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‘हैवानों को जल्द और सख्त सजा मिले’
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aprajita,hahras gangrape
लखीमपुर खीरी। हाथरस में बिटिया के साथ जो हैवानित हुई, उसने एक बार फिर दिल्ली के निर्भया कांड को ताजा कर दी। अस्पताल में 15 दिन तक जिंदगी और मौत से जूझती रही बिटिया, आखिरकार मंगलवार को जिंदगी से जंग हार गई। दरिंदों की हैवानियत का शिकार बेटी की मौत की खबर जिसने भी सुनी उसी की आंखें नम हो गईं। इस घटना को लेकर आधी आबादी में भी जबरदस्त गुस्सा है। बुधवार को अमर उजाला के अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स के तहत के तहत जब छात्राओं से बात की तो सभी का बस एक ही सवाल है कि आखिर कब तक बेटियां समाज के भेड़ियों का शिकार होती रहेंगी। इन हैैवानों पर कब अंकुश लगेगा। आधी आबादी की मांग है कि हाथरस की बेटी को न्याय मिलने में निर्भया जितना समय नहीं लगे। हैवानों को ऐसी सजा मिले जिसे सुनकर ऐसा सोचने वालों की रूह कांप उठे। कुछ युवतियों और महिला अधिवक्ताओं का कहना है कि ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए सरकार को अश्लीलता परोसने वाली साइटें प्रतिबंधित कर देनी चाहिए।
ऐसी घटनाएं रोकने के लिए सरकार को सख्त कदम उठाने की जरूरत है। ऐसी सजा का प्रावधान हो, जिससे लोगों में खौफ पैदा हो। साथ ही मोबाइल संस्कृति के बढ़ते चलन में अश्लीलता परोसने वाली साइटें बैन होनी चाहिए।
-कीर्ति शुक्ला, संयुक्त मंत्री जिला अधिवक्ता संघ
बिटिया के साथ घटी घटना बेहद निंदनीय और शर्मसार करने वाली है। लचर कानून व्यवस्था के कारण ही बेटियों महफूज नहीं है। इन पर अंकुश लगाने के लिए सरकार को चाहिए कि समाज के दुश्मनों को तुरंत फांसी पर लटकाने का प्रावधान करे।
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-फरहीन बानो, छात्रा वाईडी कॉलेज
हाथरस की बेटी के साथ हुई घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। इसके गुनहगारों को सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन हो। हैवानों को सजा ऐसी मिले जो समाज के दुश्मनों के लिए मिसाल बनें और भविष्य में ऐसा दुस्साहस करने का कोई साहस न कर सके।
- कंचन वर्मा, छात्रा वाईडी कॉलेज
इस घटना के जितने जिम्मेदार आरोपी चारों युवक हैं उतने ही जिम्मेदार उनके परिवार वाले। मां बाप की जिम्मेदारी है कि बेटों को बचपन से ही महिलाओं का सम्मान करना सिखाएं, जिससे वे जिम्मेदार नागरिक बने, न कि दुश्मन।
- वैशाली, बीए तृतीय वर्ष आर्यकन्या डिग्री कॉलेज
दुष्कर्म की घटनाएं रोकने के लिए प्रशासन को सख्त कदम उठाने की जरूरत है। घटना के एक माह में ही निर्णय हो जाना चाहिए। वहीं मां बाप को चाहिए वह अपने बेटों को महिलाओं का सम्मान करने के संस्कार देें।
-निहारिका मिश्रा, एमए वाईडी कॉलेज
हमार देश कितना महान है एक तरफ हम बिटिया दिवस मनाते हैं और दूसरी तरफ बिटिया के साथ इस तरह की हैवानियत सामने आती है। सामाजिक पटल पर बिटिया दिवस मनाने से केवल हमारा कर्तव्य पूर्ण नहीं हो जाता। इसके लिए कठोर कार्रवाई की जरूरत है।
-सारिका गुप्ता, एनएसएस वालंटियर वाईडी कॉलेज
