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जिला अस्पताल: सभी वार्ड हो गए शिफ्ट, जमीदोज होगीं यादें

Mon, 23 May 2022 12:48 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 23 May 2022 12:48 AM IST
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All wards shifted, now district hospital will be demolished soon
आईसीयू वार्ड से सामान ले जाते श्रमिक।
आज से मोतीपुर स्थित मातृ एवं शिशु कल्याण अस्पताल में मरीज देखे और होंगे भर्ती
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लखीमपुर खीरी। आईसीयू वार्ड शिफ्ट होने के बाद रविवार को जिला अस्पताल पूरी तरह से खाली हो गया। जल्द ही इसे गिराने का काम शुरू होगा। जिला अस्पताल का पुराना भवन गिरने से उन तमाम लोगों की यादें भी जमींदोज हो जाएंगी, जिन्होंने अपनों की स्मृति में कभी वार्ड का निर्माण कराया था। यहां बता दें कि सोमवार को मोतीपुर स्थित मातृ एवं शिशु कल्याण अस्पताल में मरीज देखे और भर्ती किए जाएंगे।
रविवार को आईसीयू वार्ड में भर्ती उल्टी-दस्त और बुखार पीड़ित बच्चों की छुट्टी कर सामान मोतीपुर के अस्पताल भिजवा दिया गया। अब मोतीपुर के नवनिर्मित अस्पताल में ही जिला अस्पताल चलेगा। इसके लिए समस्त स्टाफ को सोमवार से वहां पर ड्यूटी के निर्देश जारी किए जा चुके हैं। वहीं जिला अस्पताल में सिर्फ इमरजेंसी ओपीडी होने के साथ गंभीर मरीज भर्ती किए जाएंगे। फिलहाल अभी कुछ दिन तक एक्सरे और अल्ट्रासाउंड जिला अस्पताल में होते रहेंगे। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि पूरा अस्पताल शिफ्ट हो गया है । सोमवार से मोतीपुर स्थित अस्पताल में ही ओपीडी होगी।
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इमरजेंसी चलाना कहीं बन न जाए मुसीबत
अस्पताल प्रशासन ने जिला अस्पताल में ही इमरजेंसी ओपीडी एवं गंभीर मरीजों को भर्ती करने का निर्णय लिया है। इससे स्टाफ की चिंताएं बढ़ गई हैं। उनका कहना है कि गंभीर स्थिति में आने वाले तमाम मरीज ऐसे होते हैं, जिन्हें फिजीशियन से लेकर स्पेशलिस्ट को दिखाने और जरूरी जांच कराने की आवश्यकता होती है। समस्त स्टाफ और लैब मोतीपुर में होने से इसमें दिकक्त आएगी, जिससे आए दिन विवाद की स्थिति बनेगी। इसलिए इमरजेंसी को भी वहीं पर शिफ्ट करना ही मुनासिब होगा।
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गयादीन की स्मृति में 1975 में बना था वीआईपी वार्ड
जिला अस्पताल का पुराना भवन अंग्रेजों के समय का है। पुरानी इमरजेंसी जिस जगह चलती थी वह अंग्रेेजों के जमाने का कोर्ट प्रतीत होती है। वहीं अस्पताल में शुरू होने के जब वार्ड के लिए कमरे कम पड़ गए तो स्वर्गीय गयादीन गुप्ता एवं उनकी धर्मपत्नी की याद में उनके पुत्रों ने 26 जनवरी 1975 में वीआईपी वार्ड का निर्माण कराकर यह सोचकर पत्थर लगवाया होगा कि सदियों तक माता-पिता का नाम रहेगा। मगर, जर्जर भवन के टूटने के साथ इनकी ये यादें भी जमींदोज हो जाएंगी।

रविवार को आईसीयू वार्ड के सामान और बेड मातृ एवं शिशु कल्याण अस्पताल भिजवा दिए गए। सोमवार से वहीं पर ओपीडी शुरू होगी। एक दो दिन में मशीनें फिट हो जाएंगी। इसके बाद बच्चों को भर्ती किया जाना लगेगा।
- डॉ. मदन लाल, सीएमएस जिला अस्पताल
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