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अव्यवस्थाओं के बीच शुरू हुई बेसिक परीक्षा
ब्यूरो/गोला गोकर्णनाथ।
Updated Mon, 14 Mar 2016 11:23 PM IST
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परीक्षा
- फोटो : अमर उजाला
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- शिक्षकों की कमी से हुई परेशानी
- घर जाकर बुलाने पड़े विद्यार्थी
बेसिक शिक्षा विभाग के बड़े तामझाम के बावजूद भी अव्यवस्थाओं के बीच बेसिक परीक्षा शुरू हो गई हैं। नगर के नौ परिषदीय विद्यालयों में सुबह 9:30 बजे शुरू हुई परीक्षा में शिक्षकों को परेशान होते देखा गया है।
बेसिक परीक्षा शुरू होने से पूर्व नगर समन्वयक राकेश कुमार ने नगर के सात प्राथमिक और दो उच्च प्राथमिक विद्यालयों में प्रश्नपत्र पहुंचाकर परीक्षा शुरू कराई। विद्यालयों में फर्श पर टाट पट्टी बिछाकर और रोल नंबर की चिट फर्श पर ही चिपकाकर परीक्षा का सीटिंग प्लान किया गया। नगर समन्वयक ने बताया कि परीक्षा के बाद कक्षा पांच और आठ की उत्तर पुस्तिकाएं सील करके संकलन केंद्र रामबिलास प्राथमिक विद्यालय में जमा कराई जा रही हैं।
परेशान हुए शिक्षक
गोला गोकर्णनाथ। शिक्षकों की कमी से प्रधानाध्यापकों को परीक्षा कराने में काफी परेशानी उठानी पड़ी। पंजाबी कालोनी स्थित कस्तूरबा प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापक राहत फातमा ने बताया कि विद्यालय में 153 विद्यार्थी हैं और शिक्षक मात्र दो। जिसमें सहायक अध्यापक रविशंकर दिव्यांग हैं। साथ ही विद्यालय में आठ मूकबधिर, तीन मंदबुद्धि, तीन विद्यार्थियों की देखने की क्षमता काफी कम है। ऐसे में उन्हें परीक्षा कराने में काफी परेशानी हुई है। इसी तरह लोने सिंह प्राथमिक विद्यालय प्रधानाध्यापक भागीरतभ, नगर प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापक दिव्यांग सीमा सक्सेना और सर्वाधिक विद्यार्थियों वाले सुभाष प्राथमिक विद्यालय जहां 180 विद्यार्थी हैं और शिक्षक तीन हैं, यहां प्रधानाचार्य रामकुमार को भी परेशानी उठानी पड़ी है।
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विद्यालय के खराब नल
गोला गोकर्णनाथ। बेसिक शिक्षा विभाग जहां एक परीक्षा व्यवस्थित कराने का ताना बाना बुने है, वहीं अधिकारियों ने विद्यालय के अंदर खराब नल को ठीक कराने की जरूरत नहीं समझी। परीक्षा ही नहीं पूरी वर्ष भर विद्यार्थियों और शिक्षकों को पेय जल के लिए भटकना पड़ता है। लोने सिंह और जवाहर प्राथमिक विद्यालय का नल वर्षों से खराब है। जहां विद्यार्थी पेयजल के लिए भटकते रहे।
भवन जर्जर, दूसरे विद्यालय में परीक्षा दे रहे विद्यार्थी
गोला गोकर्णनाथ। मोहल्ला तीर्थ स्थित जवाहर प्राथमिक विद्यालय जर्जर भवन में संचालित है। जो पूर्व में भी खुटार रोड स्थित मां मंगला देवी मंदिर के जर्जर भवन में संचालित था। इस विद्यालय का स्थानांतरण तो कर दिया गया, किंतु हालात नहीं बदले। प्रधानाध्यापक शशिनिभा ने बताया कि विद्यालय का भवन जर्जर है, जिसकी सूचना अधिकारियों को दे दी गई है। जिनके निर्देश पर विद्यार्थियों की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए पास के लोने सिंह प्राथमिक विद्यालय में परीक्षा दिलाई जा रही है। भवन जर्जर होने के साथ ही जर्जर शौचालय, खराब नल से काफी परेशानी हो रही हैं।
सारे तामझाम बेअसर, घर से बुलाने पड़े बच्चे
गोला गोकर्णनाथ। सबको शिक्षा सबको ज्ञान आधारित शिक्षा विभाग के सारे तामझाम बेअसर साबित हुए हैं। विद्यालयों के शिक्षकों ने बताया कि अधिकारियों के निर्देशानुसार परीक्षा में विद्यार्थियों की अधिकतम उपस्थित के लिए कई बार घर जाकर बच्चों को बुलाना पड़ा है।
दृष्टिहीन गोल्डी ने दी परीक्षा
गोला गोकर्णनाथ। नगर के रामविलास प्राथमिक विद्यालय में कक्षा चार की दृष्टिहीन छात्रा गोल्डी ने ब्रेललिपि से परीक्षा दी है। प्रधानाचार्य एवं नगर समन्वयक राकेश कुमार ने बताया कि मानसिक विकलांग, मूकबधिर और दृष्टिहीन विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए नगर स्तर पर जतलपाल, ओमप्रकाश और सुमनलता तीन इंटीटेंट शिक्षकों की तैनाती है।