हाथरस की घटना ने एक बार फिर से निर्भया के जख्म कुरेद दिए। ऐसी घटनाएं रोकने के लिए स्त्रियों से जुड़े आपत्तिजनक मजाक रोकने की जरूरत है। कैंडल मार्च से कुछ नहीं होने वाला। घटनाओं को रोकने के लिए सख्त सजा का प्रावधान करने की जरूरत है।
- डॉ. नूतन सिंह, प्रोफेसर इतिहास वाईडी कॉलेज
हाथरस की बेटी के साथ जो हुआ वह बेहद शर्मनाक, चिंताजनक और अमानवीय है। ये इंसानियत की हत्या है। कब तक बेटियां इस तरह की हैवानियत का शिकार होती रहेंगी। जिस कानून की हमें दुहाई दी जाती है आज बेटियों की सुरक्षा को लेकर वही हमें सोंचने को मजबूर कर रहा है।
-निशी सिंह, प्रोफेसर समाजशास्त्र अजय शांति डिग्री कॉलेज
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ऐसी घटनाएं रोकने के लिए सरकार को सख्त कदम उठाने की जरूरत है। ऐसी सजा का प्रावधान हो, जिससे लोगों में खौफ पैदा हो। साथ ही मोबाइल संस्कृति के बढ़ते चलन में अश्लीलता परोसने वाली साइटें बैन होनी चाहिए।
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-कीर्ति शुक्ला, संयुक्त मंत्री जिला अधिवक्ता संघ
बिटिया के साथ घटी घटना बेहद निंदनीय और शर्मसार करने वाली है। लचर कानून व्यवस्था के कारण ही बेटियों महफूज नहीं है। इन पर अंकुश लगाने के लिए सरकार को चाहिए कि समाज के दुश्मनों को तुरंत फांसी पर लटकाने का प्रावधान करे।
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-फरहीन बानो, छात्रा वाईडी कॉलेज
हाथरस की बेटी के साथ हुई घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। इसके गुनहगारों को सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन हो। हैवानों को सजा ऐसी मिले जो समाज के दुश्मनों के लिए मिसाल बनें और भविष्य में ऐसा दुस्साहस करने का कोई साहस न कर सके।
- कंचन वर्मा, छात्रा वाईडी कॉलेज
इस घटना के जितने जिम्मेदार आरोपी चारों युवक हैं उतने ही जिम्मेदार उनके परिवार वाले। मां बाप की जिम्मेदारी है कि बेटों को बचपन से ही महिलाओं का सम्मान करना सिखाएं, जिससे वे जिम्मेदार नागरिक बने, न कि दुश्मन।
- वैशाली, बीए तृतीय वर्ष आर्यकन्या डिग्री कॉलेज
दुष्कर्म की घटनाएं रोकने के लिए प्रशासन को सख्त कदम उठाने की जरूरत है। घटना के एक माह में ही निर्णय हो जाना चाहिए। वहीं मां बाप को चाहिए वह अपने बेटों को महिलाओं का सम्मान करने के संस्कार देें।
-निहारिका मिश्रा, एमए वाईडी कॉलेज
हमार देश कितना महान है एक तरफ हम बिटिया दिवस मनाते हैं और दूसरी तरफ बिटिया के साथ इस तरह की हैवानियत सामने आती है। सामाजिक पटल पर बिटिया दिवस मनाने से केवल हमारा कर्तव्य पूर्ण नहीं हो जाता। इसके लिए कठोर कार्रवाई की जरूरत है।
-सारिका गुप्ता, एनएसएस वालंटियर वाईडी कॉलेज
हाथरस की घटना ने एक बार फिर से निर्भया के जख्म कुरेद दिए। ऐसी घटनाएं रोकने के लिए स्त्रियों से जुड़े आपत्तिजनक मजाक रोकने की जरूरत है। कैंडल मार्च से कुछ नहीं होने वाला। घटनाओं को रोकने के लिए सख्त सजा का प्रावधान करने की जरूरत है।
- डॉ. नूतन सिंह, प्रोफेसर इतिहास वाईडी कॉलेज
हाथरस की बेटी के साथ जो हुआ वह बेहद शर्मनाक, चिंताजनक और अमानवीय है। ये इंसानियत की हत्या है। कब तक बेटियां इस तरह की हैवानियत का शिकार होती रहेंगी। जिस कानून की हमें दुहाई दी जाती है आज बेटियों की सुरक्षा को लेकर वही हमें सोंचने को मजबूर कर रहा है।
-निशी सिंह, प्रोफेसर समाजशास्त्र अजय शांति डिग्री कॉलेज