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36 घंटे बाद स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल खत्म
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Wed, 21 Sep 2016 11:22 PM IST
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हड़ताल
- फोटो : अमर उजाला
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ज्वाइंट मजिस्ट्रेट से एक कर्मचारी नेता की हुई झड़प, बुधवार को प्रशासन के हाथ में रही अस्पताल की कमान
डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एसोसिएशन संवर्ग की अनिश्चितकालीन हड़ताल करीब 36 घंटे बाद बुधवार को खत्म हो गई, लेकिन इससे पहले हाई वोल्टेज ड्रामे ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सैमुअल पाल की त्योरियां चढ़ा दीं। नई बिल्डिंग और पुरुष अस्पताल के दवा वितरण केंद्र की चाबी लेने के लिए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट धरनास्थल पर पहुंचे, जहां पर फार्मेसिस्ट संगठन के अध्यक्ष डॉ एके कनौजिया से उनकी तीखी नोंकझोंक हो गई। कर्मचारियों ने अस्पताल की चाबियां नहीं सौंपी, जिस पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने कोतवाल को फोन से दोषियों पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। इसके कुछ देर बाद संगठन ने प्रांतीय आह्वान पर हड़ताल समाप्त करने की घोषणा करते हुए चाबियों सौंप दीं और काम पर लौट आए। जिला अस्पताल सहित सीएचसी में काम-काज सुचारू होने का दावा विभागीय अधिकारी कर रहे हैं।
कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा के प्रांतीय आह्वान पर जिले के फार्मासिस्ट, नर्स, आप्टोमेटिस्ट, लैब टेक्नीशियन, मलेरिया और फाइलेरिया संघ ने सोमवार की रात से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करते हुए इमरजेंसी एवं पोस्टमार्टम सेवाएं बंद करा दी थी, जिससे जिला एवं महिला अस्पताल के साथ ही सीएचसी, पीएचसी में मरीजों में हाय तौबा मच गई थी। पूरे दिन अस्पताल में मचे हाहाकार के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार करते हुुए जिला एवं महिला अस्पताल की कमान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं एसडीएम सदर सैमुअल पाल को सौंप दी। उन्होंने मंगलवार की शाम को ही जिला अस्पताल पहुंचकर इमरजेंसी सेवा शुरू करा दी थीं। वहीं बुधवार को उन्होंने महिला अस्पताल में पर्चा काउंटर खुलवाने के साथ ही नए भवन का ताला खुलवाकर स्वास्थ्य सेवाएं शुरू कराईं। हालांकि दोपहर तक मरीजों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। खासकर कुछ कमरों में पड़े तालों की चाबियां कर्मचारी अपने साथ ले गए थे, जिसकी जानकारी होने पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट विलोबी मेमोरियल परिसर में चल रहे धरनास्थल पर पहुंचे। यहां पर डिप्लोमा फार्मेसिस्ट संघ के अध्यक्ष की ज्वाइंट मजिस्ट्रेट से तकरार हो गई, जिससे माहौल गर्म हो गया। इस पर ज्वाइंट मैजिस्ट्रेट ने कोतवाल को दोषियों पर कार्रवाई के मौखिक निर्देश दे दिए। कोतवाल रामजी चौधरी ने कहा कि अभी लिखित तहरीर नहीं मिली जिससे एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।
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दवा वितरण कक्ष खुलने तक डटे रहे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट
महिला अस्पताल के कक्ष का ताला खुलवाने के बाद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सैमुअल पाल जिला अस्पताल जा पहुंचे। यहां पर भी दवा वितरण काउंटर खुला ने देखकर नाराजगी जताई और इसके जिम्मेदार को चाबी देने के लिए फोन किया। हालांकि चाबी आने से पहले ही महंत सिंह ने आकर धरना समाप्त होने की जानकारी दी, जिसके बाद दोपहर 1.10 पर दवा वितरण कक्ष का ताला भी खुल गया, जिसके बाद फार्मासिस्ट डॉ.सज्जन कुुमार, डॉ.सुुनीता गुप्ता ने दवा बांटनी शुरू की।
