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भाजपा में विरोध के स्वर, निशाने पर जुगुल

Wed, 18 Jan 2017 11:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी। Updated Wed, 18 Jan 2017 11:30 PM IST
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BJP protests tone, target Jugul
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जगह-जगह बैठक कर गुस्सा दिखा रहे दावेदार
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कार्यकर्ताओं की नब्ज टटोलने में लगे

भाजपा में टिकट वितरण के बाद विरोध के स्वर उभरने लगे हैं। सबसे ज्यादा विरोध मोहम्मदी, कस्ता और धौरहरा सीट पर हो रहा है। कुछ दावेदारों ने बसपा से बागी होकर भाजपा का दामन थामने वाले पूर्व राज्यसभा सदस्य जुगुल किशोर को निशाने पर लिया है। इसके लिए धौरहरा और मोहम्मदी क्षेत्र में गुपचुप ढंग से बैठकें भी हुईं।
मालूम हो कि जिले में बसपा से बागी होकर सबसे पहले मोहम्मदी के विधायक बाला प्रसाद अवस्थी भाजपा में शामिल हो गए थे। फिर बसपा के कद्दावर नेता और बिहार प्रदेश के प्रभारी जुगुल किशोर अपने बेटे सौरभ सिंह सोनू के साथ भाजपाई हो गए थे। इसके बाद बसपा के ही रोमी साहनी और अरविंद गिरि ने भी कमल थाम लिया था। बसपा के इन नेताओं के शामिल होने से टिकट की आस लगाए बैठे भाजपा कार्यकर्ता सकते में थे, लेकिन शीर्ष नेतृत्व ने सभी से अपने अपने इलाके में डटने को कहा था। लेकिन जब बसपा से आए चारों लोगों को टिकट मिल गया तो अब विरोध की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। कुछ दावेदार अपने कार्यकर्ताओं के साथ यह भी रायशुमारी कर रहे हैं कि यदि वह चुनाव मैंदान में उतर जाएं तो कैसा रहेगा। हालांकि अभी तक किसी ने भी खुलकर बगावत नहीं की है, लेकिन विरोध हर तरफ शुरू हो गया है। आलम यह है कि मोहम्मदी के दावेदार श्याम किशोर अवस्थी, कन्हैया मेहरोत्रा, विनोद मिश्रा, अंकुर यादव, कस्ता से लालवीर दिनकर, रवीन्द्र कनौजिया, महेन्द्र भार्गव, धौरहरा से विनोद शंकर अवस्थी, समर प्रताप सिंह और रमेश सिंह मूड़ी बेहद नाराज हैं।
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विरोध के सुर
मेरा टिकट 14 जनवरी को मिलना तय हो गया था, लेकिन ठाकुरवाद में एक कद्दावर मंत्री ने कटवा दिया। इसमें बसपा से बगावत कर आने वाले जुगुल का भी हाथ रहा, लेकिन आज जनता रो रही है।
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श्याम किशोर अवस्थी, मोहम्मदी।

पार्टी में कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की गई है। सर्वे में उनका टिकट फाइनल था, लेकिन उसे दरकिनार कर दिया गया है। इससे क्षेत्र की जनता दुखी हुई है। यदि पार्टी उनकी सेवा को देखते हुए टिकट देती तो बात कुछ और होती।
विनोद शंकर अवस्थी, धौरहरा

पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने बाहरी लोगों को तवज्जो दिया है। इससे कार्यकर्ता हताश हुए हैं। पार्टी ने बसपा के बागियों के लेने के साथ ही मायावती का ट्रेंड अपनाया, जिससे पार्टी के समर्पित दावेदारों को हताश होना पड़ा है।
समर प्रताप सिंह, धौरहरा।

 मैं दूर करूंगा नाराजगी
भाजपा प्रत्याशियों की घोषणा के बाद पार्टी में नाराजगी को देखकर जुगुल किशोर ने कहा है कि यह सही है कि बसपा से आने वाले सभी लोगों को टिकट मिला है, लेकिन उन्होंने किसी का भी विरोध नहीं किया था। इसके बाद भी यदि कार्यकर्ताओं कोई हीनभावना है तो वह वह जल्द ही क्षेत्र में निकलेंगे और कार्यकर्ताओं की नाराजगी को दूर करेंगे।


जिलाध्यक्ष बोले, सभी को मना लेंगे
भाजपा जिलाध्यक्ष शरद बाजपेयी का कहना है कि जो दावेदारी कर रहे थे। टिकट नहीं मिला तो गुस्सा हो सकता है, लेकिन सभी को मना लिया जाएगा। कहीं कोई नाराजगी नहीं रहेगी और हम सभी सीटें जीतेंगे।
 
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