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भारत बंद को लेकर विपक्ष लामबंद

Tue, 08 Dec 2020 12:57 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 08 Dec 2020 12:57 AM IST
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bharat band
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लखीमपुर खीरी। कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों और सियासी दलों के आठ नवंबर को प्रस्तावित भारत बंद को लेकर जनपद में भी विपक्षी दल लामबंद हो गए हैं। कांग्रेस ने जहां भारत बंद का समर्थन किया है वहीं, बसपा का कहना है कि वह भारत बंद जैसे किसी आंदोलन में भाग नहीं लेगी लेकिन किसानों का पूरी तरह समर्थन करेगी। जबकि समाजवादी पार्टी ने कांग्रेस और बसपा से एक कदम आगे बढ़कर बंद के एक दिन पहले ही पूरे जिले में प्रदर्शन कर हंगामा किया। इस दौरान उसके कुछ नेता नजरबंद किए गए तो कुछ को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इस बीच मंगलवार के भारत बंद को लेकर पुलिस ने भी कमर कस ली है और जबरन दुकानें बंद करवाने पर कार्रवाई की बात कही है।
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किसान आंदोलन को लेकर शुरुआत से ही विपक्षी दल हमलावर रहे हैं और कृषि कानून को वापस लिए जाने की मांग कर रहे किसानों के आंदोलन के समर्थन में भी आए हैं। कांग्रेस का कहना है कि वह किसानों के साथ न्याय पंचायत और ब्लॉक मुख्यालयों के अलावा जहां किसान नहीं होंगे वहां भी प्रदर्शन करेगी। जबकि बसपा का कहना है कि उसे भी पार्टी मुखिया की तरफ से किसानों का समर्थन करने का आदेश मिला है। हालांकि वह भारत बंद के समर्थन में नहीं हैं। नए कृषि कानूनों को किसान विरोधी बताते हुए राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन का कहना है कि इसमें किसानों, मजदूरों, गरीबों का हित नहीं है और संगठन आंदोलन करने की तैयारी में लगा हुआ है। इस बीच किसानों ने भी भारत बंद को अपना समर्थन दिया है। जनपद में कुल छह लाख से अधिक किसान हैं, जिनमें सबसे ज्यादा लघु सीमांत किसान हैं, जिन्होंने भारत बंद का समर्थन किया है। जबकि जिला प्रशासन का कहना है कि भारत बंद के आह्वान को देखते हुए पूरी तरह सतर्क है । डीएम ने सभी तहसीलों के एसडीएम को अलर्ट किया है।
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किसानों की मांगों के समर्थन में रहेंगे, लेकिन भारत बंद या आंदोलन में भाग नहीं लेंगे। पार्टी मुखिया ने भी इस संबंध में निर्देश जारी कर कार्यकर्ताओं को किसानों का समर्थन करने के लिए कहा है।
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-विपिन गौतम, पूर्व जिलाध्यक्ष, बसपा
- हमारी पार्टी किसानों के साथ न्याय पंचायत और ब्लॉक मुख्यालयों पर भारत बंद का समर्थन करेगी। मुख्यालय पर जिला कार्यकारिणी के सदस्य प्रदर्शन करेंगे। जहां किसान नहीं होंगे वहां भी कांग्रेस प्रदर्शन करेगी।
-प्रह्लाद पटेल, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस
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कृषि कानून पूरी तरह किसानों के हित में हैं। सरकार ने कृषि उत्पादों पर दलाली बंद कर दी है, जिससे यह लोग परेशान हैं। आम किसान कतई परेशान नहीं है। प्रधानमंत्री ने भी कह दिया है कि कृषि कानून वापस नहीं होंगे। जो कानून का उल्लंघन करेगा, पुलिस-प्रशासन उस पर कार्रवाई करेगा।
-सुनील सिंह, जिलाध्यक्ष, भाजपा
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भारत बंद को लेकर अब तक किसी दल या संगठन ने नोटिस नहीं दिया है। जिले में धारा 144 पहले से लागू है। लोगों को समझाकर शांति व्यवस्था कायम रखेंगे। जो कानून का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
-शैलेंद्र कुमार सिंह, डीएम
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‘नए कृषि कानून किसान विरोधी, हम किसानों के साथ’
नए कृषि कानून किसान विरोधी हैं। इसमें किसानों, मजदूरों, गरीबों का हित नहीं है। देश के किसानों का दिल्ली में चल रहा डेरा डालो, घेरा डालो का हम समर्थन करते हैं और इसके विरोध में संघर्ष करने के लिए तैयार हैं। आठ दिन से दिल्ली में किसान नोएडा, गाजीपुर हाईवे पर रात गुजार रहे हैं। भारत बंद आंदोलन को सफल बनाने की तैयारी में अपने साथियों के साथ लगा हूं।
-पटेल श्रीकृष्ण वर्मा, जिलाध्यक्ष, राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन
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दिल्ली में डेरा डाले किसानों की मांग का समर्थन करते है। किसान विरोधी कानून में संशोधन करने की जरूरत बताई है, जिससे आम किसानों को एमएसपी का लाभ मिल सके। भारत बंद आंदोलन को पूर्ण समर्थन है।
-सुमन कुमार वर्मा, किसान
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सरकार कानून तो बना देती है लेकिन उसका लाभ एमएसपी के हिसाब से किसानों को नहीं मिलता है। ऐसे तीनों कानून वापस लिए जाने चाहिए। किसान विवश होकर सड़कों पर उतरा है।
- राजेंद्र प्रसाद वर्मा, किसान
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केंद्र सरकार की गलत नीतियों के विरोध में चल रहे विरोध प्रदर्शन को लेकर आठ दिसंबर को किसानों ने जो भारत बंद का आह्वान किया है यह निर्णय जब सरकार में जिम्मेदार लोगों ने सुनवाई नहीं की तब लेना पड़ा है।
-सुनव्वर खां, किसान
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केंद्र सरकार की नीतियों से परेशान हाल किसान को मजबूरन सड़कों पर उतरना पड़ा है, जिसके चलते भारत बंद का एलान किया गया है। किसानों के संघर्ष में साथ हैं।
-मोहम्मद मुस्तफा निवासी मुजफ्फरपुर
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एमएसपी किसान के लिए संजीवनी का कार्य करती है, उससे एक सही मूल्यांकन होता है। यदि कारपोरेट खेती आती है, तो मजदूर तबका पूरी तरह खत्म हो जाएगा। इसलिए एमएसपी के लिए जारी इस आंदोलन में हम भारत बंद का समर्थन करते हैं।

-हरविंदर पाल सिंह ‘स्वीट’, किसान
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किसानों की मांग और उनके आंदोलन में हम साथ है और बंद का समर्थन करते हैं। एमएसपी हमेशा लागू रहनी चाहिए। किसानों की मांग और उनके आंदोलन में साथ रहकर बंद का पूरा समर्थन करते हैं।
-विकास कपूर, किसान, निवर्तमान अध्यक्ष, सहकारी गन्ना विकास समिति
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