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नर सेवा नारायण सेवा को चरित्रार्थ कर रहे समाजसेवी
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लखीमपुर खीरी। लॉकडाउन में क्वारंटीन सेंटर में रखे गए लोगों और गरीब परिवारों को भोजन कराने के लिए लगातार समाजसेवी आगे आ रहे हैं। समाजसेवियों की एक ही मंशा है कि कोई भी जरूरतमंद भूखा न रहे। समाजसेवियों का कहना है कि नर सेवा ही नारायण सेवा है।
जिला प्रशासन के सहयोग से अमर उजाला फाउंडेशन के राहत शिविर में 41 लोग क्वारंटीन हैं। इनका जिला प्रशासन की ओर से रोजाना स्वास्थ्य परीक्षण होता है तो वहीं समाजसेवी उनके चाय नाश्ता और खाने की व्यवस्था कर रहे हैं। समाजेवी रमेश अग्रवाल, इंद्रेश गुप्ता, रितुराज बाजपेई, गायत्री परिवार के अनुराग मौर्या का कहना है कि भूखे को भोजन करना सबसे बड़ा पुण्य है। ऊपर वाले की कृपा से जरूरतमंदों की सेवा कर रहा हूं, क्योकि नर सेवा को ही नारायण सेवा कहा गया है। हमारी मंशा भी यही है कि सुबह भूखे पेट लोग उठे जरूर, लेकिन रात में सोए कोई नहीं।
तहसील में बनी सामुदायिक रसोई
जिला प्रशासन ने भी गरीबों के लिए सामुदायिक रसोई शुरू की है। जहां पर रोजाना चार से पांच सौ तक लंच पैकेट बन रहे हैं। जरूरतमंदों तक लंच पैकेट पहुंचाने की जिम्मेदारी तहसील प्रशासन की है। एसडीएम सदर डॉ. अरुण कुमार सिंह का कहना है कि दोपहर 12 बजे और शाम सात बजे रोडवेज बस अड्डे पर लंच पैकेट वितरित किए जाते हैं।
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जिला प्रशासन के सहयोग से अमर उजाला फाउंडेशन के राहत शिविर में 41 लोग क्वारंटीन हैं। इनका जिला प्रशासन की ओर से रोजाना स्वास्थ्य परीक्षण होता है तो वहीं समाजसेवी उनके चाय नाश्ता और खाने की व्यवस्था कर रहे हैं। समाजेवी रमेश अग्रवाल, इंद्रेश गुप्ता, रितुराज बाजपेई, गायत्री परिवार के अनुराग मौर्या का कहना है कि भूखे को भोजन करना सबसे बड़ा पुण्य है। ऊपर वाले की कृपा से जरूरतमंदों की सेवा कर रहा हूं, क्योकि नर सेवा को ही नारायण सेवा कहा गया है। हमारी मंशा भी यही है कि सुबह भूखे पेट लोग उठे जरूर, लेकिन रात में सोए कोई नहीं।
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तहसील में बनी सामुदायिक रसोई
जिला प्रशासन ने भी गरीबों के लिए सामुदायिक रसोई शुरू की है। जहां पर रोजाना चार से पांच सौ तक लंच पैकेट बन रहे हैं। जरूरतमंदों तक लंच पैकेट पहुंचाने की जिम्मेदारी तहसील प्रशासन की है। एसडीएम सदर डॉ. अरुण कुमार सिंह का कहना है कि दोपहर 12 बजे और शाम सात बजे रोडवेज बस अड्डे पर लंच पैकेट वितरित किए जाते हैं।
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