Lakhimpur Kheri: जयंती पर गूंजे बाबा साहब आंबेडकर के विचार, कलक्ट्रेट में डीएम ने अर्पित किए श्रद्धा सुमन
भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती पर लखीमपुर खीरी में श्रद्धा, सम्मान और संकल्प का अनुपम दृश्य देखने को मिला। जिला मुख्यालय से लेकर जनपद की सभी तहसीलों और ब्लॉक मुख्यालयों पर विविध कार्यक्रम हुए। लोगों ने डॉ. भीमराव आंबेडकर को याद कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
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लखीमपुर खीरी में संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती मंगलवार को जिलेभर में मनाई गई। इस अवसर पर जिला मुख्यालय सहित सभी तहसीलों और ब्लॉक मुख्यालयों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें अधिकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों ने भाग लेकर बाबा साहब को श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
जिला मुख्यालय पर कलक्ट्रेट स्थित अटल सभागार में मुख्य कार्यक्रम हुआ। जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने डॉ. आंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्प अर्पित किए। उन्होंने कहा कि संविधान निर्माता ने समाज को मुख्य धारा में जोड़ा और संविधान निर्माण में उनका योगदान अविस्मरणीय है। जिलाधिकारी ने डॉ. आंबेडकर के बताए मार्ग पर चलकर समाज के निर्माण और प्रगति का आह्वान किया। अपर जिलाधिकारी नरेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि डॉ. आंबेडकर केवल संविधान निर्माता ही नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और मानवाधिकारों के सशक्त प्रहरी थे।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी न्यायिक ब्रजपाल सिंह, उप जिलाधिकारी युगांतर त्रिपाठी, अर्चना ओझा, शुभेंदु शेखर, उप जिला विपणन अधिकारी नमन पाण्डेय, सहायक श्रमायुक्त मयंक सिंह और प्रशासनिक अधिकारी सहित कई अधिकारी व गणमान्यजन उपस्थित रहे। सभी ने डॉ. आंबेडकर के विचारों को याद करते हुए उनके योगदान को नमन किया।
जिलेभर में आयोजन
जनपद की सभी तहसीलों और ब्लॉक मुख्यालयों पर भी डॉ. आंबेडकर जयंती के कार्यक्रम हुए। इन आयोजनों में प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों ने भाग लिया। इन स्थानों पर भी बाबा साहब की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। वक्ताओं ने डॉ. आंबेडकर के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर दिया।
खमरिया पंडित में रैली
ग्राम पंचायत खमरिया पंडित में डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती पर एक रैली का आयोजन किया गया। इस रैली में ग्रामीणों, युवाओं और बच्चों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। प्रतिभागियों ने झंडे और बैनर लेकर सामाजिक समानता, शिक्षा और संविधान के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। सुरक्षा के लिए पुलिस प्रशासन भी मौजूद रहा। वक्ताओं ने बाबा साहब के जीवन और संघर्षों पर प्रकाश डाला।