बिजली कटौती से चढ़ा पारा: गुस्साएं ग्रामीणों ने मितौली पावर हाउस में की तोड़फोड़, कर्मचारियों को पीटा
मितौली में बिजली कटौती से ग्रामीणों का पारा चढ़ गया। गुस्साए ग्रामीणों ने बिजलीघर पर हमला कर दिया। कर्मचारियों को पीटा गया। मशीनें क्षतिग्रस्त कर दीं।
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लखीमपुर खीरी के मितौली कस्बे में बिजली कटौती को लेकर बुधवार देर शाम पावर हाउस पर आक्रोशित ग्रामीणों ने कर्मचारियों के साथ मारपीट कर दी। मशीनों में तोड़फोड़ भी की गई। इससे तहसील मुख्यालय सहित सैकड़ों गांवो में अंधेरा हो गया। पूरी रात बिजली बहाल होने जद्दोजहद जारी रही। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच की। इस मामले में विद्युत निगम के कर्मचारियों ने कहा कि वह पुलिस को तहरीर देंगे।
मितौली कस्बा सहित ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले करीब एक सप्ताह से बिजली कटौती से लोग परेशान है। ओदारा गांव के तीन लोग बुधवार देर शाम बिजली कटौती की शिकायत को लेकर पावर हाउस पहुंचे थे, जहां पर उन लोगों की कर्मचारियों से कहासुनी हो गई। इसके बाद वह घर वापस चले गए। कुछ देर बाद करीब एक दर्जन से अधिक ग्रामीण लाठी डंडे लेकर मौके पर पहुंचे और मितौली टाउन पावर हाउस पर तैनात एसएसओ अजय कुमार अवस्थी, सहायक ज्ञान के साथ मारपीट करने लगे। इससे अफरातफरी मच गई।
मशीनें कीं क्षतिग्रस्त
आरोप है कि हमलावरों ने रजिस्टर फाड़ दिए। कुर्सियां भी तोड़ दी। लोगों ने पावर हाउस की मशीन भी क्षतिग्रस्त कर दीं। इसके बाद आक्रोशित लोग मितौली देहात पावर हाउस पर जा पहुंचे। वहां भी तोड़फोड़ की। यहां तैनात एसएसओ विकास वर्मा व सहायक संदीप वर्मा मौके से भाग गए। सूचना पर थाना पुलिस पर पहुंची और मामले की जांच की है।
पावर हाउस पर हुए हंगामे के बाद मितौली कस्बा सहित सैकड़ो गांवो की बिजली गुल हो गई। देर रात तक बिजली बहाल होने की जद्दोजहद जारी रही है। उधर ओदारा के ग्रामीणों ने तोड़फोड़ की बात से इनकार करते हुए बताया कि वह लोग केवल बिजली कटौती की शिकायत लेकर गए थे। उनकी कर्मचारियों से कहासुनी जरूर हुई है, लेकिन तोड़फोड़ व मारपीट की घटना से उनका कोई संबंध नहीं है।