Lakhimpur Kheri: बच्ची की हत्या में पूछताछ को हिरासत में लिए गए व्यक्ति की मौत, छह घंटे तक बवाल
लखीमपुर खीरी के मितौली में पकरिया जलालपुर गांव से लापता पांच साल की बच्ची अंशू की गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस मामले में पूछताछ के लिए 50 वर्षीय आसाराम को हिरासत में लिया था। शुक्रवार रात उसकी मौत हो गई। इसकी खबर मिलते ही उसके परिजनों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने शनिवार को करीब छह घंटे तक हंगामा किया।
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लखीमपुर खीरी के मितौली क्षेत्र के पकरिया जलालपुर में पांच साल की बच्ची की हत्या के मामले में पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में लिए गए गांव के ही आसाराम (48) की सात घंटे बाद मौत हो गई। परिजनों ने थर्ड डिग्री से मौत का आरोप लगाते हुए शनिवार सुबह लखीमपुर-मैगलगंज मार्ग पर कस्ता चौराहे पर शव रखकर जाम लगा दिया। छह घंटे बाद मामले में पिपरझला पिकेट प्रभारी समेत दो पुलिसकर्मियों पर हत्या और अवैध रूप से हिरासत में रखने का मुकदमा दर्ज होने के बाद ही भीड़ मौके से हटी।
अनूप कुमार की बेटी अंशु दो अप्रैल की शाम लापता हो गई थी, अगले दिन घर से सौ मीटर दूर झाड़ियों में उसका शव मिला था। पोस्टमार्टम में गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई थी। इस मामले में क्राइम ब्रांच समेत पुलिस की तीन टीमें हत्यारे की सुरागकशी में लगी हुई थीं। इसी सिलसिले में पिपरझला पिकेट के इंचार्ज लाल चंद और हेड कांस्टेबल बृजलाल शुक्रवार दोपहर दो बजे आसाराम को थाने ले आए।
आसाराम के बेटे केपी सिंह ने बताया कि शुक्रवार शाम करीब 7:30 बजे उसके पास थाने से कई बार फोन आया। उससे अपने पिता को ले जाने के लिए कहा गया। छोटा बेटा अंकित अपने रिश्तेदार के साथ जब तक थाने पहुंचा, तब तक पुलिस ने आसाराम को मितौली सीएचसी भेज दिया था। वहां पहुंचे अंकित को आसाराम बेहोशी की हालत में भर्ती मिले। कुछ ही देर बाद डॉक्टरों ने आसाराम को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहां पहुंचने पर डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस पर परिजन शव घर ले आए।
शरीर पर चोटें देख भड़का आक्रोश
आसाराम की पीठ पर चोटों और जांघ पर करंट के निशान देख परिजनों व ग्रामीणों का आक्रोश भड़क गया। सैकड़ों की भीड़ शनिवार सुबह आठ बजे ट्रैक्टर-ट्रॉली में शव रखकर पकरिया जलालपुर गांव से करीब पांच किमी दूर कस्ता चौराहे पर पहुंची और शव सड़क पर रखकर हंगामा करने लगी। सूचना पर पहुंचे पुलिसकर्मियों के समझाने के दौरान उनकी कई बार उनसे नोकझोंक हुई। जाम लगता देखकर छह थानों के फोर्स के साथ-साथ पीएसी की एक कंपनी भी बुला ली गई।
बच्ची के पिता ने तहरीर देकर आसाराम पर लगाया था आरोप
बच्ची अंशु के पिता अनूप ने शुक्रवार सुबह ही थाना पहुंचकर पुलिस को एक और तहरीर दी थी जिसमें उसने गांव के ही आसाराम और गिरवर पर हत्या का आरोप लगाया था। इसके बाद पुलिस गन्ने की बुआई कर रहे आसाराम को पूछताछ के लिए थाने ले गई थी।
बच्ची अंशु की हत्या के मामले में पुलिस पर दस साल के बच्चे रोहित को भी पीटने का आरोप लगा है। नाबालिग की हालत गंभीर होने पर उसे मोतीपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया। बच्चे का पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह कह रहा है कि सही बात बताने पर भी पुलिस ने उसे छड़ी से पीटा। रोहित ने यह भी बताया कि पुलिस कह रही है कि उसके मम्मी-पापा ने अंशु को मारा है और चाचा ने उसका शव झाड़ियों में फेंका है। रोहित ने यह भी बताया कि पुलिस ने उसके पापा को भी पीटा है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं, विसरा सुरक्षित
शनिवार अपराह्न आसाराम के शव का पोस्टमार्टम तीन डॉक्टरों के पैनल से कराया गया। इस दौरान वीडियो रिकार्डिंग भी की गई। एसपी गणेश प्रसाद साहा ने बताया कि शव पर कहीं भी चोट के निशान नहीं पाए गए हैं। फिलहाल मौत का कारण स्पष्ट न होने की चलते विसरा सुरक्षित किया गया है।