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चुनाव से पहले सांसद की मांग पर बीएसए को बनाया था एआरओ
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पहले नलकूप विभाग के अधिशासी अभियंता थे एआरओ
लखीमपुर खीरी। ब्लॉक प्रमुख के चुनाव के लिए डीएम द्वारा जारी सूची में बीएसए बुद्धप्रिय सिंह का नाम कहीं नहीं था।
आरक्षित किए गए एआरओ में भी बीएसए का नाम नहीं था, बल्कि डीएम ने पसगवां में नलकूप विभाग के अधिशाषी अभियंता शैलेंद्र यादव को एआरओ बनाया था। नामांकन से पहले गुपचुप तरीके से बीएसए बुद्धप्रिय सिंह को पसगवां का एआरओ बनाया गया था।
बताते हैं कि बीएसए की ड्यूटी धौरहरा सांसद रेखा वर्मा के कहने पर लगाई गई थी। बीएसए को सांसद अपना सबसे भरोसेमंद अधिकारी मानती थीं। ब्लॉक प्रमुख के नामांकन के दौरान पसगवां में एआरओ रहे बीएसए बुद्ध प्रिय सिंह के सामने आठ जुलाई को सपा प्रत्याशी ने उनके हाथों से भाजपा कार्यकर्ता पर नामांकन पत्र छीनकर फाड़ने का आरोप लगाया था।
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लखीमपुर खीरी। ब्लॉक प्रमुख के चुनाव के लिए डीएम द्वारा जारी सूची में बीएसए बुद्धप्रिय सिंह का नाम कहीं नहीं था।
आरक्षित किए गए एआरओ में भी बीएसए का नाम नहीं था, बल्कि डीएम ने पसगवां में नलकूप विभाग के अधिशाषी अभियंता शैलेंद्र यादव को एआरओ बनाया था। नामांकन से पहले गुपचुप तरीके से बीएसए बुद्धप्रिय सिंह को पसगवां का एआरओ बनाया गया था।
बताते हैं कि बीएसए की ड्यूटी धौरहरा सांसद रेखा वर्मा के कहने पर लगाई गई थी। बीएसए को सांसद अपना सबसे भरोसेमंद अधिकारी मानती थीं। ब्लॉक प्रमुख के नामांकन के दौरान पसगवां में एआरओ रहे बीएसए बुद्ध प्रिय सिंह के सामने आठ जुलाई को सपा प्रत्याशी ने उनके हाथों से भाजपा कार्यकर्ता पर नामांकन पत्र छीनकर फाड़ने का आरोप लगाया था।
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