Nagar Nikay Chunav: तारीखों के एलान से गरमाई लखीमपुर की सियासत, इन दो नगर पंचायतों में हो रहा पहली बार चुनाव
सबसे ज्यादा दावेदार सत्तारुढ़ दल भाजपा में हैं। अकेले नगर पालिका लखीमपुर के लिए भाजपा में करीब 10 उम्मीदवार तैयार हैं, जिनके पोस्टर और बैनर भी लग गए हैं। नगर पालिकाओं में अध्यक्ष पद के दावेदार अपनी-अपनी पार्टियों में टिकट के लिए एकाएक सक्रिय हो गए है। निवर्तमान और पूर्व अध्यक्ष के साथ करीब 10 दावेदार मैदान में है।
भाजपा के बाद सबसे ज्यादा सरगर्मियां सपा में तेज हैं। सपा में भी पूरे नगर निकाय चुनाव के लिये 80 आवेदन आ चुके हैं, जबकि कांग्रेस भी पूरी मजबूती के साथ चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। उधर, आम आदमी पार्टी भी पहली बार पूरे जोश के साथ निकाय चुनाव में उतरने के लिये तैयार है।
जमीनी रणनीति के साथ जीतेंगे चुनाव
भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील सिंह ने बताया कि नगर पालिका से करीब 10 और पूरे जिले से करीब 100 उम्मीदवारों ने दावेदारी की है। चुनावों के एलान के साथ ही अब यह संख्या और बढ़ने वाली है। भाजपा पूरे दम से जमीनी चुनाव लड़ती है, हमेशा की तरह जीत हासिल होगी।
गुण-दोष के आधार पर होगा उम्मीदवारों का निर्णय
कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रह्लाद पटेल ने कहा कि निकाय चुनाव की तिथि घोषित होने के पहले तक नगर पालिका और नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए करीब 65 आवेदन आ चुके हैं। वार्ड सदस्यों के दावेदारों की संख्या अलग है। 13 को पार्टी की बैठक हो रही है। आवेदनपत्रों पर गुणदोष के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।
पूरी ताकत से निकाय चुनाव लड़ेगी सपा
सपा जिलाध्यक्ष रामपाल सिंह यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी पूरी ताकत के साथ निकाय चुनाव में उतरेगी। अब तक नगर निकायों के अध्यक्ष पद के लिए करीब 70 दावेदारों के आवेदन आ चुके हैं। अभी आवेदन लेने का सिलसिला जारी है। आवेदकों की संख्या बढ़ सकती है। सपा का टिकट पाने के लिए लोग लाइन में लगे हैं लेकिन मजबूत उम्मीवारों का चयन किया जाएगा।
पहली बार नगर पंचायत अध्यक्ष चुनेंगे भीरा के वोटर
नगर निकाय चुनाव में इस बार नई पंचायत बने भीरा के वोटर इस बार प्रधान की बजाए अब नगर पंचायत अध्यक्ष चुनने के लिए वोट डालेंगे। करीब 50 हजार से अधिक की आबादी वाली नगर पंचायत में साढ़े 18 हजार वोटर है। जातिगत आधार पर देखा जाए तो करीब 50 प्रतिशत सामान्य, 27 प्रतिशत ओबीसी व 22 प्रतिशत पिछड़ा वर्ग की यहां आबादी है।
पहले अनुसूचित सीट होने पर कई राजनैतिक दिग्गजों में जहां मायूसी छा गई थी, वहीं सामान्य महिला सीट होने के बाद अब वह महिलाओं के सहारे चुनावी नैया पार करने का प्रयास कर रहे हैं और चुनाव प्रचार व प्रसार भी तेजी से शुरू कर दिया है।