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प्रदर्शन कर डीएम को सौंपा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो/लखीमपुर खीरी।
Updated Thu, 09 Jun 2016 10:23 PM IST
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पंचायती राज विभाग के फैसले का पुरजोर विरोध
पंचायती राज संस्थाओं को कमजोर करने का लगाया आरोप
उत्तर प्रदेश ग्राम्य विकास महापरिषद ने तय कार्यक्रम के मुताबिक गुरुवार को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन डीएम को सौंपा, जिसमें पंचायती राज विभाग के प्रयासों को कुत्सित बताते हुए अपना पक्ष मजबूती के साथ रखा गया। महापरिषद ने पंचायती राज विभाग के 10 जून को जिला और 17 जून को प्रदेश स्तर पर प्रस्तावित धरना प्रदर्शन के दिन दो घंटे अधिक कार्य करके जनता को असुविधा न होने देने की प्रतिबद्धता दोहराई। महापरिषद के पदाधिकारियों ने पंचायती राज विभाग के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण और पंचायती राज संस्थाओं को कमजोर करने वाला बताया है।
गुरुवार की सुबह महापरिषद के आह्वान पर समस्त पदाधिकारी, सभी ब्लाकों के बीडीओ और कर्मचारी कलेक्ट्रेट में एकत्र हुए, जिसके बाद पीडी दिनेश कुमार सिंह, डीडीओ अनिल सिंह और अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह की अगुवाई में डीएम कार्यालय पहुंचे। ग्राम्य विकास विभाग से मुक्त होने के लिए पंचायती राज विभाग के प्रयासों के विरोध में पदाधिकारियों ने डीएम आकाश दीप को ज्ञापन सौंपा। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में कहा गया है कि पंचायती राज विभाग द्वारा विकास खंड जैसी महत्वपूर्ण प्रशासनिक इकाई को कमजोर करने का स्वार्थपरक प्रयास किया जा रहा है, जिसे हर हाल में रोकना होगा। महापरिषद ने मांग उठाई हैै कि पूर्व में जारी कराए गए पंचायती राज विभाग के शासनादेशों को निरस्त कराया जाए, जिसमें विकास कार्यों के अनुश्रवण एवं क्रियान्वयन में बीडीओ और सीडीओ की भूमिका को कमजोर किया गया हैै। अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह ने कहा कि पंचायती राज विभाग के अन्यायपूर्ण और अराजकतावादी कार्यों को किसी भी हाल में सफल नहीं होने देंगे, जिसके लिए पुरजोर संघर्ष किया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में डीसी मनरेगा पीके राय, बीडीओ राकेश प्रसाद, मंत्री अनुज अवस्थी, बीडीओ रचना गुप्ता, तेजवंत सिंह, प्रणय कृष्ण, सुनील कुमार आदि शामिल रहे।
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पंचायती राज संस्थाओं को कमजोर करने का लगाया आरोप
उत्तर प्रदेश ग्राम्य विकास महापरिषद ने तय कार्यक्रम के मुताबिक गुरुवार को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन डीएम को सौंपा, जिसमें पंचायती राज विभाग के प्रयासों को कुत्सित बताते हुए अपना पक्ष मजबूती के साथ रखा गया। महापरिषद ने पंचायती राज विभाग के 10 जून को जिला और 17 जून को प्रदेश स्तर पर प्रस्तावित धरना प्रदर्शन के दिन दो घंटे अधिक कार्य करके जनता को असुविधा न होने देने की प्रतिबद्धता दोहराई। महापरिषद के पदाधिकारियों ने पंचायती राज विभाग के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण और पंचायती राज संस्थाओं को कमजोर करने वाला बताया है।
गुरुवार की सुबह महापरिषद के आह्वान पर समस्त पदाधिकारी, सभी ब्लाकों के बीडीओ और कर्मचारी कलेक्ट्रेट में एकत्र हुए, जिसके बाद पीडी दिनेश कुमार सिंह, डीडीओ अनिल सिंह और अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह की अगुवाई में डीएम कार्यालय पहुंचे। ग्राम्य विकास विभाग से मुक्त होने के लिए पंचायती राज विभाग के प्रयासों के विरोध में पदाधिकारियों ने डीएम आकाश दीप को ज्ञापन सौंपा। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में कहा गया है कि पंचायती राज विभाग द्वारा विकास खंड जैसी महत्वपूर्ण प्रशासनिक इकाई को कमजोर करने का स्वार्थपरक प्रयास किया जा रहा है, जिसे हर हाल में रोकना होगा। महापरिषद ने मांग उठाई हैै कि पूर्व में जारी कराए गए पंचायती राज विभाग के शासनादेशों को निरस्त कराया जाए, जिसमें विकास कार्यों के अनुश्रवण एवं क्रियान्वयन में बीडीओ और सीडीओ की भूमिका को कमजोर किया गया हैै। अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह ने कहा कि पंचायती राज विभाग के अन्यायपूर्ण और अराजकतावादी कार्यों को किसी भी हाल में सफल नहीं होने देंगे, जिसके लिए पुरजोर संघर्ष किया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में डीसी मनरेगा पीके राय, बीडीओ राकेश प्रसाद, मंत्री अनुज अवस्थी, बीडीओ रचना गुप्ता, तेजवंत सिंह, प्रणय कृष्ण, सुनील कुमार आदि शामिल रहे।
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