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मारपीट को लेकर गंभीर होती पुलिस तो टल सकती थी हत्या
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लक्ष्मीनगर कॉलोनी में मृतक के घर सांत्वना देने पहुंचे लोग।
- फोटो : LAKHIMPUR
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गोला गोकर्णनाथ। मोहल्ला लक्ष्मीनगर कॉलोनी निवासी अमन बाजपेई हत्याकांड में पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। हत्यारोपी की तहरीर पर पुलिस ने एनसीआर तो दर्ज की, लेकिन घटना को काफी हल्के में लिया। पुलिस यदि गंभीर हो जाती तो दोनों पक्षों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई करती तो शायद घटना टल सकती थी।
गुरुवार की रात मोहल्ला लक्ष्मीनगर निवासी एलएलबी के द्वितीय वर्ष के छात्र अमन बाजपेई (26) की संपत्ति विवाद में उसके ही सौतेले चाचा कुलदीप बाजपेई ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इससे नगर में सनसनी फैल गई थी। बताते हैं कि कुलदीप बाजपेई और अमन बाजपेई के पिता विजय बाजपेई के बीच संपत्ति को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था। हत्या से करीब तीन घंटे पूर्व भी विवाद और मारपीट हुई थी। पुलिस ने कुलदीप की ओर से अमन बाजपेई और उसके पिता विजय बाजपेई के खिलाफ तहरीर ली थी। पुलिस ने रात करीब 11.25 पर मारपीट की एनसीआर दर्ज की थी, लेकिन मारपीट की घटना के बाद भी पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। न ही दूसरे पक्ष को बुलाकर कोई निरोधात्मक कार्रवाई की। उसका नतीजा यह रहा कि रात करीब 11.15 बजे कुलदीप ने अमन की गोली मारकर हत्या कर दी। माना जा रहा है कि पुलिस यदि घटना के बाद सक्रिय हो जाती और दूसरे पक्ष को थाने पर बुला लेती तो शायद यह घटना होने से टल सकती थी।
मोहल्ले में पसरा मातमी सन्नाटा
अमन बाजपेई की हत्या से नगरवासी स्तब्ध हैं। शनिवार को भी मोहल्ले में मातम छाया रहा। मृतक के परिवार वालों को सांत्वना देने के लिए नगर वासियों का आना जाना लगा रहा।
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नानक चौकी पर नहीं मिलते पुलिसकर्मी
मृतक अमन के परिवार वालों और मोहल्ले वासियों को कहना है कि अधिकतर लखीमपुर रोड स्थित नानक चौकी कार्यालय में ताला पड़ा रहता है। कोई मुसीबत पड़ जाए तो पुलिसकर्मी चौकी पर मिलते ही नहीं। यही कारण है कि लखीमपुर रोड पर अक्सर आपराधिक घटनाएं होती रहती हैं।
जिस समय कुलदीप ने तहरीर दी थी। उसी समय दो सिपाही अमन के घर पर भेजे गए थे, लेकिन कोई घर पर नहीं मिला था। कुछ देर बाद ही घटना हो गई। पुलिस को निरोधात्मक कार्रवाई करने का मौका ही नहीं मिल सका। नानक चौकी पर हर समय पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं। ऐसा कभी नहीं हुआ कि जब चौकी पर पुलिस न हो।
अनिल कुमार, प्रभारी निरीक्षक गोला
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गुरुवार की रात मोहल्ला लक्ष्मीनगर निवासी एलएलबी के द्वितीय वर्ष के छात्र अमन बाजपेई (26) की संपत्ति विवाद में उसके ही सौतेले चाचा कुलदीप बाजपेई ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इससे नगर में सनसनी फैल गई थी। बताते हैं कि कुलदीप बाजपेई और अमन बाजपेई के पिता विजय बाजपेई के बीच संपत्ति को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था। हत्या से करीब तीन घंटे पूर्व भी विवाद और मारपीट हुई थी। पुलिस ने कुलदीप की ओर से अमन बाजपेई और उसके पिता विजय बाजपेई के खिलाफ तहरीर ली थी। पुलिस ने रात करीब 11.25 पर मारपीट की एनसीआर दर्ज की थी, लेकिन मारपीट की घटना के बाद भी पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। न ही दूसरे पक्ष को बुलाकर कोई निरोधात्मक कार्रवाई की। उसका नतीजा यह रहा कि रात करीब 11.15 बजे कुलदीप ने अमन की गोली मारकर हत्या कर दी। माना जा रहा है कि पुलिस यदि घटना के बाद सक्रिय हो जाती और दूसरे पक्ष को थाने पर बुला लेती तो शायद यह घटना होने से टल सकती थी।
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मोहल्ले में पसरा मातमी सन्नाटा
अमन बाजपेई की हत्या से नगरवासी स्तब्ध हैं। शनिवार को भी मोहल्ले में मातम छाया रहा। मृतक के परिवार वालों को सांत्वना देने के लिए नगर वासियों का आना जाना लगा रहा।
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नानक चौकी पर नहीं मिलते पुलिसकर्मी
मृतक अमन के परिवार वालों और मोहल्ले वासियों को कहना है कि अधिकतर लखीमपुर रोड स्थित नानक चौकी कार्यालय में ताला पड़ा रहता है। कोई मुसीबत पड़ जाए तो पुलिसकर्मी चौकी पर मिलते ही नहीं। यही कारण है कि लखीमपुर रोड पर अक्सर आपराधिक घटनाएं होती रहती हैं।
जिस समय कुलदीप ने तहरीर दी थी। उसी समय दो सिपाही अमन के घर पर भेजे गए थे, लेकिन कोई घर पर नहीं मिला था। कुछ देर बाद ही घटना हो गई। पुलिस को निरोधात्मक कार्रवाई करने का मौका ही नहीं मिल सका। नानक चौकी पर हर समय पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं। ऐसा कभी नहीं हुआ कि जब चौकी पर पुलिस न हो।
अनिल कुमार, प्रभारी निरीक्षक गोला