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प्राइवेट प्रैक्टिस के आरोपी डॉक्टर को हटाया गया
लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 01 Feb 2015 10:26 PM IST
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सरकारी अस्पतालों में मरीज देखने के बजाय डॉक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस कर कमाई में जुटे हैं। अस्पतालों में डॉक्टर न मिलने पर मजबूरन मरीज इनके चंगुल में फंसते हैं। ऐसे ही एक मामले में गोला सीएचसी में तैनात एक डॉक्टर के विरुद्ध कार्रवाई हुई है। सीएमओ डॉ. वीएस चौहान ने गोला सीएचसी में तैनात डॉक्टर का तबादला रमियाबेहड़ कर दिया है।
बता दें कि मोहल्ला नई बस्ती निवासी शारिफ खान ने गोला सीएचसी पर तैनात डॉ. विमल सिंह के खिलाफ प्राइवेट प्रैक्टिस करने की शिकायत की थी। शिकायत के साथ बतौर साक्ष्य बनाई गई वीडियो क्लिप भी संलग्न की थी। इसके बाद सीएमओ डॉ. वीएस चौहाने ने अपर मुख्यचिकित्साधिकारी डॉ. बलवीर सिंह को जांच सौंपी थी। कई दिनों तक चली जांच के बाद अपर मुख्यचिकित्साधिकारी ने आरोपों की पुष्टि करते हुए रिपोर्ट सीएमओ को सौंपी थी। बताते चलें कि शिकायतकर्ता शारिफ ने अगस्त 2014 में शिकायत की थी, जिसके बाद कई महीने तक मामले को टालने के प्रयास विभागीय अधिकारियों ने किए। इस बीच शिकायतकर्ता ने कार्रवाई न होने पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के विशेष सचिव से लेकर आला अधिकारियों से शिकायत की। लिहाजा दबाव बढ़ता देखकर सीएमओ ने आरोपी डॉ. विमल सिंह का तबादला रमियाबेहड़ सीएचसी कर दिया है। इसकी पुष्टि करते हुए अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बलवीर सिंह ने बताया कि आर्डर हो गया है, लेकिन अभी ज्वाइन नहीं किया है।
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बता दें कि मोहल्ला नई बस्ती निवासी शारिफ खान ने गोला सीएचसी पर तैनात डॉ. विमल सिंह के खिलाफ प्राइवेट प्रैक्टिस करने की शिकायत की थी। शिकायत के साथ बतौर साक्ष्य बनाई गई वीडियो क्लिप भी संलग्न की थी। इसके बाद सीएमओ डॉ. वीएस चौहाने ने अपर मुख्यचिकित्साधिकारी डॉ. बलवीर सिंह को जांच सौंपी थी। कई दिनों तक चली जांच के बाद अपर मुख्यचिकित्साधिकारी ने आरोपों की पुष्टि करते हुए रिपोर्ट सीएमओ को सौंपी थी। बताते चलें कि शिकायतकर्ता शारिफ ने अगस्त 2014 में शिकायत की थी, जिसके बाद कई महीने तक मामले को टालने के प्रयास विभागीय अधिकारियों ने किए। इस बीच शिकायतकर्ता ने कार्रवाई न होने पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के विशेष सचिव से लेकर आला अधिकारियों से शिकायत की। लिहाजा दबाव बढ़ता देखकर सीएमओ ने आरोपी डॉ. विमल सिंह का तबादला रमियाबेहड़ सीएचसी कर दिया है। इसकी पुष्टि करते हुए अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बलवीर सिंह ने बताया कि आर्डर हो गया है, लेकिन अभी ज्वाइन नहीं किया है।
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