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बैंक के ऋण पर जिंदा है गन्ना किसान: वीएम सिंह
अमर उजाला ब्यूरो-गोला गोकर्णनाथ।
Updated Sun, 01 May 2016 12:19 AM IST
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वीएम
- फोटो : अमर उजाला
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- 12 जून को गोला विधानसभा का होगा कार्यकर्ता सम्मेलन
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के अध्यक्ष वीएम सिंह ने कहा कि देशवासियों को भोजन कराने वाला किसान बैंक से ग्रीन कार्ड पर ऋण लेकर जिंदा है। यदि 99 प्रतिशत किसान ऋण न ले तो उसकी भूख से मौत हो सकती है।
ग्राम अजान में संगठन के जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण वर्मा के आवास पर उनके पुत्र के विवाहोपरांत प्रीतिभोज में आए किसान नेता ने किसान गोष्ठी में कहा कि देश के किसानों की नई पीढ़ी घाटा होने के कारण खेती छोड़ रही है, इस कारण लोग गांव से शहर की ओर भाग रहे हैं। यदि यही हाल रहा तो देशवासियों को खाने के लाले पड़ जाएंगे। कहा कि जब चीनी का रेट 2200 से 2300 रुपये था तब गन्ने का भुगतान हो जाता था। अब यह दर बढ़कर 3300 से 3500 रुपये हो गई है तो किसान का भुगतान सरकार की मिली भगत से नहीं हो रहा है।
उन्होंने कहा कि गन्ने का भुगतान न होने के कारण बाजारों में सन्नाटा है। व्यापारियों की आय घट गई है। कहा कि उन्होंने कोर्ट से गन्ना किसानों को ब्याज दिलाने का आदेश करवाया था, किंतु राज्य सरकार ने ब्याज दिलाने से मना कर दिया। यदि चीनी मिलों को किसान को ब्याज देना पड़े तो समय से भुगतान हो सकता है। उन्होंने व्यापारियों से किसान के कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग की अपील की। वीएम सिंह ने कहा कि किसानों को सोच बदलकर अपना हक छीनना होगा। 2017 के चुनाव में किसान खुद चुनाव लड़ेंगे और अपनी सरकार बनाएंगे। गोष्ठी में किसानों ने 12 जून की तारीख गोला विधानसभा के कार्यकर्ता सम्मेलन के लिए तय की। वीएम सिंह ने सम्मेलन में आने की स्वीकृति दी है। गोष्ठी में संगठन के जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण वर्मा, महामंत्री अंजनी दीक्षित, किसान वरुण अग्रवाल, जमाल अहमद राईन, अरविंद पांडे, शिवनंदन वर्मा, सुरेश वर्मा, गिरीशचंद वर्मा, एसपी भास्कर, पुरुषोत्तम वर्मा, ईश्वरदीन वर्मा, देवदत्त वर्मा, प्रेमनाथ रस्तोगी, मुन्ना खां, राजेंद्र वर्मा, पप्पू खां, कुलदीप सिंह, विमल वर्मा सहित काफी संख्या में किसान मौजूद रहे।
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राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के अध्यक्ष वीएम सिंह ने कहा कि देशवासियों को भोजन कराने वाला किसान बैंक से ग्रीन कार्ड पर ऋण लेकर जिंदा है। यदि 99 प्रतिशत किसान ऋण न ले तो उसकी भूख से मौत हो सकती है।
ग्राम अजान में संगठन के जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण वर्मा के आवास पर उनके पुत्र के विवाहोपरांत प्रीतिभोज में आए किसान नेता ने किसान गोष्ठी में कहा कि देश के किसानों की नई पीढ़ी घाटा होने के कारण खेती छोड़ रही है, इस कारण लोग गांव से शहर की ओर भाग रहे हैं। यदि यही हाल रहा तो देशवासियों को खाने के लाले पड़ जाएंगे। कहा कि जब चीनी का रेट 2200 से 2300 रुपये था तब गन्ने का भुगतान हो जाता था। अब यह दर बढ़कर 3300 से 3500 रुपये हो गई है तो किसान का भुगतान सरकार की मिली भगत से नहीं हो रहा है।
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उन्होंने कहा कि गन्ने का भुगतान न होने के कारण बाजारों में सन्नाटा है। व्यापारियों की आय घट गई है। कहा कि उन्होंने कोर्ट से गन्ना किसानों को ब्याज दिलाने का आदेश करवाया था, किंतु राज्य सरकार ने ब्याज दिलाने से मना कर दिया। यदि चीनी मिलों को किसान को ब्याज देना पड़े तो समय से भुगतान हो सकता है। उन्होंने व्यापारियों से किसान के कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग की अपील की। वीएम सिंह ने कहा कि किसानों को सोच बदलकर अपना हक छीनना होगा। 2017 के चुनाव में किसान खुद चुनाव लड़ेंगे और अपनी सरकार बनाएंगे। गोष्ठी में किसानों ने 12 जून की तारीख गोला विधानसभा के कार्यकर्ता सम्मेलन के लिए तय की। वीएम सिंह ने सम्मेलन में आने की स्वीकृति दी है। गोष्ठी में संगठन के जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण वर्मा, महामंत्री अंजनी दीक्षित, किसान वरुण अग्रवाल, जमाल अहमद राईन, अरविंद पांडे, शिवनंदन वर्मा, सुरेश वर्मा, गिरीशचंद वर्मा, एसपी भास्कर, पुरुषोत्तम वर्मा, ईश्वरदीन वर्मा, देवदत्त वर्मा, प्रेमनाथ रस्तोगी, मुन्ना खां, राजेंद्र वर्मा, पप्पू खां, कुलदीप सिंह, विमल वर्मा सहित काफी संख्या में किसान मौजूद रहे।
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