर का कूल्हा टूट गया। महंगापुर निवासी गुरुपाल सिंह टीटू के घर में भी भूकंप से दरार पड़ गईं हैं।
मझगईं। मंगलवार को भूकंप से बनघुसरी गांव निवासी धर्मेंद्र यादव और त्रिलोकपुर निवासी राकेश शुक्ला का मकान दरक गया। पलिया से अपने गांव भगवंतनगर गुलरा जा रहे सपा नेता बरातीलाल चौहान के 70 वर्षीय पिता सरजू प्रसाद धरती हिलने से अपने आप को संभाल नहीं पाए और जर्जर सड़क पर गिर कर जख्मी हो गए। पीएचसी में भी दीवार दरक गई है।
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मानसून आने में देरी के बावजूद आसमान में घुमड़ रहे बादल किसानों में उम्मीद जगा रहे हैं। किसानों का कहना है पहले बेमौसम बारिश ने उनकी फसलें बर्बाद कर दीं। इस समय यदि बारिश हो जाए तो कम से कम उनकी सिंचाई का खर्च बच जाएगा। बारिश की उम्मीदों के बीच तेज आंधी की आशंका से लोग विचलित भी हो रहे हैं। अनियमित और असंतुलित मौसम से लोगों में तरह-तरह की आशंकाएं जन्म ले रहीं हैं।
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बुधवार को दिन भर आसमान में बादल छाए रहने और तेज हवाएं चलने से तापमान में भी गिरावट महसूस की गई। अधिकतम तापमान 38.0 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। दिन में हल्की-फुल्की धूप निकली भी तो हवाओं ने उसकी तपिश का अहसास नहीं होने दिया। पिछले कई दिनों से हो रही भीषण गर्मी से भी निजात मिली है।
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25 अप्रैल को आए भूकंप के बाद जिले में तेज आंधी आई थी और मूसलाधार बारिश हुई थी। मंगलवार को भूकंप आने के करीब दस घंटे पहले रात में तेज आंधी आई थी। इससे इस बार फिर लोगों को आंधी-पानी आने की आशंका हो रही है।
दिनभर गर्म रहा अफवाहों का बाजार
मंगलवार की दोपहर करीब 12.35 बजे आए भूकंप के बाद बुधवार को भी जिले भर में अफवाहों का बाजार गर्म रहा। कोई लगातार तीन दिन तक भूकंप के झटके आने की भविष्यवाणी कर रहा था तो कोई भूकंप से कई इमारतों के दरक ने की बात कह रहा था। फिर भूकंप के झटकों की आशंका से लोग रात भर सो नहीं पाए।
कस्तूरबा स्कूल की दीवार चटकी
पलियाकलां। मंगलवार को आए भूकंप में मरुआ पश्चिम कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय के भवन में कई जगह दरार आ गई। इससे विद्यालय और प्रशासन में खलबली मच गई। एसडीएम शादाब असलम और जेई अतीकुर्रहमान उस्मानी ने भवन का निरीक्षण कर रिपोर्ट अधिकारियों को भेजी है। इसमें छत, बरामदा, सह कक्ष, वार्डेन कार्यालय, कक्ष संख्या आठ में दरारें पड़ गईं हैं। वार्डेन ललित कुमारी ने भी अधिकारियों को सूचना दे दी है। इसके अलावा शहर के मोहल्ला किसान द्वितीय में मंगलवार को भूकंप के दौरान बाहर निकलने में मची भगदड़ के दौरान यहां के निवासी उमाशंकर जायसवाल की पत्नी सुशीला जायसवाल गिर पड़ीं और उनका बाएं पैर का कूल्हा टूट गया। महंगापुर निवासी गुरुपाल सिंह टीटू के घर में भी भूकंप से दरार पड़ गईं हैं।
मझगईं। मंगलवार को भूकंप से बनघुसरी गांव निवासी धर्मेंद्र यादव और त्रिलोकपुर निवासी राकेश शुक्ला का मकान दरक गया। पलिया से अपने गांव भगवंतनगर गुलरा जा रहे सपा नेता बरातीलाल चौहान के 70 वर्षीय पिता सरजू प्रसाद धरती हिलने से अपने आप को संभाल नहीं पाए और जर्जर सड़क पर गिर कर जख्मी हो गए। पीएचसी में भी दीवार दरक गई है।