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10 महीने 24 दिन बाद जेल से रिहा हुआ अंकित दास
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जेल से पेरोल पर छूटा अंकित दास।
13 अक्तूबर 2021 को हुई थी गिरफ्तारी
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा मामले में हाईकोर्ट से मेडिकल पैरोल मिलने के बाद सह अभियुक्त अंकित दास को मंगलवार शाम 7 बजे के करीब जिला कारागार से रिहा कर दिया गया। अंकित दास को हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने 15 दिन की मेडिकल पैरोल दी थी। जिला जज अदालत में दाखिल जमानतदारों का सत्यापन प्राप्त हो जाने के बाद अदालत ने अंकित दास की रिहाई का आदेश जिला कारागार भेजा, जिसके बाद शाम को उसकी रिहाई कर दी गई।
3 अक्तूबर 2021 को हुई तिकुनिया हिंसा के बाद चौथे आरोपी के रूप में अंकित दास और उनके ड्राइवर लतीफ उर्फ काले की गिरफ्तारी हुई थी। हत्याकांड में आशीष मिश्र मोनू की तीसरे आरोपी के रूप में गिरफ्तारी के बाद 12 अक्टूबर 2021 को एसआईटी की ओर से अंकित दास को नोटिस जारी किया गया था। 13 अक्टूबर को अपने ड्राइवर लतीफपुर काले के साथ वह पुलिस लाइन स्थित क्राइम ब्रांच में अपनी सफाई देने के लिए हाजिर हुआ था, लेकिन पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार करते हुए जेल भेज दिया था। तमाम उतार-चढ़ाव के बीच अंकित दास की ओर से चिकित्सीय आधार पर अल्पकालिक जमानत पैरोल के लिए 8 अगस्त को दूसरी अर्जी दाखिल की थी, जिसमें दो बार सुनवाई आगे बढ़ने के बाद 2 सितंबर को जस्टिस दिनेश कुमार सिंह ने 15 दिनों के लिए पैरोल जमानत मंजूर की थी।
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लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा मामले में हाईकोर्ट से मेडिकल पैरोल मिलने के बाद सह अभियुक्त अंकित दास को मंगलवार शाम 7 बजे के करीब जिला कारागार से रिहा कर दिया गया। अंकित दास को हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने 15 दिन की मेडिकल पैरोल दी थी। जिला जज अदालत में दाखिल जमानतदारों का सत्यापन प्राप्त हो जाने के बाद अदालत ने अंकित दास की रिहाई का आदेश जिला कारागार भेजा, जिसके बाद शाम को उसकी रिहाई कर दी गई।
3 अक्तूबर 2021 को हुई तिकुनिया हिंसा के बाद चौथे आरोपी के रूप में अंकित दास और उनके ड्राइवर लतीफ उर्फ काले की गिरफ्तारी हुई थी। हत्याकांड में आशीष मिश्र मोनू की तीसरे आरोपी के रूप में गिरफ्तारी के बाद 12 अक्टूबर 2021 को एसआईटी की ओर से अंकित दास को नोटिस जारी किया गया था। 13 अक्टूबर को अपने ड्राइवर लतीफपुर काले के साथ वह पुलिस लाइन स्थित क्राइम ब्रांच में अपनी सफाई देने के लिए हाजिर हुआ था, लेकिन पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार करते हुए जेल भेज दिया था। तमाम उतार-चढ़ाव के बीच अंकित दास की ओर से चिकित्सीय आधार पर अल्पकालिक जमानत पैरोल के लिए 8 अगस्त को दूसरी अर्जी दाखिल की थी, जिसमें दो बार सुनवाई आगे बढ़ने के बाद 2 सितंबर को जस्टिस दिनेश कुमार सिंह ने 15 दिनों के लिए पैरोल जमानत मंजूर की थी।
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