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एआरपीडीआरपी में आधा भी नहीं हुआ काम
लखीमपुर खीरी।
Updated Tue, 03 Mar 2015 05:29 PM IST
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शहर में बंच कंडक्टर लगाकर जर्जर बिजली तारों को हटाने, ट्रांसफार्मर लगाकर ओवरलोडिंग और ट्रिपिंग से निजात दिलाने के लिए वर्ष 2014 में शुरू की गई एआरपीडीआरपी योजना मनमानी का शिकार हो गई है। कार्यदायी संस्था की उदासीनता और बिजली अधिकारियों की बेपरवाही के कारण शहर में अभी आधा काम भी नहीं हो पाया है। इससे कई मोहल्लों में बिजली सप्लाई की दिक्कतें बढ़ रही हैं।
एआरपीडीआरपी योजना के अंतर्गत शहर में 1600 बिजली के खंभे लगाने, 75 किलोमीटर बंच कंडक्टर बिछाने, अलग-अलग क्षमता के 120 ट्रांसफार्मर लगाने का काम किया जाना है। आंकड़ों पर गौर करें तो अभी तक शहर में सिर्फ 500 खंभे लग पाए हैं, जबकि 11 सौ खंभे अभी लगाए जाने हैं। खीरी टाउन, ईदगाह क्षेत्र, निघासन रोड, इमली चौराहा समेत कई जगहों पर 59 ट्रांसफार्मर लग पाए हैं। इसी तरह 75 किलोमीटर की जगह 25 किलोमीटर बंच कंडक्टर बिछाया जा सका है। जबकि शहर में जर्जर बिजली लाइनों और ओवरलोड ट्रांसफार्मरों के कारण तमाम मोहल्लों में बिजली की सप्लाई चरमराई हुई है। खास बात यह है कि बिजली की बदहाली के शिकार अर्जुनपुरवा, निर्मलनगर, बाजार बार्ड, भटनागर कॉलोनी, मिश्राना, संकटा देवी, नौरंगाबाद, महराजनगर, बहादुरनगर, काशीनगर जैसे मोहल्लों में अभी तक एआरपीडीआरपी योजना के अंतर्गत काम नहीं शुरू हो पाया है। ऐसे में गर्मी के मौसम में शहर के लोगों को बेहतर बिजली सप्लाई मिलने की कम ही उम्मीद है।
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एआरपीडीआरपी योजना का कार्य वर्ष 2015 तक पूरा किया जाना है। योजना में कई मोहल्लों की बिजली व्यवस्था सुधारी गई है। बंच कंडक्टर बिछाकर ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। उम्मीद है निर्धारित समयावधि में योजना का काम पूरा हो जाएगा और लोगों को बेहजर व्यवस्था मिलेगी।
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- मनोज पुष्कर, जेई नई बस्ती
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एआरपीडीआरपी योजना के अंतर्गत शहर में 1600 बिजली के खंभे लगाने, 75 किलोमीटर बंच कंडक्टर बिछाने, अलग-अलग क्षमता के 120 ट्रांसफार्मर लगाने का काम किया जाना है। आंकड़ों पर गौर करें तो अभी तक शहर में सिर्फ 500 खंभे लग पाए हैं, जबकि 11 सौ खंभे अभी लगाए जाने हैं। खीरी टाउन, ईदगाह क्षेत्र, निघासन रोड, इमली चौराहा समेत कई जगहों पर 59 ट्रांसफार्मर लग पाए हैं। इसी तरह 75 किलोमीटर की जगह 25 किलोमीटर बंच कंडक्टर बिछाया जा सका है। जबकि शहर में जर्जर बिजली लाइनों और ओवरलोड ट्रांसफार्मरों के कारण तमाम मोहल्लों में बिजली की सप्लाई चरमराई हुई है। खास बात यह है कि बिजली की बदहाली के शिकार अर्जुनपुरवा, निर्मलनगर, बाजार बार्ड, भटनागर कॉलोनी, मिश्राना, संकटा देवी, नौरंगाबाद, महराजनगर, बहादुरनगर, काशीनगर जैसे मोहल्लों में अभी तक एआरपीडीआरपी योजना के अंतर्गत काम नहीं शुरू हो पाया है। ऐसे में गर्मी के मौसम में शहर के लोगों को बेहतर बिजली सप्लाई मिलने की कम ही उम्मीद है।
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एआरपीडीआरपी योजना का कार्य वर्ष 2015 तक पूरा किया जाना है। योजना में कई मोहल्लों की बिजली व्यवस्था सुधारी गई है। बंच कंडक्टर बिछाकर ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। उम्मीद है निर्धारित समयावधि में योजना का काम पूरा हो जाएगा और लोगों को बेहजर व्यवस्था मिलेगी।
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- मनोज पुष्कर, जेई नई बस्ती