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प्रशासन का दावा- कोरोना से एक महीने में 93 मौतें, मुक्तिधाम के रिकार्ड में 600 से ज्यादा दाह संस्कार

Tue, 18 May 2021 02:01 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 18 May 2021 02:01 AM IST
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Administration claims - 93 deaths in one month from Corona, more than 600 cremation records in Muktidham
सेठघाट मुक्तिधाम - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

हकीकत

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  • मुक्तिधाम में 600 से ज्यादा दाह संस्कार

  • नगर पालिका ने बनाए 123 मृत्यु प्रमाण पत्र

लखीमपुर खीरी। कोरोना की दूसरी लहर ने 15 अप्रैल से कहर बरपाना शुरू किया तो संक्रमण की चपेट में आने से कई लोग असमय मौत का शिकार हो गए। पिछले एक माह में सेठघाट मुक्तिधाम पर 600 से ज्यादा लोगों का अंतिम संस्कार हुआ, जिसमें संक्रमित शवों की संख्या 100 से अधिक बताई जाती है। उधर, नगर पालिका ने एक महीने में 123 मृत्यु प्रमाण पत्र बनाए। वहीं प्रशासन का कहना है कि एक महीने में कोरोना से केवल 93 मौतें हुई हैं, जबकि बाकी मौतें कैसे हुईं, किसी को कुछ पता नहीं।
गत वर्ष की अपेक्षा पिछले एक माह में कोरोना और सांस की दिक्कत ने जमकर कहर बरपाया। जिला अस्पताल में जहां इलाज कराने के लिए तीमारदारों को इंतजार करना पड़ता था तो वहीं सेठघाट मुक्तिधाम में शवों का अंतिम संस्कार करने के लिए लकड़ियां तक नहीं मिलती थीं। कोरोना के बेहद रौद्र रूप से पिछले एक माह में सैकड़ों लोगों ने अपनी जाने गवां दी, जिसका प्रमाण मुक्ति धाम के लोग और वहां का रजिस्टर दे रहा है, जिस पर अब तक करीब 600 से ज्यादा के अंतिम संस्कार का ब्योरा दर्ज है। जिला प्रशासन का कहना है कि 15 अप्रैल से 16 मई के बीच 93 मौतें हुई हैं। आंकड़ों में बाकी मौतें कैसे हुईं, इसका कहीं कोई जिक्र न तो प्रशासन के पास है और न ही नगर पालिका के पास।
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सौ से ज्यादा संक्रमितों का हुआ अंतिम संस्कार

मुक्तिधाम के लोगों के मुताबिक, 14 से 20 अप्रैल तक 10-12, 21 से 30 अप्रैल तक 30-35 और एक से 10 मई तक 17-18 एवं 10 से 16 मई तक रोजाना सात- आठ शवों का अंतिम संस्कार हुआ है। इस तरह करीब 600 अंतिम संस्कार हुए, जिसमें करीब सौ सवा सौ शव कोविड के थे। इनकी पहचान पैक होकर आने और प्रोटोकॉल के तहत क्रियाकर्म होने से हुई।
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सरकारी आंकड़ों में कोविड से मौतें

  • 27 अप्रैल- शून्य
  • 28 अप्रैल- एक
  • 29 अप्रैल-एक
  • 30 अप्रैल-दो
  • एक मई- शून्य
  • दो मई- एक
  • तीन मई- दो
  • चार मई- आठ
  • पांच मई- 12
  • छह मई- शून्य
  • सात मई-सात
  • आठ मई- सात
  • नौ मई-आठ
  • 10 मई- तीन
  • 11 मई- आठ
  • 12 मई-सात
  • 13 मई- पांच
  • 14 मई-शून्य
  • 15 मई-पांच
  • 16 मई- शून्य

नगर पालिका ने बनाए 123 मृत्यु प्रमाण पत्र

नगर पालिका में एक अप्रैल से 16 मई तक 193 लोगों ने मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया, जिसमें 123 लोगों को ही प्रमाण पत्र जारी किये गये हैं, जबकि अन्य लोगों के प्रस्तावित हैं। नगर पालिका प्रशासन का कहना है कि कोविड ड्यूटी लगने के कारण प्रमाण पत्र बनाने में देरी हो रही है।

21 दिन के भीतर करें आवेदन

मृत्यु प्रमाण पत्र का पटल देख रहे अभय सक्सेना बताते हैं कि प्रमाण पत्र के लिए मौत होने के 21 दिन के अंदर आवेदन करना होता है। इसके बाद नोटरी का शपथ पत्र देना होता है। इसके लिए आवेदन करने वाले को मृतक की फोटो व आईडी के साथ अपनी फोटो व आईडी देनी होती है।

14 अप्रैल से कोरोना कहर बरपा रहा है। रोजाना 15 से 20 तो किसी किसी दिन 25 से 30 शवों की अंत्येष्टि हुई है। ऐसा कोई दिन नहीं हुआ, जिस दिन शील पैक शव न आए हों। सबसे ज्यादा पैक 12 शवों का अंतिम संस्कार 27 अप्रैल को हुुुआ। इन सबकी अंत्येष्टि कोविड प्रोटोकॉल के तहत हुई। - अशोक कुुमार द्विवेदी, महापंडित, सेठघाट मुक्तिधाम

एक अप्रैल से 17 मई तक 123 मृत्यु प्रमाण पत्र जारी हुए हैं। निरंतर आवेदन भी रहे हैं। मृत्यु प्रमाण लेने में किसी आवेदनकर्ता का कोई दिक्कत न हो इसके लिए पटल लिपिक को निर्देशित किया गया है। आवेदन मौत होने के 21 दिन के अंदर अवश्य कर देना चाहिए। - आरआर अंबेष, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका लखीमपुर

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