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Lakhimpur Kheri News: होली के बाद वापसी कर रहे लोगों की बसों, ट्रेनों में भीड़
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रेलवे स्टेशन पर खड़ी ट्रेन और चढ़ने के लिए लगी यात्रियों की भीड़। संवाद
लखीमपुर खीरी। परिवार संग घर पर होली मनाने के बाद अब लोग अपने-अपने काम पर लौटने लगे हैं। लोगों की एक साथ वापसी के कारण बसों, ट्रेनों सहित सभी सवारी वाहनों में भीड़ बढ़ गई है। रविवार को सबसे ज्यादा दिल्ली, नोएडा, हरिद्वार, रुद्रपुर को जाने वाले यात्री नजर आए। भीड़ अधिक होने की वजह से लोगों को सीट पाने के लिए धक्का-मुक्की करनी पड़ी।
किराया कम और सफर आरामदायक होने के कारण रोडवेज बसों की अपेक्षा ट्रेनों में सबसे ज्यादा भीड़ देखने को मिल रही है। हालांकि लखीमपुर से दिल्ली, नोएडा, उत्तराखंड के लिए कोई ट्रेन न होने की वजह से लोगों को टुकड़ोंं में सफर करना पड़ रहा है। दिल्ली, नोएडा, उत्तराखंड जाने वाले लोगों को शाहजहांपुर से ट्रेन मिली।
वहीं कानपुर, आजमगढ़, अयोध्या, वाराणसी आदि जगह जाने वाले लोगों ने लखनऊ से ट्रेन पकड़ी। लखीमपुर पहुंचने वाली मैलानी-डालीगंज में सबसे ज्यादा भीड़ देखने को मिली। अपराह्न एक बजे जैसे ही यह ट्रेन लखीमपुर स्टेशन पर आकर रुकी, वैसे ही यात्रियों का हुजूम उमड़ पड़ा। सीट पाने के लिए लोग चढ़ने लगे, जिसकी वजह से उतरने वालों को काफी धक्का-मुक्की का सामना करना पड़ा। बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। इसके बाद शाम को गोरखपुर एक्सप्रेस निकली तो उसमें भी काफी भीड़ देखने को मिली।
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डग्गामार वाहनों का सहारा लेकर पहुंचे जिला मुख्यालय
फूलबेहड़, निघासन, रमियाबेहड़ आदि मार्गों पर रोडवेज बसों का संचालन नहीं है। निघासन और रमियाबेहड़ सहित अन्य मार्गों पर प्राइवेट बसें चलती हैं, लेकिन फूलेबहड़ एक ऐसा मार्ग है, जहां प्राइवेट बस का संचालन नहीं है। सालों से यह मार्ग डग्गामार वाहनों के सहारे है। दिल्ली सहित अन्य जगह अपने काम पर जाने वालों को जिला मुख्यालय पहुंचने के लिए डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ा।
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किराया कम और सफर आरामदायक होने के कारण रोडवेज बसों की अपेक्षा ट्रेनों में सबसे ज्यादा भीड़ देखने को मिल रही है। हालांकि लखीमपुर से दिल्ली, नोएडा, उत्तराखंड के लिए कोई ट्रेन न होने की वजह से लोगों को टुकड़ोंं में सफर करना पड़ रहा है। दिल्ली, नोएडा, उत्तराखंड जाने वाले लोगों को शाहजहांपुर से ट्रेन मिली।
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वहीं कानपुर, आजमगढ़, अयोध्या, वाराणसी आदि जगह जाने वाले लोगों ने लखनऊ से ट्रेन पकड़ी। लखीमपुर पहुंचने वाली मैलानी-डालीगंज में सबसे ज्यादा भीड़ देखने को मिली। अपराह्न एक बजे जैसे ही यह ट्रेन लखीमपुर स्टेशन पर आकर रुकी, वैसे ही यात्रियों का हुजूम उमड़ पड़ा। सीट पाने के लिए लोग चढ़ने लगे, जिसकी वजह से उतरने वालों को काफी धक्का-मुक्की का सामना करना पड़ा। बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। इसके बाद शाम को गोरखपुर एक्सप्रेस निकली तो उसमें भी काफी भीड़ देखने को मिली।
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डग्गामार वाहनों का सहारा लेकर पहुंचे जिला मुख्यालय
फूलबेहड़, निघासन, रमियाबेहड़ आदि मार्गों पर रोडवेज बसों का संचालन नहीं है। निघासन और रमियाबेहड़ सहित अन्य मार्गों पर प्राइवेट बसें चलती हैं, लेकिन फूलेबहड़ एक ऐसा मार्ग है, जहां प्राइवेट बस का संचालन नहीं है। सालों से यह मार्ग डग्गामार वाहनों के सहारे है। दिल्ली सहित अन्य जगह अपने काम पर जाने वालों को जिला मुख्यालय पहुंचने के लिए डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ा।