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- घर जाकर बुलाने पड़े विद्यार्थी
बेसिक शिक्षा विभाग के बड़े तामझाम के बावजूद भी अव्यवस्थाओं के बीच बेसिक परीक्षा शुरू हो गई हैं। नगर के नौ परिषदीय विद्यालयों में सुबह 9:30 बजे शुरू हुई परीक्षा में शिक्षकों को परेशान होते देखा गया है।
बेसिक परीक्षा शुरू होने से पूर्व नगर समन्वयक राकेश कुमार ने नगर के सात प्राथमिक और दो उच्च प्राथमिक विद्यालयों में प्रश्नपत्र पहुंचाकर परीक्षा शुरू कराई। विद्यालयों में फर्श पर टाट पट्टी बिछाकर और रोल नंबर की चिट फर्श पर ही चिपकाकर परीक्षा का सीटिंग प्लान किया गया। नगर समन्वयक ने बताया कि परीक्षा के बाद कक्षा पांच और आठ की उत्तर पुस्तिकाएं सील करके संकलन केंद्र रामबिलास प्राथमिक विद्यालय में जमा कराई जा रही हैं।
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परेशान हुए शिक्षक
गोला गोकर्णनाथ। शिक्षकों की कमी से प्रधानाध्यापकों को परीक्षा कराने में काफी परेशानी उठानी पड़ी। पंजाबी कालोनी स्थित कस्तूरबा प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापक राहत फातमा ने बताया कि विद्यालय में 153 विद्यार्थी हैं और शिक्षक मात्र दो। जिसमें सहायक अध्यापक रविशंकर दिव्यांग हैं। साथ ही विद्यालय में आठ मूकबधिर, तीन मंदबुद्धि, तीन विद्यार्थियों की देखने की क्षमता काफी कम है। ऐसे में उन्हें परीक्षा कराने में काफी परेशानी हुई है। इसी तरह लोने सिंह प्राथमिक विद्यालय प्रधानाध्यापक भागीरतभ, नगर प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापक दिव्यांग सीमा सक्सेना और सर्वाधिक विद्यार्थियों वाले सुभाष प्राथमिक विद्यालय जहां 180 विद्यार्थी हैं और शिक्षक तीन हैं, यहां प्रधानाचार्य रामकुमार को भी परेशानी उठानी पड़ी है।
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विद्यालय के खराब नल
गोला गोकर्णनाथ। बेसिक शिक्षा विभाग जहां एक परीक्षा व्यवस्थित कराने का ताना बाना बुने है, वहीं अधिकारियों ने विद्यालय के अंदर खराब नल को ठीक कराने की जरूरत नहीं समझी। परीक्षा ही नहीं पूरी वर्ष भर विद्यार्थियों और शिक्षकों को पेय जल के लिए भटकना पड़ता है। लोने सिंह और जवाहर प्राथमिक विद्यालय का नल वर्षों से खराब है। जहां विद्यार्थी पेयजल के लिए भटकते रहे।
भवन जर्जर, दूसरे विद्यालय में परीक्षा दे रहे विद्यार्थी
गोला गोकर्णनाथ। मोहल्ला तीर्थ स्थित जवाहर प्राथमिक विद्यालय जर्जर भवन में संचालित है। जो पूर्व में भी खुटार रोड स्थित मां मंगला देवी मंदिर के जर्जर भवन में संचालित था। इस विद्यालय का स्थानांतरण तो कर दिया गया, किंतु हालात नहीं बदले। प्रधानाध्यापक शशिनिभा ने बताया कि विद्यालय का भवन जर्जर है, जिसकी सूचना अधिकारियों को दे दी गई है। जिनके निर्देश पर विद्यार्थियों की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए पास के लोने सिंह प्राथमिक विद्यालय में परीक्षा दिलाई जा रही है। भवन जर्जर होने के साथ ही जर्जर शौचालय, खराब नल से काफी परेशानी हो रही हैं।
सारे तामझाम बेअसर, घर से बुलाने पड़े बच्चे
गोला गोकर्णनाथ। सबको शिक्षा सबको ज्ञान आधारित शिक्षा विभाग के सारे तामझाम बेअसर साबित हुए हैं। विद्यालयों के शिक्षकों ने बताया कि अधिकारियों के निर्देशानुसार परीक्षा में विद्यार्थियों की अधिकतम उपस्थित के लिए कई बार घर जाकर बच्चों को बुलाना पड़ा है।
दृष्टिहीन गोल्डी ने दी परीक्षा
गोला गोकर्णनाथ। नगर के रामविलास प्राथमिक विद्यालय में कक्षा चार की दृष्टिहीन छात्रा गोल्डी ने ब्रेललिपि से परीक्षा दी है। प्रधानाचार्य एवं नगर समन्वयक राकेश कुमार ने बताया कि मानसिक विकलांग, मूकबधिर और दृष्टिहीन विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए नगर स्तर पर जतलपाल, ओमप्रकाश और सुमनलता तीन इंटीटेंट शिक्षकों की तैनाती है।