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जिला प्रशासन ने मरीजों को कोई दिक्तत न हो इसके लिए जिला अस्पताल और महिला अस्पताल की कमान अपने हाथ में ले ली थी। पूरे दिन ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सैमुअल पाल दोनों जगह बने रहे। इस दौरान महिला अस्पताल में करीब तीन सौ और जिला अस्पताल में करीब 1200 पर्चे बने। साथ ही पैथोलॉजी में सात टेस्ट भी हुए।
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विलोबी मैदान पर किया धरना-प्रदर्शन
लखीमपुर खीरी। बुधवार को जिला अस्पताल के धरनास्थल पर लगे पंडाल को उखड़ा देखकर डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एसोसिएशन, लैब टेक्नीशियन और आप्टोमेटिस्ट के पदाधिकारियों ने जिला अस्पताल के बजाय विलोबी मैदान पर धरना प्रदर्शन किया। जबकि विभागीय अधिकारियों ने एस्मा लागू होने की बात कहते हुए धरना प्रदर्शन समाप्त करने की मांग की। इसी दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट से तकरार के बाद प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तारी का डर सताने लगा, जिस पर पदाधिकारियों ने पहले धरना स्थल को बदलने में ही अपनी भलाई समझी। वहीं दोपहर बाद करीब एक बजे धरना समाप्त करने की घोषणा कर दी।
इधर, डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एसोसिएशन के मंत्री डॉ.अनिल कुमार ने बताया कि प्रांतीय नेतृत्व एवं शासन के मध्य हुए सकारात्मक वार्ता के बाद धरना समाप्त हो गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष डॉ.संदीप बडोला के निर्देश पर जिले के सभी फार्मेसिस्ट तथा संवर्ग के अधिकारी अपने काम पर लौट आए हैं। आकस्मिक, पोस्टमार्टम, दवा वितरण काउंटर और आपरेशन रूम में दवाओं की आपूर्ति शुरू कर दी गई।
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डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एसोसिएशन संवर्ग की अनिश्चितकालीन हड़ताल करीब 36 घंटे बाद बुधवार को खत्म हो गई, लेकिन इससे पहले हाई वोल्टेज ड्रामे ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सैमुअल पाल की त्योरियां चढ़ा दीं। नई बिल्डिंग और पुरुष अस्पताल के दवा वितरण केंद्र की चाबी लेने के लिए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट धरनास्थल पर पहुंचे, जहां पर फार्मेसिस्ट संगठन के अध्यक्ष डॉ एके कनौजिया से उनकी तीखी नोंकझोंक हो गई। कर्मचारियों ने अस्पताल की चाबियां नहीं सौंपी, जिस पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने कोतवाल को फोन से दोषियों पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। इसके कुछ देर बाद संगठन ने प्रांतीय आह्वान पर हड़ताल समाप्त करने की घोषणा करते हुए चाबियों सौंप दीं और काम पर लौट आए। जिला अस्पताल सहित सीएचसी में काम-काज सुचारू होने का दावा विभागीय अधिकारी कर रहे हैं।
कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा के प्रांतीय आह्वान पर जिले के फार्मासिस्ट, नर्स, आप्टोमेटिस्ट, लैब टेक्नीशियन, मलेरिया और फाइलेरिया संघ ने सोमवार की रात से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करते हुए इमरजेंसी एवं पोस्टमार्टम सेवाएं बंद करा दी थी, जिससे जिला एवं महिला अस्पताल के साथ ही सीएचसी, पीएचसी में मरीजों में हाय तौबा मच गई थी। पूरे दिन अस्पताल में मचे हाहाकार के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार करते हुुए जिला एवं महिला अस्पताल की कमान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं एसडीएम सदर सैमुअल पाल को सौंप दी। उन्होंने मंगलवार की शाम को ही जिला अस्पताल पहुंचकर इमरजेंसी सेवा शुरू करा दी थीं। वहीं बुधवार को उन्होंने महिला अस्पताल में पर्चा काउंटर खुलवाने के साथ ही नए भवन का ताला खुलवाकर स्वास्थ्य सेवाएं शुरू कराईं। हालांकि दोपहर तक मरीजों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। खासकर कुछ कमरों में पड़े तालों की चाबियां कर्मचारी अपने साथ ले गए थे, जिसकी जानकारी होने पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट विलोबी मेमोरियल परिसर में चल रहे धरनास्थल पर पहुंचे। यहां पर डिप्लोमा फार्मेसिस्ट संघ के अध्यक्ष की ज्वाइंट मजिस्ट्रेट से तकरार हो गई, जिससे माहौल गर्म हो गया। इस पर ज्वाइंट मैजिस्ट्रेट ने कोतवाल को दोषियों पर कार्रवाई के मौखिक निर्देश दे दिए। कोतवाल रामजी चौधरी ने कहा कि अभी लिखित तहरीर नहीं मिली जिससे एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।
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दवा वितरण कक्ष खुलने तक डटे रहे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट
महिला अस्पताल के कक्ष का ताला खुलवाने के बाद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सैमुअल पाल जिला अस्पताल जा पहुंचे। यहां पर भी दवा वितरण काउंटर खुला ने देखकर नाराजगी जताई और इसके जिम्मेदार को चाबी देने के लिए फोन किया। हालांकि चाबी आने से पहले ही महंत सिंह ने आकर धरना समाप्त होने की जानकारी दी, जिसके बाद दोपहर 1.10 पर दवा वितरण कक्ष का ताला भी खुल गया, जिसके बाद फार्मासिस्ट डॉ.सज्जन कुुमार, डॉ.सुुनीता गुप्ता ने दवा बांटनी शुरू की।
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जिला प्रशासन ने मरीजों को कोई दिक्तत न हो इसके लिए जिला अस्पताल और महिला अस्पताल की कमान अपने हाथ में ले ली थी। पूरे दिन ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सैमुअल पाल दोनों जगह बने रहे। इस दौरान महिला अस्पताल में करीब तीन सौ और जिला अस्पताल में करीब 1200 पर्चे बने। साथ ही पैथोलॉजी में सात टेस्ट भी हुए।
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विलोबी मैदान पर किया धरना-प्रदर्शन
लखीमपुर खीरी। बुधवार को जिला अस्पताल के धरनास्थल पर लगे पंडाल को उखड़ा देखकर डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एसोसिएशन, लैब टेक्नीशियन और आप्टोमेटिस्ट के पदाधिकारियों ने जिला अस्पताल के बजाय विलोबी मैदान पर धरना प्रदर्शन किया। जबकि विभागीय अधिकारियों ने एस्मा लागू होने की बात कहते हुए धरना प्रदर्शन समाप्त करने की मांग की। इसी दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट से तकरार के बाद प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तारी का डर सताने लगा, जिस पर पदाधिकारियों ने पहले धरना स्थल को बदलने में ही अपनी भलाई समझी। वहीं दोपहर बाद करीब एक बजे धरना समाप्त करने की घोषणा कर दी।
इधर, डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एसोसिएशन के मंत्री डॉ.अनिल कुमार ने बताया कि प्रांतीय नेतृत्व एवं शासन के मध्य हुए सकारात्मक वार्ता के बाद धरना समाप्त हो गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष डॉ.संदीप बडोला के निर्देश पर जिले के सभी फार्मेसिस्ट तथा संवर्ग के अधिकारी अपने काम पर लौट आए हैं। आकस्मिक, पोस्टमार्टम, दवा वितरण काउंटर और आपरेशन रूम में दवाओं की आपूर्ति शुरू कर दी गई।